नकल तहरीर सेवा मे श्रीमान थाना प्रभारी महोदय, थाना जहाँगीराबाद जनपद बुलन्दशहर । विषयः- दहेज के लिए मारपीट कर जान से मारे की नियत से आग लगाने के सम्बन्ध में एफ0आई0आर0 दर्ज करने हेतु प्रार्थना पत्र। महोदय, सादर अवगत कराना है कि प्रार्थिनी आफरीन पुत्री अनवार अहमद (मरहूम) निवासी
@bulandshahrpol@myogiadityanath@AmitShahOffice@narendramodi दी जिससे प्रार्थिनी 30 प्रतिशत जल गयी प्रार्थिनी इन सभी से अपनी जान बचाकर घर से बाहर निकली जिसका प्रार्थिनी के पास एक विडियों भी है। अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि उपरोक्त सभी के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें। द���नांक:- 5/9/26
सहारनपुर कलेक्ट्रेट में स्थित प्राचीन मस्जिद का ध्वस्तीकरण अत्यंत अफसोसजनक है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह बुनियादी सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर संविधान और कानून सभी के लिए समान हैं तो उनके लागू करने में दोहरा मापदंड क्यों दिखाई देता है? आज बुलडोजर न्याय की निशानी कम और बदले, भेदभाव और नफरत की राजनीति का हथियार बनता जा रहा है।
यह मामला केवल एक मस्जिद का नहीं, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता, कानून के शासन, धार्मिक स्वतंत्रता, नागरिक समानता और राज्य की निष्पक्ष भूमिका का सवाल है।
1991 का Places of Worship Act आज भी मौजूद है। इसी तरह नए वक्फ कानून में भी “वक्फ बाई यूजर” की धारा मौजूद है। यह मस्जिद वक्फ बोर्ड में दर्ज है जिसका नंबर 451 है। जबकि जमीन के पुराने रिकॉर्ड में याकूब खान और वहीद खान के से जमीन दर्ज हैं। मस्जिद कमेटी ने अदालत में 1911 से संबंधित दस्तावेज, नगरपालिका रिकॉर्ड और पुराने राजस्व अभिलेख प्रस्तुत करके यह पक्ष रखा था। ऐसे ऐतिहासिक और कानूनी साक्ष्यों को नजरअंदाज करके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न्याय की उसूलों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
अगर अवैध कब्जा या अतिक्रमण ही कार्रवाई का मापदंड है तो यही मापदंड हर ध���्म और हर वर्ग के लिए समान होना चाहिए। देश के विभिन्न हिस्सों में सरकारी जमीनों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर दशकों से मौजूद दूसरी धार्मिक निर्माणों के खिलाफ भी क्या प्रशासन इसी जल्दबाजी, सख्ती और मापदंड से कार्रवाई करता है? अगर नहीं, तो किसी एक धार्मिक स्थल के खिलाफ असाधारण सख्ती समान न्याय के सिद्धांत के विपरीत महसूस होती है।
भारत क��सी एक धर्म या वर्ग का नहीं, हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और सभी धर्मों को मानने वालों का साझा वतन है। संविधान ने किसी को पहले और किसी को दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं बनाया है।
हम किसी विशेष रियायत के इच्छुक नहीं हैं, केवल समान न्याय चाहते हैं। हमारा सवाल सीधा है: जो कानून मस्जिद के लिए है, वही हर धार्मिक स्थल के लिए क्यों नहीं? जो मापदंड मुसलमान के लिए है, वही दूसरे नागरिक के लिए क्यों नहीं? संविधान और ���ानून अगर सभी के लिए हैं तो उनका संरक्षण और लागू करना भी सभी के लिए समान होना चाहिए।
#ArshadMadani
#Jamiat_ulama_I_Hind
#SaharanpurMosque
#SaharanpurCollectorate
#SaharanpurDemolition
#PlacesOfWorshipAct1991
1. ज़िला सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आएदिन मस्जिदों को काफी आपाधापी में अवैध बताकर उनको ध्वस्त करने का जो सरकारी अभियान चल रहा है वह ठीक नहीं है तथा सरकार को ऐसे निगेटिव हालात से बचने के लिये इस पर तुरन्त रोक लगाकर इसके समाधान के अन्य उपाय ज़रूर करने चाहिये।
2. वैसे भी एक संवैधानिक सेक्युलर सरकार द्वारा सभी धर्मों के मानने वालों एवं उनके धार्मिक स्थलों आदि का एक समान आदर-सम्मान व उनकी स��रक्षा करने का उत्तरदायित्व बनता है। इस्लाम मज़हब में मस्जिदें हर दिन इबादत बल्कि दिन में कई बार जमात के साथ नमाज़ पढ़ने का मुख्य व अभिन्न अंग हैं, जिसको ध्यान में रखकर व भारतीय परम्परा के अनुसार सम्मान देना देश व व्यापक जनहित में ज़रूरी है।
3. इसके साथ ही, बिना नियम-क़ानून का समुचित अनुपालन किये हुये किसी भी अभियुक्त का मकान ध्वस्त करके उसके पूरे परिवार को सामूहिक तौर पर सज़ा देकर बेघर बार क�� देने की कार्रवाईयों से भी लोग काफी विचलित हैं। ऐसे में बी.एस.पी सरकार की तरह का ’क़ानून द्वारा क़ानून का राज’ का व्यवहार ज़रूरी है।
4. अतः केवल सरकार ही नहीं बल्कि माननीय न्यायालय भी इस ओर समुचित ध्यान दें तो यह उचित होगा। लेकिन ऐसे हालात में सभी लोग सौहार्दपूर्ण वातावरण भी ज़रूर बना कर रखें, पार्टी की यह भी अपील है।
4 PM की पत्रकार शाहीन को धार्मिक आधार पर पीटे जाने के BBC लंदन की पत्रकार रही हुदा जरीवाला ने दिल्ली पुलिस को दिखाया आइना ,
हुदा जरीवाला का दिल्ली ���ुलिस से किये गए ये सवाल आने वाले इतिहास में स्व��्ण पन्नों में लिखें जायेंगे ,
सलाम है ऐसे पत्रकारो पर ,
इन गुंडों को जितना बढ़ावा @myogiadityanath की @UPGovt में मिल रहा है, उतने ही इनकी गुंडागर्दी बढ़ती जा रही है। @dgpup हों या @Uppolice इन गुंडों का ना तो एनकाउंटर कर पा रहे हैं, ना इनकी संपत्तियों पर बुलडोज़र चला पा रहे हैं।
It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better educational system, and their parents supported them.
I truly appreciate the stand they have taken, showing dedication, sincerity, and keenness to study hard n make their future and a greater, educated India. This andolan, this protest, is the right way to go abt it, n the students have done this peacefully. So courageous and brave. Driven and motivated towards education, this generation will make India proud.
This issue is between the students and the educational system, it should not be hijacked politically, the credit should only go to the students of our country, and I am sure the government will also give them all the support n make it a stronger educational system. It’s a win-win situation. Hoping n praying for a positive decision. God bless all of you who wanna be educated.
Education should be the next trend and fashion, and should get trendier n more fashionable yr by yr, itna k bahar se log come to India to study and India becomes an educational hub.
राजधानी दिल्ली में कल हुए प्रोटेस्ट में लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले की बौछार पर छात्रों का दर्द दिखाता हुआ ये रेप सांग ,
देश के युवाओ और छात्रों को समर्पित ये गाना गरम कलाकार ने बनाया है ,