Sagar Pictures Entertainment, is deeply honoured and grateful to have the Hon’ble Chief Minister of Telangana, Shri A. Revanth Reddy Garu, @revanth_anumula grace the grand Muhurat Ceremony of our upcoming multi part film franchise – ‘Shrimad Bhagavatam Part 01’!!
On this sacred day of Shri Krishna Janmashtami, we extend our warmest wishes to you all 🌸 as we film the first part of our franchise based on the Bhagavata Mahapurana, extending this celebration with you today. 🙏
Stay tuned for more.
#Janmashtami#shrimadbhagavtam
#WATCH | Mumbai: On receiving an invitation to the Ram temple 'Pran Pratishtha' ceremony, Ramayana TV Serial Director Ramanand Sagar's son Moti Sagar says, " It is a great fortune that I have received this invitation. Being able to attend the ceremony and to get blessings would be a memory for a lifetime...they have arranged the entire programme already...so that nobody will face any issue...this temple has been built because of the efforts of PM Modi"
श्रीराम को पर्दे पर साकार करने के लिए पहले एक यात्रा अपने भीतर करनी पड़ी होगी..यूंही रामायण नहीं बन जाया करती। #आदिपुरुष में ईश्वरीय तत्वों के विकृत रुप पर रामानंद सागर जी के बेटे और निर्देशक मोती सागर जी के साथ एक लंबा इंटरव्यू किया है। आंखे खोल देने वाले इस इंटरव्यू को देखिएगा।
2004 में रामानंद सागर के पोते, अमृत सागर अपनी पहली फिल्म बनाने के सिलसिले में मनोज बाजपेयी से भेंट की। तब वे अपनी कहानी 'पेंट' पर मूवी बनाना चाहते थे। पर यह कहानी मनोज को नहीं जमी। उन्होंने कहा कि भले कुछ महीने ले लीजिए, लेकिन कोई दूसरी बढ़िया-सी कहानी लेकर आइए।
कुछ महीने के बाद जब दुबारा भेंट हुई, तो अमृत सागर ने मनोज से कहा कि उनके पास उनके पिताजी, मोतीलाल सागर की 1973 में लिखी एक कहानी है। यह 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में 6 कैदियों की सच्ची और दर्दनाक घटनाओं पर आधारित है।
कहानी पूरा सुनते ही मनोज ने कहा कि आपको सबसे पहले इसी पर फिल्म बनानी चाहिए। तब अमृत ने कहा कि लेकिन, इसमें तो लड़ाई के दृश्य होंगे, काफी खर्चा होगा। मनोज ने उचित तरीके से समझाया। फिर यह कहने पर कि अभी तो यह आइडिया है, पर इसको फिल्म-स्क्रिप्ट के रूप में भी लिखना होगा; मनोज ने अपने पुराने दोस्त पीयूष मिश्रा का नाम सुझाया। पीयूष उन्हीं दिनों मुंबई आए हुए थे, और काम की तलाश में थे।
अमृत और पीयूष, दोनों ने मिलकर कड़ी मेहनत करके पूरी पटकथा लिखी। फिल्म का नाम रखा गया—'1971'। इसके बाद कलाकारों का चयन करना शुरू हुआ। मनोज बाजपेयी और पीयूष मिश्रा तो थे ही। दीपक डोबरियाल की यह पहली हिंदी फिल्म थी। रवि किशन ने खुद काम माँगा, ऑडीशन भी दिया। उनकी कलाकारी देखकर सब खुश हो गए, सो उनको भी लिया गया। फिर मानव कौल के साथ अन्य का भी चयन हुआ। दिलचस्प यह है कि इसमें कोई अभिनेत्री नहीं थी।
अल्बत्ता इसकी शूटिंग 2005 में ही पूरी हो गई थी, लेकिन किसी कारणवश 2007 में प्रदर्शित हुई। पर जाने क्यों इसे कायदे से रिलीज नहीं किया गया। कदाचित उस दिन आधे दर्जन से अधिक अन्य फिल्मों के रिलीज होने का प्रभाव पड़ा हो।
इस फिल्म से मनोज और पूरी यूनिट को ढेर सारी उम्मीदें थीं। लेकिन, होता है न कि कुछ फिल्मों की अपनी-अपनी किस्मत या परिस्थिति होती है। ऐसी कई हैं, जो काफी बेहतरीन होते हुए भी चल नहीं पातीं, और बाद में जाकर क्लासिक्स में भी शुमार हो जाती हैं।
रिलीज के दिन अमृत अपने एक दोस्त के साथ मुंबई के एक थिएटर में गए। वहाँ का दृश्य देखकर उनका दिल बुरी तरह टूट गया। पूरे हॉल में केवल 2 ही दर्शक थे। और, वे दोनों दर्शक कोई और नहीं, बल्कि वे ही दोनों थे। एक तो उनकी पहली फिल्म थी, ऊपर से उनके पिताजी ने ही उन पर विश्वास जताते हुए प्रोडक्शन किया था। सबसे बढ़कर, 'सागर' परिवार की प्रतिष्ठा और विरासत का सवाल था।
ये सब होने पर भी मनोज को इतना भरोसा था कि उन्होंने अमृत से कहा कि इसे नेशनल अवार्ड के लिए भेज दो। इच्छा न होते हुए भी उनके ही दबाव में भेज दिया गया। 2008 में राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा ही नहीं की गई। धीरे-धीरे यह फिल्म सबकी याद से निकलती गई। लेकिन, 2009 में इसे 2 राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए विजेता घोषित कर दिया गया। बेस्ट हिंदी फिल्म और बेस्ट ऑडियोग्राफी के लिए।
यह देखकर तो मनोज, अमृत और बाकियों का भी दर्द-मलाल और ज्यादा बढ़ गया कि काश इसे सही ढंग से रिलीज किया गया होता, तो बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा सकती थी!
बीते लॉकडाउन में ट्विटर पर किसी ने मनोज से पूछा कि सर, मैं आपकी '1971' देखना चाहता हूँ, कहाँ देख सकता हूँ? इस पर मनोज ने अमृत को टैग कर दिया। अमृत ने यह ट्वीट देखा, तो अपने यूट्यूब के चैनल पर अपलोड कर दिया। सभी देखें शानदार अभिनय है सभी का l
@AmritSagar@BajpayeeManoj@ravikishann
@BajpayeeManoj
बहुत बढ़या भैया जी आज फेसबुक पर आपके इस मूवी के बारे मे जाना और उत्सुकता के साथ यू टुब पर देखा बस और कुछ नहीं कहना है. 😥😭🔥
लेकिन 🇮🇳के लिए सभी कुछ कुर्बान.
जय हिन्द, भारत माता की जय.
ये फ़िल्म तो हरेक हिदुस्तानी को देखना चाहिए.
@ianuragthakur@AmritSagar
On this Army @htTweets has done an article on the scenes I loved in @1971_film hope you’ll also loved these moments as we did shooting them thank you 🙏 @SagarPictures
"I own my films"
While many actors are quick to distance themselves from #BoxOffice failures, here is @BajpayeeManoj, who at the peak of his popularity, is batting for his 15-year-old release, titled 1971
Tap here to read: https://t.co/bZ3KQ8h3UR
#ManojBajpayee#1971Movie
.@BajpayeeManoj recently took to his #SocialMedia to thank viewers for 1971 hitting 50 million views on #YouTube
The 2007 #film, which he used to wistfully look back at as a fine effort that nobody watched, has finally come of age, in views if not in box office returns, in 2022
समस्त सागर पिक्चर्स परिवार की ओर से हम सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं । हम आपके जीवन में शुभ, प्रेम, प्रकाश और समृद्धि की कामना करता हूं। 🙏
- टीम
सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट
#HappyDiwali
On behalf of the entire Sagar Pictures family, we wish everyone a very Happy Diwali. Wish you Auspiciousness, Love, Light and Prosperity. 🙏
- Team
Sagar Pictures Entertainment
#HappyDiwali
Thank you. #1971movie has been shot on 35mm neg. We are working on the restoration process. Going for a 4K HDR @DolbyCinema Vision and Atmos UHD for OTT. If we can get a good theatrical release we will surely go for a Cinema Classic limited release. @akashschopra@SagarPictures