आज पटवार एवं कानूनगो संघ के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे पर सार्थक बैठक हुई।
निर्णय लिया गया कि वरिष्ठ राजस्व अधिकारी कल दोपहर कम-से-कम एक गांव का दौरा करेंगे, फील्ड अधिकारियों के साथ लाइव डेमो देखेंगे और जमीनी व्यवहार्यता का आकलन करेंगे।
यदि कोई व्यावहारिक कठिनाई सामने आती है, तो मामला भारत सरकार तक उठाया जाएगा।
The Revenue and Disaster Management Department, Haryana has introduced Auto Mutation. Once registration deed is sanctioned, the system shall auto fill the mutation register in the concerned Patwari’s account. A fixed timeline has now been prescribed at every level for registered deeds where neither partition of land nor determination of succession rights is involved:
• 4 days to the Patwari.
• 3 days to the Kanungo.
• 3 days to the CRO.
If no action is taken within the stipulated time, the system will automatically forward the case to the next authority. After 10 days, the mutation will be incorporated in the Record of Rights (RoR) automatically.
The new system has been designed to make the mutation process simple, transparent and time-bound. Citizens will no longer need to visit any office for follow-up. The Jamabandi will also be updated automatically, and shortly a copy can be obtained online.
In December 2018, MCG took a small but meaningful step towards solving two problems at once — plastic waste and road durability.
A 100-metre prototype “plastic road” was laid in Sector 51 using shredded plastic waste mixed with bitumen. The experiment was launched with the aim of testing durability under heavy traffic while productively utilising the city’s daily plastic waste (nearly 20 tonnes a day — enough, in theory, for about 10 km of road).
The technology promised better water resistance, fewer potholes and lower maintenance. It was a practical attempt to turn a persistent urban challenge into a useful resource.
Small experiments like these remind us that sustainable solutions often begin with the willingness to try.
आज के सफ़ाई अभियान में, नगर निगम फ़रीदाबाद के खेल परिसर में, खिलाड़ियों के साथ मिलकर श्रमदान किया।कुछ ही पलों में पूरा खेल परिसर कचरा मुक्त हो गया।अगर हम सभी लोग थोड़ा थोड़ा योगदान दें तो बहुत जल्द पूरा शहर कचरा मुक्त हो सकता है।@cmohry @IASassociation
The entire department stood fully with the newly inducted Patwaris and extended complete support from day one.
Given their qualifications, we had high hopes that they would become strong partners in the ongoing digitisation of land records — a mission we have pursued with sustained extra effort so that citizens and, above all, our farmers receive far better, transparent services.
This transformation began in 2018-19. Progress was steady; since 2024 it has gathered real momentum.
Do not be swayed by those who oppose every positive change. Going on strike without deeper reflection was a serious mis-step. Any harm that follows will deeply disappoint the present leadership and all those who have worked hard for the cadre’s future.
Pause. Reconsider. Return to the path of constructive contribution. The department, and Haryana’s farmers, need your energy and commitment now more than ever.
Together we can resolve all problems — present and future.
Running away is no solution; it will only harm everyone in many ways.
@yashpalmurar आपकी बात बिल्कुल जायज़ है सर। किसानों के हितों के लिए जो कुछ भी हो सकता है किया जाना चाहिए।
फिर भी पटवारियों और विभाग के बीच सामंजस्य आपको ही कायम करना है।
जहां तक मुझे समझ आ रहा है यूनियन ने किसी एजेंसी द्वारा ही dcs किया जाना उचित माना है।
डिजिटल फसल सर्वेक्षण एक प्रगतिशील और किसान-हितैषी पहल है। जो कोई भी इसका विरोध कर रहा है, वह कृषि समुदाय के हितों के विरुद्ध कार्य कर रहा है। ये आंकड़े किसानों को अपनी उपज को प्रभावी ढंग से बेचने में मदद करते हैं। साथ ही, सरकार को फसल क्षेत्र और अनुमानित उत्पादन की सटीक जानकारी मिलती है, जिससे खरीद के लिए समय पर और पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके, ताकि किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी इन्हीं आंकड़ों के आधार पर दिया जाएगा।
वर्तमान प्रणाली और तकनीक अब पटवारी को हर खेत का दौरा करने तथा बिना चूक के सटीक आंकड़े दर्ज करने के लिए बाध्य करती है। हालांकि यह प्रक्रिया केवल एक बार करनी है; अगली बार इसे अधिक दूरी से पूरा करना संभव होगा। देश के प्रत्येक राज्य में यह कार्य इसी प्रकार किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में, और राजस्व विभाग की गौरवशाली परंपराओं को देखते हुए, अपनी अपेक्षित ड्यूटी निभाने में उनकी अनिच्छा आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण दोनों है।
सरकार ने सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे इस कार्य को किसी भी एजेंसी के माध्यम से करवा सकते हैं अथवा कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा सकते हैं। ऐसी स्थिति में इस विषय पर हड़ताल करना समझ से परे है। सभी कर्मचारियों को काम पर लौट आना चाहिए।
हम यहाँ किसानों और समाज की सेवा के लिए हैं — आवश्यक सुधारों का विरोध करके उनके हितों को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं। हमारा ध्येय हो कि हम उनकी बेहतर सेवा करें, और जो भी पहल इस दिशा में सहायक हो, उसका हम पूरा समर्थन करें।
We remain determined to clean the system, identify the corrupt and the negligent, and hold them fully accountable. We are here to serve the people — not the greed of a few.
Thousands of well-meaning employees have been misled by a handful of corrupt, negligent, and irresponsible elements whose only aim is to obstruct these efforts to cleanse the system.
सार्वजनिक जीवन में हर महत्वपूर्ण कार्य का उचित समय पर और यथोचित श्रेय दिया जाना चाहिए। दक्षिणी हरियाणा के इतिहास में ऐसी ही एक स्थायी उपलब्धि के रूप में डॉ. अभय सिंह यादव का योगदान चिर-स्मरणीय है, जिन्होंने क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जल समस्या का समाधान किया।
उनके निरंतर प्रयासों से नहरों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण, चेक डैमों के निर्माण तथा जल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करके दक्षिणी हरियाणा में सिंचाई के लिए जल की व्यवस्था की गई। यह क्षेत्र के लिए सबसे बड़े परिवर्तनों में से एक है। इससे कृषि समुदाय को प्रत्यक्ष राहत मिली है तथा सिंचाई अधिक सुनिश्चित एवं टिकाऊ बनी है। साथ ही क्षेत्र के नागरिकों को पेयजल की बेहतर उपलब्धता भी प्राप्त हुई है—जो एक समान रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक हित है।
इसी संतुलित क्षेत्रीय विकास की दृष्टि का विस्तार अब महेंद्रगढ़ में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब के रूप में हो रहा है। लंबे समय तक यह क्षेत्र औद्योगिक इकाइयों से लगभग वंचित रहा। आज के कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री, हरियाणा श्री नायब सिंह सैनी जी द्वारा पहली ट्रेन का रवाना किए जाने पर मैंने उनका आभार व्यक्त किया।
यह एक ऐतिहासिक क्षण है—जब एक लंबे समय से पोषित स्वप्न धरातल पर आकार लेने लगा है।
इस हब से आने वाली औद्योगिक प्रगति दक्षिणी हरियाणा के समग्र विकास को तीव्र गति प्रदान करेगी। आने वाली पीढ़ियाँ, जो इस औद्योगिक क्रांति का लाभ उठाएँगी, उस व्यक्ति के योगदान को याद रखेंगी जिन्होंने इसकी नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई—वो हैं डॉ. अभय सिंह यादव।
जल सुरक्षा पर उनका कार्य और औद्योगिक आधारशिला तैयार करने में उनकी भूमिका, क्षेत्र तथा उसके निवासियों की समृद्धि के प्रति उनकी दूरदर्शी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
@NayabSainiBJP@dr_abhe
लगभग 40 वर्षों बाद हरियाणा-राजस्थान सीमा पर जिला महेंद्रगढ़ में स्थित बाबा रामेश्वर दास जी के मंदिर में दर्शन करने का सौभाग्य मिला। बचपन में जब मैं अपनी स्वर्गीय दादी के साथ इस मंदिर आया था, तो स्वर्गीय बाबा ने मुझे प्रसाद में मिश्री देकर आशीर्वाद दिया था—उनकी वे यादें आज भी ताज़ा हैं।
शनिवार को मैंने नई दिल्ली में एग्री स्टैक पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया और न्यूनतम दूरी को 20 मीटर से बढ़ाकर 100 मीटर से अधिक करने का मुद्दा उठाया, ताकि यह अधिक अनुकूल और सुविधाजनक बने।
ये निर्देश भारत सरकार द्वारा जारी किए गए हैं और सभी राज्यों में लागू हैं। आशा है कि वे इस मांग पर विचार करेंगे।
Saturday is no longer just a holiday — it is an opportunity to meet new people, exchange ideas, and shape strategies for meaningful action.
This Saturday, I had a focused group discussion at Manav Rachna University, Faridabad, with experts from human resource management, water management, waste management, and education. The aim was to design practical programmes and implement them in collaboration with civil society under the Chief Minister’s Good Governance Associates initiatives.
Academic institutions hold valuable knowledge. Meaningful partnership with them can bring significant improvement in these critical areas.
@yashpalmurar सर नमस्कार,
सर क्यों ना एक गाँव पर एक पटवारी की व्यवस्था की जाए। जो गांव बड़े हैं वहां एक से ज्यादा पटवारी तैनात किए जाए। जिस से बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार का अवसर मिलेगा।
केवल एक सुझाव है सर
धन्यवाद।।।।।
राजस्व विभाग ने उन पटवारियों के संबंध में प्रस्ताव भेज रखा है, जो अन्य विभागों में चले गए हैं — या तो उन्हें समान वेतन दिया जाए, या उन्हें वापस राजस्व विभाग में भेजा जाए। आशा है कि जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
@yashpalmurar ये सब आपके सहयोग और आपकी दूरगामी सोच से ही संभव हो पाया है।
जैसे अटल जी कहते थे कि कांग्रेस बोलती है अटल तो अच्छा आदमी है बीजेपी बुरी है।
उसी प्रकार वर्तमान में सभी यही कह रहे कि डायरेक्टर साहब तो अच्छे है पर IT cell वाले बुरे है जो व्यवस्था को ढंग से लागू नहीं होने दे रहे।।
हरियाणा का राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग लगातार ऐसी कानून सम्मत जनहितैषी पहलें ला रहा है, जिनसे प्रक्रियाएँ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनें।
पिछले डेढ़ साल में छह लाख से अधिक म्यूटेशन स्वीकृत किए गए हैं और लंबित मामले एक लाख से नीचे आ गए हैं।इसके लिये सभी अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।
हम व्यवस्था को साफ करने, भ्रष्ट और लापरवाह लोगों की पहचान करने तथा उन्हें जवाबदेह ठहराने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हम जनता की सेवा के लिए हैं — कुछ लोगों के लालच के लिए नहीं।
दोष दृष्टि बाहर की बजाय अंदर की ओर मोड़ने का आह्वान है। सच्चा सुधार यहीं से आरंभ होता है।
बुरा जो देखन मैं चला,
बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजा आपना,
मुझसे बुरा न कोय॥
— संत कबीर
हम अपना आदर्श ख़ुद स्थापित कर सकते हैं!