सिद्धार्थनगर
➡आजाद नगर मोहल्ले में युवाओं पर हमला
➡धारदार हथियार से युवाओं पर जानलेवा हमला
➡फैसल, अजहर और जैनुद्दीन गंभीर घायल
➡बड़का, समीर, गोलू उर्फ रेहान, कई पर आरोप
@siddharthnagpol@dmsid1@Uppolice
सिद्धार्थनगर : आजाद नगर में युवाओं पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला।
हमले में फैसल, अजहर और जैनुद्दीन गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में कराया गया इलाज।
विमल पांडेय की तहरीर पर बड़का, समीर, गोलू उर्फ रेहान, इमरान, अकबर अली समेत अन्य पर आरोप।
आरोप है कि युवकों ने धारदार हथियार से हमला करने के साथ ईंट-पत्थर भी फेंके।
फैसल को बचाने पहुंचे अजहर और जैनुद्दीन पर भी हमला किए जाने का आरोप।
सूचना पर सीओ सदर और पुलिस टीम मौके पर पहुंची, मामले की जांच शुरू।
परिजनों का आरोप—कुछ आरोपियों का आपराधिक इतिहास होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश, पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग।
@Uppolice@siddharthnagpol
आज सुबह @RahulGandhi जी ने कहा कि मोदी जी की Cabinet Meeting में धर्मेन्द्र प्रधान का मंत्रालय बदलने की बात चल रही है
पर चाहे कुछ हो जाए, मोदी जी को धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेना ही पड़ेगा
झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए
The youth of India have started to take our country back from those who tried to suppress their voice… today is the day an undemocratic and oppressive government was forced to bend to the will of the people of India.
To all you boys and girls who stand unflinchingly for what is right. Don’t ever let your spirit be oppressed, you are the soul of our beautiful nation, stay strong and brave always.
कांग्रेस उम्मीदवार #मीनाक्षी_नटराजन का नामांकन रद्द करना लोकतंत्र पर हमला है।
भाजपा विपक्ष से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ पा रही, इसलिए संस्थाओं के सहारे रास्ता साफ करने में लगी है।
लोकतंत्र डर से नहीं, मुकाबले से चलता है।
#लोकतंत्र_की_हत्या#SaveDemocracy#RajyaSabhaElection
@LGIndia@LGUS आपकी service से परेशान हूँ। 22 March को complaint की, engineer आया और machine खोलकर चला गया। 10 दिन से रोज ‘kal ho jayega’ सुन रहे हैं, पर part अभी तक नहीं आया। ये service नहीं, मानसिक उत्पीड़न है। 😡
#LGService#CustomerRights
अभी आपका सर्विस इंजीनियर आया था और आज भी बोल रहा ग़लत सामान आ गया है और फिर बिना बनाये चला गया आख़िर कर क्या रहे है आप लोग 22 march से @LGUS@LGIndia जीना हराम करदिया है
@LGIndia@LGUS आपकी service से परेशान हूँ। 22 March को complaint की, engineer आया और machine खोलकर चला गया। 10 दिन से रोज ‘kal ho jayega’ सुन रहे हैं, पर part अभी तक नहीं आया। ये service नहीं, मानसिक उत्पीड़न है। 😡
#LGService#CustomerRights
Bakwas service harrasment kar rahe @LGUS tum log @LGIndia
Daily tumahara customer care wale senior ko call transfer krte hai aur wo humesha ki tarha baat ek baat bol hai kal ho jayega lekin ho nhi raha
एक तो मुस्लिम सांसद कम हैं, उसपर से सदन में खुलकर बोलने वाले कम हैं, फिर जब कोई सांसद बोलता है उन्हें वक़्त कम मिलता है, ऐसे में @ShayarImran का ये भाषण आपको सुनना चाहिए, थोड़े से वक़्त में उन्होंने जिन बातों को रखा वो शायद कोई और ना रख पाए…
मोदी जी को दो चीज़ों से पक्की नफ़रत है - महात्मा गांधी के विचारों से और गरीबों के अधिकारों से।
मनरेगा, महात्मा गांधी के ग्राम-स्वराज के सपने का जीवंत रूप है - करोड़ों ग्रामीणों की ज़िंदगी का सहारा है, जो कोविड काल में उनका आर्थिक सुरक्षा कवच भी साबित हुआ।
मगर, प्रधानमंत्री मोदी को यह योजना हमेशा खटकती रही, और पिछले दस सालों से इसे कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं। आज वो मनरेगा का नामो-निशान मिटाने पर आमादा है।
मनरेगा की बुनियाद तीन मूल विचारों पर थी
1. रोज़गार का अधिकार - जो भी काम मांगेगा, उसे काम मिलेगा
2. गांव को प्रगति कार्य खुद तय करने की स्वतंत्रता
3. केंद्र सरकार मज़दूरी का पूरा खर्च और समान की लागत का 75% देगी
अब प्रधानमंत्री मोदी इसी मनरेगा को बदलकर सारी ताकत सिर्फ़ अपने हाथों में केंद्रित करना चाहते हैं -
1. बजट, योजनाएं और नियम केंद्र तय करेगा
2. राज्यों को 40% खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा
3. बजट खत्म होते ही या फसल कटाई के मौसम में दो महीने तक किसी को काम नहीं मिलेगा
यह नया बिल महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है - मोदी सरकार ने पहले ही भयंकर बेरोज़गारी से भारत के युवाओं का भविष्य तबाह कर दिया है, और अब ये बिल ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित रोज़ी-रोटी को भी खत्म करने का ज़रिया है।
हम इस जनविरोधी बिल का गांव की गलियों से संसद तक विरोध करेंगे।
The attack on the Chief Justice of India is an assault on the dignity of our judiciary and the spirit of our Constitution.
Such hatred has no place in our nation and must be condemned.
मैं राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूँ, असल में बहुत चिंतित
क्या मुझे लगता है उनकी ज़िंदगी को खतरा है - हाँ बिल्कुल लगता है
और इस आशंका पर मोहर लगाने का काम संघी भाजपाई कर रहे हैं
👉जिस आसानी से BJP के एक प्रवक्ता ने TV पर कहा कि “राहुल गांधी के सीने पर गोली मार दी जाएगी”
उसको सुनकर चुप कैसे रहा जा सकता है?
▪️यह पहला भाजपाई नहीं है जो यह कह रहा है - इससे पहले इन्हीं सिरफिरों में से एक ने उनकी ज़ुबान काटने की बात की थी, किसी ने उनका सिर काटने पर इनाम घोषित किया था, किसी ने इंदिरा जी की कायर हत्या का हवाला भी दिया है
▪️और इनमें से एक के खिलाफ भी BJP में कोई एक्शन नहीं लिया गया - उल्टे ऐसे नफ़रती दरिंदों की तो पदोन्नति हुई है
▪️मुझे चिंता इसलिए है क्योंकि इन संघियों का ऐसा ही खूनी इतिहास है. इन्हीं की विचारधारा से प्रभावित हो कर नाथूराम गोडसे ने गांधी को मार डाला था
यह कायर हिंसक हैं - क्योंकि सच के सामने यह टिक नहीं सकते
▪️मुझे चिंता इसलिए है क्योंकि जिन सुरक्षा एजेंसियों पर उनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी है - वो उनकी सुरक्षा पर लिखी चिट्ठियाँ लीक कर रही हैं
▪️मुझे चिंता इसलिए है क्योंकि BJP IT सेल के ट्रोल राहुल गांधी के विदेशी दौरों का फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करके उनकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं
▪️लेकिन मुझे सबसे ज़्यादा चिंता इसलिए है क्योंकि राहुल गांधी ने BJP की सबसे दुखती नब्ज़ पकड़ ली है
▪️वो नब्ज़ है वोट चोरी - कैसे लोकतंत्र में चुनावों के साथ खिलवाड़ करके सत्ता हासिल की जा रही है
▪️और दिक़्क़त-तलब बात यह है कि राहुल गांधी के दिए सबूत, उनका बताया सच आज घर घर पहुँच गया है और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे की गूँज हर ओर है
▪️मुझे चिंता इसलिए है क्योंकि हमने अपने नेताओं को हिंसा के चलते खोया है
▪️14 साल के राहुल गांधी ने अपनी दादी को 32 गोलियों झेलकर इस देश की एकता के लिए शहीद होते देखा है
▪️और महज़ सात साल बाद अपने उस पिता के शरीर के चिथड़े उड़ते हुए देखे जिन्होंने आतंकवाद के ख़िलाफ़ घुटने टेकने से इनकार कर दिया था
▪️राहुल गांधी आज इस देश का भरोसा हैं, सच की वो आवाज़ हैं जिन्हें कोई ताक़त चुप नहीं करा सकती, शोषितों के वो रहनुमा हैं जो उनके हक़ की एक लंबी लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस चुके हैं, ग़रीबों को गले लगाते ढाँढस बंधाते राहुल गांधी हर किसी को अपने से लगते हैं. वह लोकप्रिय नहीं बल्कि जननायक हैं - निडर, अडिग, बेख़ौफ़
👉घोर असहमतियों को संवैधानिक ढाँचे में सुलझाया जाता है. इसीलिए राहुल गांधी को जान की धमकी देने वाले के ख़िलाफ़ BJP को एक्शन लेना ही होगा. इतनी कुत्सित बात BJP के शीर्ष नेतृत्व, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री की सहमति से तो नहीं कही गई होगी?
👉और हाँ इस देश के मीडिया से आज सवाल है - वो मीडिया जो किसी भी ऐरे गैरे की बात पर उछल उछल कर डिबेट करता है - आज चुप नहीं रह सकते
👉आप ही लोगों के लाइव TV पर नेता प्रतिपक्ष पर गोली चलाने की धमकी दी जा रही है - आप चुप कैसे रह सकते हैं?