कड़ी सुरक्षा के बीच अली अहमद प्रयागराज रवाना
झांसी कारागार में बंद अली अहमद को प्रयागराज लाया जा रहा है। प्रयागराज और झांसी पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अली अहमद को झांसी कारागार से प्रयागराज के लिए रवाना कर दिया गया है।
सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है और पूरे ट्रांजिट रूट पर निगरानी रखी जा रही है। अली अहमद के प्रयागराज पहुंचने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
#सुल्तानपुर में एक दलित महिला ने आरोप लगाया कि उसके घर पर गिरे जर्जर महुआ के पेड़ को हटाने के दौरान कुछ लोगों ने उसे पेड़ काटने से रोका, गाली-गलौज की और धमकाया। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर एफआईआर की मांग की है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
ब्रेकिंग न्यूज़ | उमाशंकर सिंह के निधन पर धनंजय सिंह पहुंचे
बलिया के रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन से बहुजन समाज पार्टी में शोक की लहर है।
बसपा सुप्रीमो मायावती जी ने भी उमाशंकर सिंह के निधन पर गहरा दुख जताया है।
वहीं, उमाशंकर सिंह के निधन की सूचना पर बाहुबली नेता धनंजय सिंह लखनऊ स्थित आवास पहुंचे।
धनंजय सिंह ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान उन्होंने उमाशंकर सिंह के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश की जेलों का खाना इससे बेहतर होता है !!
Video यूपी में सीतापुर जिले के सरकारी स्कूल का है। बच्चों को मिड डे मील में इतनी पौष्टिक सब्जी दी जाती है, खुद देखिए...
एंबुलेंस रोककर घायल के परिजनों से लगवाए नारे? वायरल वीडियो ने खड़े किए गंभीर सवाल
नेपाल का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें एक घायल व्यक्ति एंबुलेंस के अंदर तड़पता हुआ नजर आ रहा है। इसी दौरान कुछ लोग कथित तौर पर एंबुलेंस को रोककर घायल के साथ मौजूद परिजनों से ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में परिजन डर के माहौल में ‘जय श्री राम’ बोलते हुए यह कहते भी सुनाई देते हैं कि “हम हिंदू हैं।” इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर घायल व्यक्ति या उसके परिजन मुस्लिम होते, तो क्या उन्हें भी इसी तरह नारे लगाने के लिए मजबूर किया जाता? क्या किसी घायल की जान बचाने से पहले उसकी धार्मिक पहचान पूछी जानी चाहिए?
मानवता और कानून के लिहाज से किसी घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता मिलना सबसे जरूरी है। किसी भी धर्म या पहचान के आधार पर इलाज में बाधा डालना बेहद गंभीर मामला हो सकता है।
हालांकि, वायरल वीडियो नेपाल का ही है या नहीं और वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की पूरी सच्चाई क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए वीडियो से जुड़े दावों को फिलहाल पुष्टि के साथ नहीं, बल्कि वायरल दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
सवाल सिर्फ एक नारे का नहीं, बल्कि इंसान की जान का है—क्या इलाज और मदद पाने से पहले किसी की धार्मिक पहचान जरूरी होनी चाहिए?
प्रयागराज में एक ही कमरे से मिलीं तीन लाशें, हत्या की आशंका से मचा हड़कंप
प्रयागराज। शाहगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक किराये के मकान के कमरे से तीन लोगों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। एक ही कमरे में तीन शव मिलने की सूचना पर पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया।
पुलिस के मुताबिक, मृतकों में शामिल पुरुष के शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जबकि दोनों महिलाओं के शरीर पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए हैं। घटनास्थल से शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं, जिसके बाद पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
सूचना मिलते ही शाहगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। प्रारंभिक जांच में किसी विवाद के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी घटना के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
पुलिस मृतकों की पहचान, घटना के पीछे की वजह और वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और घटना की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल एक ही कमरे में तीन शव मिलने की घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।
#prayagraj
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