मध्य प्रदेश में स्कूलों की हालत खस्ता है, लेकिन इसे सुधारने के बजाय प्रदेश सरकार झूठे आंकड़े देकर ज़िम्मेदारी से बचना चाहती है।
फ़रवरी 2026 में सरकार ने स्वीकार किया था कि 5000 से अधिक सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर है। लेकिन इनका नवनिर्माण करने की जगह सरकार ने जुलाई 2026 में घोषित कर दिया कि कोई स्कूल जर्जर हालत में नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स इस बात की पुष्टि कर रही हैं कि बहुत से सरकारी स्कूल आज भी खराब हालत में हैं।
सवाल यह है कि जर्जर भवनों को कागजों में सही बताकर सरकार बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है।
मेरी माँग है कि लीपापोती करने की जगह स्कूलों की हालत में तुरंत सुधार किया जाए और बच्चों के जीवन की रक्षा की जाए।
आरक्षण भीख नहीं, संवैधानिक अधिकार है!
OBC के 27% आरक्षण की मांग से कुछ लोगों को परेशानी क्यों?
आरक्षण दया या खैरात नहीं, बल्कि सामाजिक-शैक्षणिक पिछड़ेपन और पर्याप्त प्रतिनिधित्व की कमी दूर करने का संवैधानिक माध्यम है।
अनुच्छेद 15(4) और 16(4) इसका आधार हैं।
21 और 22 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी म.प्र. ने प्रदेश के सभी जिलों में ज्ञापन सौंपकर OBC को आबादी के अनुपात में 52% आरक्षण देने और निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू करने की मांग उठाई। पार्टी की मांग है कि सरकार विशेष सत्र बुलाकर OBC को उसका हक और अधिकार देने के लिए प्रस्ताव लाए।
मध्यप्रदेश में #OBC को 27% आरक्षण @INCIndia सरकार का ऐतिहासिक फैसला था
लेकिन #BJP सरकार की कमजोर पैरवी के चलते #obc समाज संघर्ष कर रहा है
नेता प्रतिपक्ष @UmangSinghar जीने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर
27% आरक्षण को 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की है
@DrJaihind
मध्य प्रदेश नेता प्रतिपक्ष @UmangSinghar जी ने @GovernorMP एवं मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी को पत्र लिखकर 27% OBC आरक्षण को 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की है।
अब @BJP4MP@drmohanoffice51 सरकार से मांगें स्पष्ट हैं—
1️⃣ 27% आरक्षण की बहाली हेतु ठोस कानूनी पहल।
2️⃣ 9वीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र से कार्रवाई।
3️⃣ लंबित 13% होल्ड अभ्यर्थियों के भविष्य पर स्पष्ट निर्णय।
4️⃣ शिक्षा व सरकारी भर्तियों में OBC हितों की रक्षा।
5️⃣ पूरी कार्ययोजना और समयसीमा सार्वजनिक हो।
OBC समाज को आश्वासन नहीं, ठोस परिणाम चाहिए!
#OBCआरक्षण #27प्रतिशतआरक्षण
नेता प्रतिपक्ष @UmangSinghar जी से मांग है कि मप्र विधानसभा में 27% OBC आरक्षण की बहाली हेतु निजी विधायक विधेयक प्रस्तुत करें।
तमिलनाडु की तर्ज पर संबंधित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर @narendramodi सरकार को भेजें।
@DrMohanYadav51
🚨 13% होल्ड पदों पर सामान्य वर्ग की मांग के बीच OBC अभ्यर्थियों के सवाल भी जरूरी हैं!
मध्य प्रदेश में वर्षों से 27% OBC आरक्षण के विवाद के कारण प्रभावित अभ्यर्थियों का भविष्य भी दांव पर है।
यदि 13% होल्ड पदों पर निर्णय की मांग उठ रही है, तो OBC अभ्यर्थियों के अधिकारों और लंबित भर्तियों पर भी @drmohanoffice51@BJP4MP सरकार जवाब दे।
❓ चार सीधे सवाल—
1️⃣ 27% OBC आरक्षण पर न्याय कब मिलेगा?
2️⃣ लंबित भर्तियों का समाधान कब होगा?
3️⃣ सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण बहाली की ठोस रणनीति क्या है?
4️⃣ प्रभावित OBC अभ्यर्थियों को न्याय देने की समयसीमा क्या है?
हम सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को रोजगार देने के विरोधी नहीं हैं। हम चाहते हैं कि OBC अभ्यर्थियों के अधिकारों और उनके वर्षों के इंतजार को भी समान गंभीरता से लिया जाए।
न्यायालय के आदेश का पालन हो, लेकिन OBC आरक्षण की बहाली और प्रभावित अभ्यर्थियों के न्याय का सवाल भी अनदेखा न हो।
📢 OBC समाज को आश्वासन नहीं, 27% आरक्षण पर ठोस कार्रवाई और समयबद्ध न्याय चाहिए!
#OBCआरक्षण #OBCअधिकार #27प्रतिशतआरक्षण
@sanjaygupta1304@sanjaygupta1304 सर बाकी अपनी जगह सब ठीक है , लेकिन कम से कम आपसे ऐसी तो उम्मीद नहीं करते हम , आप ओबीसी के पीछे ही पड़ गए , पत्रकारिता का भी अपना धर्म होता है ,वो निभाओ, एकतरफा news छाप kar आउटरीच ke अलावा कुछ नहीं मिलेगा ..ऐसे गलत मत करो
भिंड सर्किट हाउस 27 % ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई
27%अक्टूबर भिंड चलो,भिंड कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
समय 3:30 pm पर
सामाजिक न्याय यात्रा ग्वालियर से शुरू होगी 11 बजे जो भिंड 3 बजे पहुंच जाएगी
@spbhind@BhindCollector
फिर #ओबीसी के ऊपर मूत दिया
हिन्दू होने का घमंड उतार दिया,
#ब्राह्मण है माफ़ी मांग लो
तुम लोधी (ओबीसी) #छोटी जाति हो
एक कुछ गंवार आयेंगे कहेंगे
एक आदमी बुरा है तो क्या
सब बुरे हैं ,
ईटावा यादव बुरहानपुर कुशवाहा
जबलपुर में पटेल,
बीच-बीच में इनके जाति का भूत उतारते रहते हैं
"हम ब्राह्मण हैं, तुम छोटी जाति हो। अगर ब्राह्मण के सामने हाथ जोड़ लोगे, तो तुम्हारा क्या चला जाएगा?"
यह कहना है एक ब्राह्मण महिला का, एक शूद्र लोधी समाज के सीएमओ के पद पर कार्यरत व्यक्ति से।
ब्राह्मण हो तो क्या तुम्हारे सिर पर सींग लगे हैं? ब्राह्मणों की इन्हीं हरकतों की वजह से इनका विरोध होता है।
इसी को ब्राह्मणवाद कहा गया है और इस देश के अंबेडकरवादी इस ब्राह्मणवाद को जड़ से खत्म करके ही रहेंगे।
“हम ब्राह्मण हैं, तुम छोटी जाति के हो, हमसे माफी माँगो!”
क्या इस महिला पर nsa नहीं लगना चाहिए।
जो देश ओर समाज को बाट रही है।
अगर किसी अधिकारी के साथ उसकी जाति के आधार पर ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो यह बेहद निंदनीय है।
संविधान में सब बराबर हैं, कोई ऊँचा या नीचा नहीं! जाति के नाम पर अपमान करने वालों को समझना होगा कि किसी की गरिमा उसकी जाति से नहीं, उसके मानवीय सम्मान से तय होती है।
जातिवाद पर लगाम लगनी ही चाहिए! 🇮🇳
जातिवाद का नंगा नाच देखिए, जो लोग कहते हैं कि पढ़ लिख लिए अधिकारी बन गए उनके साथ जातिवाद नहीं होता उनको इस घटना को देखना चाहिए,
दमोह नगरपालिका के अधिकारी राजेंद्र लोधी को बोला जा रहा है कि तुम नीच जाति के हो हम ब्राह्मण है तुम्हे माफ़ी माँग लेनी चाहिए,
दमोह में इस अधिकारी ने मूर्ति विसर्जन को लेकर व्यवस्था बनाई थी, जिसके बाद क्षितिज तिवारी नाम के शख्स ने बैरीकेट हटाकर व्यवस्था खराब की,
जिसके बाद अधिकारी ने उसको मना किया तो वह उत्पात मचाने लगा, अधिकारी ने ठांस दिया जो की स्वाभाविक है, ग़लत करोगे तो होता ही है,
सब बामनों ने मिलकर राजेंद्र लोधी को घेर लिया और उसको मांफी मांगने पर मजबूर किया क्योंकि वो छोटी जात का है ऐसा ब्राह्मणों ने कहा,
ब्राह्मण जाति व्यवस्था के जनक है, इनमें सुधार की रत्तीभर भी गुंजाइश नहीं है, आने वाला समय इनके लिए वीभत्स होगा अगर सुधार नहीं आया तो।
मध्य प्रदेश के जिला दमोह के फुटेरा तालाब की घटना सिर्फ एक अधिकारी के साथ अभद्रता का मामला नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही जातिवादी मानसिकता का आईना है।
20 अक्टूबर की शाम धार्मिक आयोजन के दौरान नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी के साथ हुई अभद्रता और जातिगत अपमान की घटना बेहद चिंताजनक है। इस घटनाक्रम में भाजपा नेता का नाम सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जाँच कर सच्चाई सामने लाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना और भी जरूरी हो जाता है।
यही तो जातिवाद है कि इंसान अपनी मेहनत और काबिलियत से ऊँचे पद पर पहुँच जाए, लेकिन जातिवादी सोच उसे आज भी उसकी जाति के आधार पर नीचा दिखाने और अपमानित करने से बाज न आए!
हम @CMMadhyaPradesh से माँग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
@DrMohanYadav51
छत्तीसगढ़ में 58% आरक्षण के मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता @DrAMSinghvi जी ने तीन जजों की पीठ के समक्ष प्रभावी पैरवी की और अंतरिम राहत दिलाने में भूमिका निभाई।
मप्र @DrMohanYadav51, @BJP4MP सरकार भी 27% OBC आरक्षण बहाल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में तत्काल अंतरिम राहत की मांग करे