Too much negativity about India. Yes, China is ahead of us in manufacturing, but credit where due, after a decade of manufacturing consent, we have begun manufacturing dissent in large volumes. Make in India is working.
अयोध्या में उमड़े जनसैलाब के बीच आई हुई प्रेस-मीडिया को अधिक समय न दे पाने का खेद है।
अयोध्या के कार्यक्रम में आए सभी पत्रकारों का हार्दिक अभिनंदन और धन्यवाद!
अब तो अयोध्या आते रहेंगे…
आज अयोध्या की पावन धरती पर कलियुग के ताप को हरकर इहलोक को संवारने वाली और परलोक को सुधारने वाली ‘भागवतकथा’ का अमृतपान करने के सौभाग्यशाली क्षण।
बचपन में किसी ने बताया था कि ‘जो भव के बंधन से मुक्त कराए वही भागवत।’ और ‘जो व्यथा हरे, वही कथा’। आज का समय क्योंकि बंधनों और व्यथाओं से भरा है - अहंकार के बंधन, सत्ता के बंधन, जाति के बंधन, भेदभाव के बंधन, वैमनस्य के बंधन, ऊँच-नीच के बंधन, छुआछूत के बंधन, शुद्धि-अशुद्धि के बंधन और भी अनेक प्रकार के सामाजिक और मानसिक बंधन, इसीलिए भागवतकथा का महत्व और प्रासंगिकता आज और भी बढ़ गई है।
कथा सिर्फ कहानी नहीं होती जो मनोरंजन करती है, कथा तो ‘मनोवर्द्धन’ करती है। कहानी मन को बहलाती है, कथा मन और मनोबल को बड़ा बनाती है। कहानी के अंत होने पर आनंद का क्षणिक अनुभव होता है, जबकि कथा खत्म होने पर उत्तरदायित्व की अमिट गहरी अनुभूति होती है। कथा के मूल संदेश को जीवन में उतारने से ही कथा सुनने का पुण्य प्राप्त होता है।
भागवतकथा इसीलिए कथा है, कहानी नहीं। वो सिर्फ कृष्ण जी के बारे में नहीं बताती, वो हमें कृष्ण जी जैसा बनने के लिए हमें प्रेरित करती है।
भागवतकथा वाचन-श्रवण से बढ़कर, व्यक्तिगत प्रेम और सामाजिक समानता का संविधान है।
भागवतकथा सिखाती है - प्रेम ही सबसे बड़ा परमार्थ है।
भागवतकथा दया और करुणा का पाठ पढ़ाती है।
भागवतकथा भेदभाव मिटाकर समानता सिखाती है।
भागवत कथा की अनंत सीखों में से एक विशेष सीख ये भी मिलती है कि ‘प्रेम, दया, अपनापन’ ही सबसे बड़ा मानव-धर्म है।
मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से, भागवतकथा का सबसे बड़ा सबक यही है कि ‘भेदभाव मिटाओ, समानता लाओ’।
कृष्ण जी ने सिखाया कि सत्ता आती-जाती
आज के समय में, प्रेम और समानता के महाकाव्य को हम ‘संविधान’ कहते हैं। इसीलिए हमें संविधान की रक्षा करनी है।
मुझे लगता है भागवतकथा ‘शोषित, पीड़ित, वंचित के उद्धार’ का सबसे बड़ा स्रोत है। इसमें 'राज' का मतलब शासन नहीं, सबको साथ लेकर चलना है।
मेरे लिए भागवतकथा ‘सामाजिक न्याय के राज’ के उदाहरणों का एक संकलन है, जिसमें विदुर जी भी हैं, सुदामा जी भी हैं और कुब्जा भी। इन चरित्रों के माध्यम से मैंने तो यही सीखा कि किसी भी उपेक्षित, विपन्न व उपेक्षित को उसके तिरस्कृत होने या वंचित होने के भाव से मुक्त करना ही सामाजिक न्याय है।
साथ ही जिस ‘बंधु-राष्ट्र’ बनाने का संकल्प हम लेकर चले हैं, भागवतकथा उसका प्रकाश स्तंभ बनकर हमें राह दिखाती है।
भागवत कथा सदियों से चलती चली आ रही है और सदियों तक चलेगी क्योंकि नफ़रत और भेदभाव हर युग में होंगे, तो कृष्ण जी की चेतना भी प्रेम, दया और अपनापन से उनका अंत करने के लिए विविध रूप में सक्रिय होती रहेगी व मानवता को चिरायु होने का वरदान देती रहेगी।
‘भागवतकथा’ का यही है सार
’प्रेम’ ही है सबसे बड़ा संस्कार
’दया’ से ही पूर्ण होता ये संसार
’अपनापन’ जीवन का आधार
‘भागवतकथा’ का यही है सार
’सामाजिक-न्याय’ हो आधार!
’मिटें भेद सब, हो सबका उद्धार
निर्मूल हो ‘पीड़ा, दुख, अपमान’
’शोषित-वंचितों’ का हो उत्थान
बनके ‘बंधु-राष्ट्र’ करें कल्याण
‘भागवतकथा’ का यही है सार
अमर नहीं होता किसी का राज
अंत में मारा ही जाता ‘अहंकार’
और होता है पापियों का संहार
‘भागवतकथा’ का यही है सार
बहराइच
➡️ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा का प्रदर्शन
➡️पूर्व मंत्री यासर शाह के नेतृत्व में प्रदर्शन
➡️हजारों की संख्या में सपाई पहुंचे कलक्ट्रेट
➡️भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही
#SamajwadiParty#GyaneshKumar#Bahraich@samajwadiparty
अकबर, बाबर, हुमायूँ, शाहजहां, गाजी, मस्जिद, पाकिस्तान, औरंगजेब इत्यादि का नाम 24 घंटे बस यही सब सोचते हैं?
दिमाग है या कचरे का डब्बा?
भोगी जी का अब्बा टब्बा चब्बा?
भारत के संविधान, लोकतंत्र और उसकी आवाज़ की रक्षा हर भारतीय की ज़िम्मेदारी है - और ये Process शुरू हो चुका है।
हिंदुस्तान की जनता को न्याय दिलाने का Process
लोकतंत्र में भरोसा वापस लाने का Process
देशद्रोहियों को सज़ा दिलाने का Process
और अब ये रुकने वाला नहीं है।
काशी बन न पाया क्योटो और न गोरखपुर स्पेन
पर ‘लखनऊ’ वेनिस बना, छिना सब सुख-चैन!
स्मार्ट सिटी के भ्रष्टाचार के पैसे की अनगिनत बोरियों से सारे नाले-सीवर जाम हो गए हैं, क्योंकि भाजपाई सुरंगजीवी वहीं निवास करते हैं।
तैरिए कि आप लखनऊ में हैं!
दिल्ली में कांग्रेस और विपक्षी सांसदों का भारी विरोध प्रदर्शन. प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस ने हिरासत में लिया. हिरासत के दौरान प्रियंका के हाथ में संविधान की कापी थी.
Congress | Protest