माननीया बहिन जी द्वारा आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग, EVM और नगीना लोकसभा चुनाव के संबंध में मेरे बारे में कही गई बातों को मैंने सुना।
खैर, बहनजी का लिखित प्रेस नोट कहीं से भी लिखकर आया हो, ले���िन मुझे खुशी इस बात की है कि जो लोग कभी कहते थे, “कौन चंद्रशेखर?”, उन्हें इस देश की जनता ने बता दिया कि हमारे लिए लड़ने वाला, सड़क पर संघर्ष करने वाला चंद्रशेखर कौन है।
मुझे खुशी है कि अब माननीया बहनजी ने यह मान लिया है कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एक बड़ी ताकत बन गई है।
माननीया बहिन जी के प्रति मेरे मन में सदैव सम्मान रहा है। उसी सम्मान के साथ उनसे कहना चाहता हूं कि
नगीना की जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मुझे 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना। मेरे लिए यह केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि नगीना की जनता के भरोसे और प्रेम की जिम्मेदारी है। इस जनादेश के लिए मैं नगीना की जनता का सदैव ऋणी रहूंगा।
चुनाव प्रक्रिया और EVM की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है। मैं स्वयं भी चुनाव प्र��्रिया में अधिकतम पारदर्शिता और मतपत्र से चुनाव की मांग करता रहा हूं। लेकिन नगीना की महान जनता ने जिस प्रेम और विश्वास के साथ मुझे अपना प्रतिनिधि चुना, उस जनादेश को किसी षड्यंत्र से जोड़ने से उन लाखों मतदाताओं की भावना भी आहत होती है, जिन्होंने अपने विवेक से मतदान किया।
मेरी राजनीति किसी व्यक्ति के विरोध पर नहीं, बल्कि बहुजन समाज के सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के सं��र्ष पर आधारित है। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन बहुजन समाज के बीच संवाद, सम्मान और भाईचारा बना रहना चाहिए।
माननीय बहिन जी के प्रति मेरा सम्मान कल भी था, आज भी है और आगे भी सदैव रहेगा। आपके आशीर्वाद की प्रतीक्षा हमेशा रहेगी।
बस अंत में इतना कहना चाहता हूं कि माननीया बहिन जी आपके आशीर्वाद से हमारी पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) है, आजाद समाजवादी पार्टी नहीं।
सादर जय भीम! जय भारत!
Piles 🩸( Haemorrhoids) आजकल बहुत ही सामान्य बीमारी हो गई है। इसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर रहा हूँ।👇
Haemorrhoids जिसे आमतौर पर Piles (मश्शे) के रूप में जाना जाता है, गुदा और निचले मलाशय में सूजी हुई नसें होती हैं।
प्रकार:
1. बाहरी piles : गुदा के आस-पास की त्वचा के नीचे स्थित, ये खुजली, बेचैनी, सूजन और रक्तस्राव का कारण बन सकते हैं।
2. आंतरिक piles: मलाशय के अंदर पाए जाने वाले, ये आम तौर पर मल त्याग के दौरान दर्द रहित रक्तस्राव का कारण बनते हैं और आगे की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे दर्द और जलन हो सकती है।
कारण:
- मल त्याग के दौरान तनाव
- लंबे समय तक बैठे रहना, खासकर शौचालय पर
- लगातार दस्त या क़ब्ज़ी होना
- मोटापा
- गर्भावस्था
- कम फाइबर वाला आहार और कम पानी पीना
- नियमित रूप से भारी वजन उठाना
रोकथाम के उपाय:
Piles की रोकथाम में मुख्य रूप स��� मल को नरम बनाए रखना शामिल है ताकि मल त्याग आसान हो। यहाँ कुछ प्रभावी रणनीतियाँ दी गई हैं: 👇
- अत्यधिक तीखा और मसाले युक्त ख़ान-पान कम करे।
-फाइबर से भरपूर आहार लें।
-अधिक फल, सब्जियाँ और साबुत अनाज खाने में शामिल करें ।
- हाइड्रेटेड रहें: दिन भर में खूब पानी पिएँ ।
- फाइबर सप्लीमेंट्स पर विचार करें ।
- तनाव से बचें ।
- मल त्याग की इच्छा पर तुरंत प्रतिक्रिया दें, रोके नहीं।
-सक्रिय रहें, नियमित व्यायाम कब्ज को रोकने में मदद करता है।
- शौचालय पर समय सीमित करें, अनआवश्यक ज़ोर ना लगाये।
#Health #piles
कभी-कभी मन करता है "बहुजन सेना" बंद कर दूं😓
उनके समाज के लोग गाली देंगे तब भी उनका समाज उनके साथ है !!
यहां "बहुजन सेना टीम" ईमानदारी से काम करे और "बाबा साहब अंबेडकर जी" पर अभद्र टिप्पणी करने वालों को जेल पहुंचाए तब भी सपोर्ट नहीं मिलता !!
SC/ST समाज के पढ़ें लिखे लोग और एडवोकेट्स बस अपना स्वार्थ निकाल रहे है !!
जबकि दूसरे समाज के लोग आर्थिक मदद और एडवोकेट्स कोर्ट कचेहरी तक साथ खड़े रहते है !!
"बाबा साहब अंबेडकर जी" भी कैसे धूर्तो को आजादी देकर गए है जो उनके ही सम्मान की लड़ाई में साथ नहीं देते है🤬🖐️
@SurajKrBauddh@vkjatav84