सुना है जेल रिटर्न तिहाड़ी चौधरी मेरे और रवीश जैसे पत्रकारों के लिए कुछ बोल रहा है .
जो आदमी सीधे- सीधे सौ करोड़ की ब्लैकमेलिंग करने के मामले में जेल जा चुका है .
जो आदमी स्टिंग कैमरे में अपनी करतूतों के साथ क़ैद है .
जो आदमी सरकार के तलवे चाटने की प्रतियोगिता में पहले पायदान पर बने रहने के लिए हर रोज़ जतन कर रहा है .
जो आदमी सत्ता की सरपरस्ती में अपनी ज़ुबान और ज़ेहन को गिरवी रखकर काम कर रहा है .
जो आदमी पत्रकारिता के चोले में रहकर हर दौर में सरकारों से सेटिंग करके
अपना धंधा कर रहा हो .
जो आदमी मोदी की चाटूकारिता करके करोड़ों के सरकारी अुनदान पर बीजेपी का भोंपू बना हो .
जो आदमी विपक्ष और विरोध की आवाजों के ख़िलाफ़ सुपारी लेकर दिन रात काम कर रहा हो .
जो आदमी पत्रकारिता के सबसे कलंकित चेहरों में से एक हो .
वो आदमी बोल रहा है .
छोड़ो यार .
बिहार निवासी मौलाना तौसीफ रजा मजहरी, जो बरेली शरीफ में ताजश्शरिया के सालाना उर्स में शामिल होने आए थे, उनकी उत्तर प्रदेश के बरेली रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु अत्यंत दुखद और चिंताजनक है।
परिजनों के पास मौजूद मृतक की आखिरी कॉल की रिकॉर्डिंग इस मामले को और अधिक संवेदनशील और गंभीर बनाती है।। कॉल के दौरान मौलाना ने स्पष्ट रूप से बताया था कि कुछ नशे में धुत लोग उनकी धार्मिक पहचान को लेकर गाली-गलौज और मारपीट कर रहे हैं तथा उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कई बार मदद की गुहार भी लगाई।
वहीं दूसरी ओर, घटना पर @bareillypolice का यह बयान कि खिड़की के पास बैठने के दौरान झपकी आने से गिरने के कारण मृत्यु हुई, कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जब एक ओर पीड़ित की आखिरी कॉल में हमले और प्रताड़ना की बात सामने आ रही है, और दूसरी ओर आधिकारिक बयान इसे दुर्घटना बता रहा है।तो यह स्पष्ट रूप से विरोधाभास दर्शाता है।
माननीय रेलमंत्री @AshwiniVaishnaw जी, ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
हम शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
@RailMinIndia
बिहार किशनगंज के ठाकुरगंज के भोगडावर बाखोटोली गॉंव के रहने वाले मौलाना तौसीफ़ की ट्रेन न. 04314 में बरेली कैंट के पास धार्मिक पहचान के आधार पर पिटाई करके चलती ट्रेन से फेंकने का परिजनों द्वारा आरोप हैरतनाक है, बाद में रेलवे ट्रैक के पास लाश मिली, मृतक की पत्नी का आरोप है कि घटना के समय उनके पति ने उन्हें वीडियो कॉल करके अपने साथ मारपीट होने की घटना बताई थी और उसी समय फोन कटने के बाद से ट्रैक के पास से उनके पति की लाश बरामद हुई।
@bareillypolice का ये स्पष्टीकरण की खिड़की के पास बैठने से झपकी आने पर गिर जाने से मृत्यु हुई है ये दर्शाता है इस घटना की व्यापक जॉंच की आवश्यकता है।
क्योंकि मृतक की पत्नी के पास पति से बातचीत की रिकॉर्डिंग मौजूद है जिसमें वो झगड़े की बात अपनी पत्नी को बता रहे हैं।
रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw जी से अनुरोध है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जॉंच करवायें, ताकि स्थानीय पुलिस के साथ साथ रेलवे के उच्च अधिकारी इस मामले का सच सामने लायें और अपराधी चिंहित हो सकें।
आईने में चेहरा देखने की अगर किसी को ज़रूरत है तो वो तुम्हें है। तुम देखो उसी चेहरे में तुम्हें बेग़ैरती और बेशर्मी भी नज़र आएगी। तुम क्या चाहती हो कि वो मुसलमान जिसके बार दादा परदादा इस मुल्क की आज़ादी के लिए लड़े यातनाएँ सही, जेल में रहे, फांसी पर लटके, उन मुसलमानों को तुम्हारी तरह उस गैंग की दलाली करनी चाहिए जिस गैंग ने अंग्रेज़ों से पेंशन पाईं? उन मुसलमानों को अंग्रेज़ों से पेंशन लेने वाले ‘वीरों’ का गैंग प्रताड़ित करता है तो मुसलमान शिकायत भी ना करें। सुनिए! मोहतरमा यह बात अपने ‘मालिकों’ को भी बता दीजिए कि दुनिया की कोई ताक़त उसे इसके मज़हबी फरीज़े अदा करने से नहीं रोक सकती, ना जंग, ना बंदिशें ना दक्षिणपंथ।
इस देश का मुसलमान खुद्दार है। वो तुम्हारी तरह खुदगर्ज नहीं है। वो नौकरी बचाने के लिए बुतपरस्ती का ढोंग नहीं करता। एक आम साधारण सा मुसलमान जिसे मालूम है कि उसकी धार्मिक पहचान के कारण उस पर हमला हो सकता है, उसकी जान जा सकती है, फिर भी वह अपनी पहचान के साथ रहता है, तुम्हारी तरह बुतपरस्त होने का ढोंग दिखावा नहीं करता। शिर्क नहीं करता, वह तौहीद पर अडिग है। जहां तक सवाल ईमान का है तो उस साधारण, कम पढ़े लिखे, मजदूर के सामने तुम्हारा ईमान राई के दाने के बराबर भी नहीं है।
अब यह कहकर कि “भारत में हो तो सुरक्षित हो” उस अपराध को सामान्य करने का षडयंत्र बिल्कुल मत कीजिए जो अपराध संघ परिवार और उसके अनुषांगिक संगठनों के उपद्रवी मुसलमानों के खिलाफ करते हैं। भारत भारतीय मुसलमान का देश है, उसी तरह भारत भारत में रहने वाले गैर मुसलमानों का देश है। जो भारत के नागरिक हैं, उनकी सुरक्षा सरकार की ज़िम्मेदारी है। यह कोई अहसान नहीं है, सरकार देश की संरक्षक है मालिक नहीं! लेकिन ये बातें उनकी समझ में आती हैं, जो हर तरह से ईमानदार हों। नागरिक कर्तव्यों के प्रति ईमानदार, अपने धर्म, अपने पेशे के प्रति ईमानदार हो। कुछ समझी! आई बड़ी मुसलमानों से शुक्राने की तवक्को रखने वाली। इतनी ही बड़ी ज्ञानी होती तो यह भी पता होता कि कुरान ने कहा है कि “हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करते रहो!” भारत का मुसलमान अल्लाह का शुक्रगुजार है कि भारत उसका देश ही नहीं बल्कि घर है। और उस “घर” पर जब-जब मुसीबत आई उसने जान की बाजी लगाई। उसे तुमसे या तुम्हारे ‘मालिक’ से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए! तुम्हारे ‘मालिकों’ की तो खुद की वतनपरस्ती संदिग्ध है।
Hello Chipxpert @sudhirchaudhary ji, Pick your phone and call your current employer at DD and your ex employer @aroonpurie and also to @startupindia and @AdaniOnline on why are they hiding behind a foreign services?
हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार जी की आत्महत्या उस गहराते सामाजिक ज़हर का प्रतीक है, जो जाति के नाम पर इंसानियत को कुचल रहा है।
जब एक IPS अधिकारी को उसकी जाति के कारण अपमान और अत्याचार सहने पड़ें - तो सोचिए, आम दलित नागरिक किन हालात में जी रहा होगा।
रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का अपमान और अब पूरन जी की मृत्यु - ये घटनाएँ बताती हैं कि वंचित वर्ग के ख़िलाफ़ अन्याय अपनी चरम सीमा पर है।
BJP-RSS की नफ़रत और मनुवादी सोच ने समाज को विष से भर दिया है।
दलित, आदिवासी, पिछड़े और मुस्लिम आज न्याय की उम्मीद खोते जा रहे हैं।
ये संघर्ष केवल पूरन जी का नहीं - हर उस भारतीय का है जो संविधान, समानता और न्याय में विश्वास रखता है।
The attack on the Chief Justice of India is an assault on the dignity of our judiciary and the spirit of our Constitution.
Such hatred has no place in our nation and must be condemned.
चाइनीस मिक्स ब्रीड @ajeetbharti पोंगा पंडित कह रहा है हमारे संविधान के रक्षक जाजो के ऊपर सड़कों पर भी जूता फेंका जाएगा...
इस चाइनीस मिक्स ब्रीड अजीत भारती पोंगा पंडित को बताना चाहते हैं कि संविधान के मानने वाले लोग इस देश में 99.7% रहते हैं अगर 10% लोग मूत्र भी कर देंगे तो तुम्हारे जैसे 0.3% संविधान विरोधी का नाम और निशान मिट जाएगा...
समझ पोंगा पंडित चिलमनटू मिक्स ब्रीड अजीत भारती अपनी औकात मत भूल जाया करो...
अगर ये देश की न्यायपालिका और न्यायाधीशों के खिलाफ हिंसा भड़काने का जीता जागता प्रमाण नही है तो देश की न्याय व्यवस्था पर लानत है।
@DelhiPolice जिंदा हो?
‘ये हैं दुनिया के सबसे बड़े क़र्ज़दार’
मुल्क के लिए ये ख़िताब अच्छा नहीं
तुम्हारी हाथ की तंगी ख़बर बन जाए
हुक्मरान इतना भी उधार अच्छा नहीं
भाजपा सरकार ने अपने किसानों, कारीगरों, कारोबारियों, कारख़ानों, दुकानदारों, हुनरमंदों का ख़्याल रखा होता और बड़ी कंपनियों से कमीशन और चंदा लेने का भ्रष्टाचार न किया होता तो आज लेनेवाला हाथ, देनेवाला हाथ होता।
भाजपा जाए तो अर्थव्यवस्था सुधर जाए!
ये दो हिन्दू बहने है जिनका कोई भाई नहीं था तो एक #मुस्लिम_भाई ने दोनों बहनों की शादी कराई और शादी का पूरा खर्च भी उठाया और सम्मान से साथ विदा किया,
Mashallah सेल्यूट है ऐसे भाई को..🫡
अमिताभ ठाकुर लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई अकेले लड़ रहे हैं ना किसी भीड़ को बुलाते हैं ना कोई आह्वान करते हैं।
बरेली हिंसा के बाद मुख्यमंत्री ने वर्ग विशेष के लिए "गर्मी निकाल कर जहन्नुम पहुंचा देने जैसा शब्द का इस्तेमाल"
अमिताभ ठाकुर ने राज्यपाल को पत्र लिखकर योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की है यह कहते हुए कि
गैर संवैधानिक बात करने वाले को संवैधानिक पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं।
These are the 'Muslim leaders' associated with the RSS Muslim wing called 'Muslim Rashtriya Manch' that the Godi Anchors and the right wing wants you to be like.
They are the same jokers who come on TV debates regularly claiming to be Muslim Clerics to defend Muslim. But the reality is, they are agents of BJP. They say what the BJP/RSS wants them to say.
सुदर्शन न्यूज़ ने महाराष्ट्र के अनवा गांव की एक घटना को कवर किया और कहा कि 'जिहादियों' ने शिव मंदिर में मांस और हड्डियां फेंकी. जबकि पुलिस ने इस मामले में एक हिन्दू शख्स को गिरफ्तार किया है. देखिए
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