वो हैं के वफ़ाओं में खता ढूँढ रहे हैं,
हम हैं के खताओं में वफ़ा ढूँढ रहे हैं।
हम हैं खुदा परस्त दुआ ढूँढ रहे हैं,
वो इश्क के बीमार दवा ढूँढ रहे हैं।
तुमने बड़े ही प्यार से जो हमको दिया है,
उस ज़हर में अमृत का मज़ा ढूँढ रहे हैं।
माँ-बाप अगर हैं तो ये समझो के स्वर्ग है,
कितने यतीम इनकी दुआ ढूँढ रहे हैं।
उस दौर में सुनते हैं के घर-घर में बसी थी,
इस दौर में हम शर्मो-हया ढूँढ रहे हैं।
वैसे तो पाक दामनी सबको पसंद है,
फिर आप क्यों औरत में अदा ढूँढ रहे हैं।
हाँ ! 'क़म्बरी' ने सच के सिवा कुछ नहीं कहा,
कुछ लोग हैं जो सच की सज़ा ढूँढ रहे हैं।
अंसार कम्बरी
दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा के मद्देनज़र देश के अलग-अलग जगहों पर पुलिस द्वारा यात्रियों और नागरिकों के दस्तावेज एवं उनके सामान कि चेकिंग हो रही है। पुलिस द्वारा आम नागरिकों कि सुरक्षा के लिए ये कार्य सराहनीय है। लेकिन कल से ऐसी जाँच और चेकिंग में दाढ़ी टोपी वालों कि वीडियो बड़ी चालाकी से वायरल किए जा रहे हैं। इसमें मीडिया और सोशल मीडिया दोनों कि भूमिका है। मेरा सवाल है कि क्या पुलिस केवल दाढ़ी टोपी वालों कि जाँच कर रही? अगर नहीं तो ऐसा नरेटिव क्यों सेट किया जा रहा है? दिल्ली ब्लास्ट में मारे जाने वाले हिंदू-मुस्लिम सभी थे. इसके पीछे जो भी है उसको सज़ा मिलनी चाहिए। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है। मीडिया इस बात को समझे…
भारत में आज सिर्फ़ #iLoveMuhammadﷺ लिखने पर मुसलमानों का अपमान किया जा रहा है। अगर अपने प्यारे नबी ﷺ से मोहब्बत जताना अपराध समझा जाता है, तो हम यह "अपराध" बार‑बार करेंगे।
हमारे लिए नबी ﷺ से मोहब्बत ईमान का हिस्सा है, और इस मोहब्बत को कोई ताक़त रोक नहीं सकती। अपमान, अन्याय और दबाव के बावजूद हम पूरे अदब के साथ और खुलकर अपने नबी ﷺ से मुहब्बत का इज़हार करते रहेंगे।
" 2 घंटे के लिए पुलिस वाले हट गये थे, लोगों ने ग़द्दारी की नही तो पूरा महराजगंज ख़त्म हो जाता , दरोगा बोला विधायक की मर्ज़ी चलती है"
बहराइच हिंसा के उपद्रवी छुपे हुए कैमरे पर साफ़ भास्कर की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में कह रहे है कि पुलिस ने उन्हें 2 घंटे के लिए छूट दे दी थी, लोगों ने ग़द्दारी की वरना पूरा महाराजगंज ख़त्म हो जाता, थाने के दरोगा ने भी छुपे कैमरे पर कहा कि "विधायक की मर्ज़ी चलती है!"
हिंदुओं देखों कैसे भाजपा मुसलमानों को खत्म करवाने और उनकी दुकानें, मकान में लूटपाट तोड़फोड़ के बात आगजनी औऱ हत्या करने के लिए आपके बच्चों के ज़हन में मुस्लिमों के प्रति ज़हर भर उनका इस्तेमाल कर रही है, बहराइच दंगा मात्र उदाहरण के रूप में देखिए वरना मुस्लिमों के ख़िलाफ़ हर दंगे में इसी थ्योरी को पेस्ट किया जाता है औऱ प्रशासन भी दंगाइयों के साथ दिखाई देता है, मुस्लिमों को मारने के लिए छूट देता दिखाई देता है!
प्रधानमंत्री से लेकर योगी और नड्डा तक ऐसे लड़के कैसे पहुंचे?
इनके इतने बड़े गुनाह के बाद भी किसी चैनल पर ये तस्वीरें चल रही हैं क्या ?
इनके फोटो दिखाकर कोई ' राष्ट्रवादी एंकर ' बीजेपी से सवाल पूछ रहा है क्या ?