रूस से 60 डॉलर प्रति बैरल सस्ता तेल खरीदकर यूरोप और भारत में 100₹ लीटर से ज्यादा में बेचकर सरकार ने अंबानी और नायरा को लाभ पहुंचाया है, जबकि लाभ आम उपभोक्ता को मिलना चाहिए था.
चुनाव आयोग के खिलाफ राहुल गांधी ने सबूतों का पुलिंदा पेश कर दिया है .
कोई भी उनकी प्रेस कांफ्रेंस को देखकर कह सकता है कि वोटर लिस्ट और वोटिंग पैटर्न में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी दिख रही है . इन सबूतों के आधार पर सौ सवाल पैदा होते हैं .
आयोग ने हमेशा की तरह इसे Misleading कहकर पल्ला झाड़ लिया है .
चैनल वाले आयोग को घेरने की बजाय राहुल को ही कठघरे में खड़ा करने की तैयारी कर रहे होंगे. PMO वाले जोशी जी एक्टिव होंगे .
गोदी मीडिया और TV पर नाचकर पत्रकारिता करने वाले गिद्ध हैं।
जितनी लाशें गिरेंगी, उतने ये लोग उल्लास करेंगे।
मेजर की पत्नी को सुनिए।
लेकिन इन गोदी पत्रकारों को शर्म है आने वाली नहीं।
इनकी TRP बढ़ेगी। इनकी जेबे भरेगी।
इसीलिए ये लोग, नाजुक वक्त में भी, हमले की झूठी खबरें फैलाते हैं।
वैसे ही जैसे नोट में चिप की खबर चलाई थी।
इनको कोई फर्क नहीं पड़ता कि इससे देश का कितना नुकसान होगा।
सरकार के साइड हैं तो कितना भी झूठ बोल लें, कार्रवाई नहीं होगी।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात हैं. जिसे देखते हुए पाकिस्तान स्थित रूसी दूतावास ने अपने नागरिकों को फिलहाल पाकिस्तान की यात्रा न करने की सलाह दी है.
#Pahalgam#Russia#Pakistan
सिर्फ़ सुरक्षा में चूक से लोगों की जान नहीं गई, गोदी मीडिया की बेईमानी से भी लोग मरे हैं। इस मीडिया ने सुरक्षा को लेकर सवाल करना बंद कर दिया। भाई आप केमिस्ट्री में फेल हो गए उसका जवाब दें। आप गणित में कितना नंबर लाकर दिखा देंगे, इसे लेकर मत फुफकारिए। कहने का मतलब है कि आपने सुरक्षा नहीं दी, लोगों का जीवन मिट्टी में मिल गया। आपकी वजह से हुआ। उसका हिसाब दें। जवाबदेही तय करें फिर जिसे मिट्टी में मिलाना है मिलाइये। वो तो आपका काम ही है।
आप तो मिट्टी में ही मिलाने के एक्सपर्ट हैं। आपने मीडिया मिट्टी में मिला दिया, संस्थाओं को मिट्टी में मिला दिया तो आपमें पूरा भरोसा है सर। जेल में बंद करने और छापा मार कर चुप कराने के अलावा और क्या आता है। इसी से लोगों की आवाज़ मिट्टी में मिल गई है वरना आप उस आवाज का सामना नहीं कर पाते।
आतंकवाद मिटाने के लिए आपने नोटबंदी की थी, लोगों की कमाई मिट्टी में मिल गई। एक नोटबंदी और कर दीजिए। गोदी मीडिया माहौल बना देगा। मोदी की ललकार, फुंफकार और हुंकार बोल कर। इससे कम बहादुरी में एक प्रेस कांफ्रेंस हो सकती है।
क्या आपसे किसी ने नहीं कहा कि मिट्टी में मिला देंगे टाइप के डॉयलॉग प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देते। वो भी तब जब आप केमिस्ट्री में फेल हो गए हों। ऐसी भाषा का प्रयोग दसवीं क्लास का बच्चा वाद विवाद प्रतियोगिता में करता है।जब तर्क और विवेक नहीं होता तो वीर रस की सस्ती कविताएँ ठेल देता है। अपने भाषण का स्तर तो ठीक कीजिए। अंग्रेज़ी श्रेष्ठ भाषा है। बोलते रहिए। इंगलिस बोलने से कुंठा दूर होती है।
न्यू इंडिया का नया राष्ट्रवादी कानून आ रहा है
भ्रष्टाचारी की पोल खोलने पर 500
करोड़ का जुर्माना होगा
लोकतंत्र को एक खौफनाक रैकेट में बदलना है जहां सिर्फ अपराधी, लुटेरे और डकैत जिंदा रहेंगे।
जय हिटलर महाराज की!