“…इथेनॉल का माइलेज 30 फ़ीसदी कम होता है…”
अनुराग सरावगी, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बायोफ्यूल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
Video Credit : ANI https://t.co/WWxnk5ZztN
निशांत कुमार को 3 महीने पहले कोई नहीं जानता था।
लोगों को लगा कि नीतीश कुमार के बेटे हैं इसलिए डायरेक्ट मिनिस्टर बना दिए गए।
बहुत लोगों ने हेल्थ को लेकर मज़ाक उड़ाया। मैं खुद गलत निकला।
केवल 2 महीने हुए हेल्थ मिनिस्टर बने, और मीडिया के सामने का बयान सुन लो ऐसा लग रहा है कोई बहुत पढ़ा लिखा बंदा बोल रहा हो।
मोदी जी ख़ुद मीडिया के सामने आज तक ऐसा बयान नहीं दिए होंगे।
यह तस्वीर मोहम्मद ज़ैद की है। ज़ैद अब दुनिया में नहीं है। ज़ैद दिल्ली के मुस्तफाबाद के रहने वाले थे। यह इलाक़ा लोनी बॉर्डर पर है। लोनी यूपी के गाजियाबाद में आता है। ज़ैद अपने दो दोस्तों, नदीम और इब्राहिम के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर बेहटा स्थित एक स्विमिंग पूल में नहाने के लिए जा रहे थे। वो जैसे ही लोनी मेन रोड से बेहटा रोड की तरफ मुड़े, तभी एक एक कार से उनकी बाइक की हल्की सी टक्कर हो गई। इसके बाद कार में बैठा राहुल अपने दोस्त के साथ उतरा और जैद को को पीटना शुरू कर दिया। बात सिर्फ यही तक नहीं रही बल्कि राहुल अपने दोस्त के साथ ज़ैद को जबरन जैद कार में भरकर मनीष प्रॉपर्टीज नामी ऑफिस ले गया, वहां उन्होंने ज़ैद को बेरहमी से पीटा।
जब जैद के दोस्त नदीम और इब्राहिम बाइक लेकर वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा कि जैद बेहोशी के हाल में ज़मीन पर पड़ा हुआ है, और राहुल नामी युवक लगातार गाली-गलौज करते हुए उसे लातों से बेरहमी से पीट रहा है। राहुल ने ज़ैद के दोस्त नदीम और इब्राहिम को धमकी देते हुए कहा कि इसे ले जाओ, नहीं तो तुम्हारा भी यही हाल होगा। वो दोनों दोस्त जैद को उठाकर अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद जैद को मृत घोषित कर दिया।
पिछले कुछ वर्षों में एक बुलडोज़र और एनकाउंटर का चलन देखा गया है। दिल्ली में तरुण की हत्या हुई तो उसे इंसाफ दिलाने के नाम पर आरोपितों के घर को तोड़ दिया गया। उसके बाद दिल्ली से सटे खोड़ा में सूर्य की हत्या हुई तो हत्यारोपी का चौबीस घंटे के भीतर एनकाउंटर कर दिया गया। अब सवाल ज़ैद को इंसाफ दिलाने का है। जब हत्या के बदले एनकाउंटर और बुलडोज़र का ही चलन शुरू हो चुका है, तब ज़ैद के हत्यारोपी का एनकाउंटर क्यों नहीं किया जा रहा? उनके घरों पर बुलडोज़र क्यों नहीं चलाया जा रहा? सूर्या और तरुण की हत्या के बाद सत्ताधारी दल के अनुषांगिक संगठनों और नेताओं ने किस तरह बयानबाज़ी करके आपसी रंजिश में हुई इन हत्याओं को ‘दूसरा’ रंग दिया था, यह पूरे देश ने देखा है। खोड़ा और उत्तम नगर की गलियों में घूमते नफ़रती यू-ट्यूबिए किस तरह इन हत्याओं का दोष पूरे समुदाय पर मढ़ रहे थे, यह भी पूरे देश ने देखा है। सवाल फिर वही है कि जब किसी हिंदू के ग़ैर हिंदू हत्यारे के खिलाफ पुलिस और सरकार बुलडोज़र और एनकाउंटर एक्शन को अमल में लाती है, तब ज़ैद के हत्यारों पर यह कार्रावाई क्यों नहीं होनी चाहिए? हत्यारों से निपटने का यह फॉर्मूला सरकार और पुलिस ने खुद शुरू किया है, तो इसमें भेदभाव क्यों?
सरकार ने तरुण और सूर्या के परिजनों को मुआवज़ा दिया है। तरुण के हत्यारोपितों का घर गिराया है, तो सूर्या मर्डर के नाबालिग आरोपी को एनकाउंटर में मारा है। अब सवाल है कि यह त्वरित ‘इंसाफ’ ज़ैद को क्यों नहीं? क्या वो इंसान नहीं? क्या वो भारतीय नागरिक नहीं? उसके परिवारजनों को मुआवज़ा क्यों नहीं? उसके हत्यारोपितों का एनकाउंटर क्यों नहीं? बुलडोज़र एक्शन क्यों नहीं? क्या इस देश में दो कानून हैं? जब बुलडोज़र और एनकाउंटर चलन शुरू हो ही चुका है, तब इसमें भेदभाव क्यों? क्या मदर ऑफ डेमोक्रेसी में सब कुछ नाम के आधार पर होता है?
दोगलेपन की भी हद होती है!
राम मंदिर घोटाले पर बजरंग दल के विरोध प्रदर्शनों की संख्या - 00
राम मंदिर घोटाले पर RSS के विरोध प्रदर्शनों की संख्या - 00
राम मंदिर घोटाले पर हिंदू रक्षा दल के विरोध प्रदर्शनों की संख्या - 00
ये लोग खुद को हिंदू धर्म का रक्षक कहते हैं, लेकिन राम मंदिर में हुए घोटाले पर चुप रहते हैं।
"हम कोई बिकाऊ माल नही हैं हम टिकाऊ माल हैं"
"ये मत सोचना कि हमको आप खरीद लोगे, हम कोई बिकाऊ माल नही हैं हम टिकाऊ माल हैं, बिकाऊ माल जो था गया भाजपा में "
@digvijaya_28, दिग्विजय सिंह,
आपके कितने विधायक और सांसद है येलो अंकल?
सलाह भी कौन दे रहा है जो एक समय में अखिलेश जी के साथ फोटो खिंचवाने को भी तरसते थे
वैसे कितनी पार्टी बदल चुके हो आजतक?
अपने घर वालों के सिवा कितनो को टिकट दिए हो?
शर्म करो @oprajbhar
ये आदमी चाहे तो जिंदगी भर तक भूख हड़ताल कर सकते है , क्योंकि ये एक महान वैज्ञानिक है ,
सोनम वंगचूक जिस पर अब राइट विंग के साथ साथ लेफ्ट विंग वाले भी निशाना साध रहे है , लेकिन सच तो ये है कि असली हीरे क़ी परख जौहरी को ही होती है ,
सोनम वांगचूक ने जंतर मंतर पर एक अविष्कार कर दिया , उन्हें पानी को ज़्यादा समय तक ठंडा रहने का क़ी एक टेक्नोलॉजी बनाई , आपको पता होगा इस समय सोनम वंगचूक जंतर मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे है ,
भूख हड़ताल क़ी वजह से उनका शुगर लेवल काफी कम हो गया , वो अन्न का दाना नहीं खा रहे जबकि वो इस समय पानी पर ही अपना जीवन जी रहे है , इस भीषण गर्मी में पानी ठंडा ना हो इस वजह से अब उन्होंने एक अविष्कार किया है ,
उन्होंने एक प्लेट में पानी भरकर उसमे अपनी बोतल को कॉटन कपड़े में लपेट रखी , जिसकी वजह से पानी का टेम्प्रेचर 5- 6 डिग्री कम हो जाता है , इस टेक्नोलॉजी को इवैपोरेटिव कूलिंग कहते है ,
सोनम वंगचूक ने इससे पहले भारतीय सेना जो ठंडे इलाको में रहती है उनके लिये भी एक बहुत बड़ा अविष्कार किया था , जिसमे वो माईनस टेम्प्रेचर में भी टेंट में 6-7 डिग्री का अनुभव कर सके , सोनम वांगचूक पर हमें गर्व है,
चंपत को जितना मासूम समझा जा रहा है वो उतना मासूम है नहीं
उसका DNA ही कंघियों का है,तो वो अत्यंत धूर्त होगा ही
आज भारत समाचार में जो छपा है वो सब देखने के बाद लगता है कि चंपू किसी माफिया से कम नहीं है
और चोरी भी एक सिंडिकेट की तरह चलाई जा रही थी
हिंदू धर्म छोड़ इस्लाम धर्म क़ुबूल करने वाले शामली के आयुष मलिक ने हिंदू धर्म में वापसी कर ली है, उसने अपनी दाढ़ी भी कटवा लो हैं और सिर का मुंडन भी करा कहा है कि "मम्मी पापा मैं आपकी परेशानी को देखते हुए इस्लाम धर्म को छोड़ हिंदू धर्म में वापसी कर लिया हूं।"
आयुष मलिक ने हिंदू धर्म छोड़ इस्लाम धर्म क़ुबूल कर किया था और मुस्लिम लड़की चांदनी कुरैशी से निकाह कर लिया था जिसके बाद हिंदू संगठनों के दबाव में शामली पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके परिजनों और 3 मौलानाओं के खिलाफ़ आयुष के जबरन धर्मांतरण के आरोप में FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और जेल में डाल दिया, आयुष मीडिया के सामने कहता रहा कि उसने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम धर्म क़ुबूल किया अब उसी आयुष मलिक उर्फ़ मोहम्मद अली ने वापस हिंदू धर्म अपना लिया है लेकिन एक मुस्लिम परिवार को पूरी तरह से बर्बाद करने के बाद।
आयुष मलिक का कुछ नहीं बिगड़ा न उसके खिलाफ़ FIR दर्ज हुई न उसकी गिरफ्तारी हुई उसने एक मुस्लिम लड़की को कुछ वर्षों तक अपनी हवस का शिकार बनाया और लड़की सहित उसके परिजनों को जेल में डलवा दिया और अब वापस हिंदू बन गया है उसका क्या बिगड़ा? मैं सोच रहा था आयुष मलिक का सोशल मीडिया अकाउंट नहीं था वरना अब तक उसके मिलियन में फॉलोवर्स हो चुके होते मुसलमान भर भरकर फॉलो कर रहा होता उसे हीरो बना रहा होता लेकिन ये हीरो तो डरपोक निकला और हिंदू संगठनों के सामने सरेंडर कर दिया है।
अब उस मुस्लिम लड़की और मुस्लिम परिवार का क्या होगा जिससे आयुष मलिक ने इस्लाम धर्म क़ुबूल कर अपना नाम मोहम्मद अली रख शादी की थी? अब क्या होगा उस परिवार का जो इसकी वजह से सलाखों के पीछे पीछे हैं?
राजस्थान के भीलवाड़ा में एक अजीब मामला सामने आया है
यहां एक चोर मोदीजी का मुखौटा लगा कर आया और 40 फोन चुरा कर भाग गया
चोर भी समझदार था,उसे भी पता था कि मुखौटा किसका लगाना है
😂😂😂
मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट को बता रही है कि इथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर अभी प्रयोग के स्तर पर ही है और नतीजा अगले साल पता चलेगा। लेकिन इस बीच मध्य वर्ग की मेहनत की कमाई से ली गई गाड़ियों की बैंड बज रही है।
भारत-अमेरिका Trade deal में क्या क्या हो रहा है, निवेश से लेकर रक्षा ख़रीद तक, भारत क्या क्या कर रहा है… क्या क्या करने जा रहा है, मोटे तौर पर इस ख़ुलासा अमेरिकी राजदूत कर रहे हैं।
भारत सरकार/वाणिज्य मंत्रालय की तरफ़ ये जानकारी opportune time पर ही दी जाएगी।
अगर चीन मुस्लिम बहुल देश होता तो तथाकथित राष्ट्रवादियों की राष्ट्रभक्ति जागी हुई होती। चीन के नाम ले लेकर अपने हमवतन मुसलमानों पर वैसी ही टिप्पणियां की जातीं, जैसे पाकिस्तान की करतूत पर की जाती हैं। हरकतें चीन करता, और जवाबदेही भारतीय मुसलमानों की तय की जाती। लेकिन चीन मुस्लिम बहुल नहीं है, इसलिए लाख घुसपैठ होने पर भी देशभक्ति नहीं जगेगी।