माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने समाजवादी पार्टी के माननीय सांसदों एवं विपक्ष के सांसदों के साथ छात्रों के विरुद्ध हो रहे उत्पीड़न के ख़िलाफ़ संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।
छात्रों के हित में ये न्याय संघर्ष जारी रहेगा !
भारत के सभी बड़े सेक्युलर लिबरल यूट्यूबर
1. एससी-एसटी-ओबीसी आरक्षण विरोधी हैं।
2. सवर्ण EWS आरक्षण के समर्थक हैं।
3. किसी बड़े सेक्युलर यूट्यूबर ने NEET में ओबीसी रिज़र्वेशन का समर्थन नहीं किया।
4. किसी ने एससी-एसटी एक्ट का समर्थन नहीं किया
5. जाति जनगणना का समर्थन नहीं किया।
6. कोलिजियम सिस्टम और जज नियुक्ति के बेटावाद और जातिवाद पर ये चुप रहेंगे।
7. मीडिया डायवर्सिटी इनका मुद्दा नहीं है।
8. सभी जातियों को पुजारी बनाए जाने के तमिलनाडु सरकार के फ़ैसले का ये समर्थन नहीं करेंगे।
9. कैलिफ़ोर्निया एंटी-कास्ट बिल का समर्थन ये नहीं करेंगे।
9. ये सिर्फ़ हिंदू-मुसलमान मुद्दे उठाएँगे।
ऐसे सेक्युलर यूट्यूबर का हम क्या करें? अचार डालें उनका।
आनंद महेन्द्रा ने ये साफ़ नहीं किया कि किस काम के लिए ट्रेंड और कैपेबल युवाओं की भर्ती करेंगे ?
क्या सिक्योरिटी के लिए ?
जैसे कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है ?
@anandmahindra
मैं आपकी दूरदृष्टि का प्रशंसक हूँ लेकिन समझना चाहता हूँ . इतनी जानकारी से भ्रम पैदा हो रहा है .
जुमला और मोदी एक दूसरे के पूरक है, आज के युवा को सरकार बिल्कुल इसी तरह का लॉलीपाप दे रहीं है, सपनों का कैसे मज़ाक़ बनाया जाता है ये सरकार जानती है ! #अग्निपथ सिर्फ़ #पतन का #पथ हैं !
मोदी राज के आठ साल हो गए .
पेट्रोल 35 का हो गया
हर घर में नौकरी मिल गई
बेरोज़गारी की लंका लग गई
हर चीज सस्ती हो गई
काला धन आने से देश मालामाल हो गया
अब मुग़लों से बदला लेना है . बाबर और औरंगजेब को ज़िंदा करना है . ताजमहल , कुतुबमीनार और ज्ञानवापी में चालीसा पढ़ना है .