दुखद है हम 2026 में भी इस तरह का देख रहे है
SC-ST एक्ट में विचाराधीन कैदी अनिल द्विवेदी की जेल में 2025 में संदिग्ध मौत हो गई थी। वही इकलौते कमाने वाले थे। परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इन बच्चों के की पढ़ाई मुश्किल हो गई थी।
ग्राम प्रधान को ऐसा नहीं करना चाहिए गरीब बेचारी कितना रो रही है उसका दर्द समझना चाहिए ग्राम
प्रधान को और और प्रशासन को भी मदद करनी चाहिए उन लोगों की झोपड़िया को नहीं जलाना
चाहिए मान लीजिए इलीगल रह रहे हैं तो ग्राम प्रधान को उन लोगों को उचित स्थान दिलवाना चाहिए ऐसे
जबरदस्ती नहीं हटाना चाहिए वह भी इंसान है उनके भी परिवार है कहां जाएंगे वह लोग बेचारे
मदन राठौर - सवर्ण कहा जाएँगे ये हमारे ही लोग हैं। ये सबक़ किसको सिखायेंगे ,हमको सबक सिखायेंगे तो ख़ुद को सबक मिलेगा।
महिपाल सिंह मकराना - मदन राठौर के बयांन पर कहा वो उनके विचार है। सवर्णों के विचार थोड़ी हो सकते हैं। ये उनका व्यक्तित्व हो सकता है। स्वर्ण समाज कहां जाएगा? यह वक्त आने पर बता दिया जाएगा। सवर्ण कहा जायेगा। मेरा संघर्ष सवर्णों के लिए हर प्रदेश में #UGCRollBack रहेगा। हमारे पास तीसरा विकल्प होना चाहिए। हम बीजेपी के बंधुआ मजदूर नहीं है।
#MahipalSinghMakrana #KarniSena #UGCRollBack
इस वीडियो को तब तक शेयर करें जब तक यह घूसखोर पुलिस वाला सस्पेंड नहीं हो जाता
अरे @samrat4bjp जी, मधेपुरा कोर्ट में होमगार्ड सिपाही खुलेआम जनता से चूस रहा है, अवैध वसूली और करप्शन का कारोबार।
सुशासन का ढोल पीटने वाले सरकार में ये दो कौड़ी के गुंडे कब तक घूमेंगे? तुरंत संज्ञान लो, सस्पेंड करो वरना सिर्फ भाषणबाजी ही रह जाएगी।
This Lallantop clip of a JPSC aspirant showing her agenda, time table, talking about how she keeps downloading apps to improve her communication skills is just painful to watch. ‘no plan b’. everything wrong with our ‘exam system’ - which is different from an education system - all at once
छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में बवाल,छात्राओं का आरोप,प्रिंसपल कहते हैं, "तुम मर जाओ।"
छात्राओं का यह भी आरोप है कि प्रिंसिपल और उनका ड्राइवर आधी रात को बिना अनुमति उनके कमरे में आ जाते हैं। वहीं, सवाल पूछे जाने पर प्रिंसिपल ने कहा, "हम कुछ नहीं बोल सकते हैं।
जरा गौर से देखिए..
शांति से चल रहे मार्च पर लाठीचार्ज कैसे हुआ...
एक जातिवादी कीड़ा BL मीणा (3 स्टार) नाम का पुलिस वाला....
सभी साथी इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा फैला दो... इस जातिवादी कीड़े का इलाज जरूरी है...
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
21 AUGUST JANTAR MANTAR PERMISSION ✅
AB HUM SBHI GROUND PE AA CHUKE HAI SBHI LOG LG JAO HUME IS MOVEMENT KO SUCESS BNANA HAI
#harshdubey#jantarmantar#protest
OBC समाज का एक युवा देवराज सिंह UGC नियमों के विरोध में लड़ाई लड़ते-लड़ते शहीद हो गया। 🙏🏻
अब UGC Roll Back होकर ही रहेगा,
साथियों यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। 💪
उत्तर प्रदेश के बलिया में मोहम्मद ज़ाहिद ने कक्षा 7 की एक हिंदू छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर उसे वायरल कर दिया।
लड़की के पिता का आरोप है कि इंस्पेक्टर इस्माइल शेख ने रिश्वत लेकर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली।
विदेश में रह रहे पीड़िता के पिता अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय और कड़ी कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं।
अब हमारा और आपका फर्ज बनता है कि ये बात योगी जी तक पहुंचाये
कमेंट में आपलोग मेंशन करें या Repost करके मेंशन करें @myogiadityanath@myogioffice@balliapolice@Uppolice
अयोध्या से आया ये समाचार बेहद दुखद है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान ठेले पर पानी बेचने वाले बिहार निवासी दीपक कुमार की मौत हो गई। उनकी पत्नी का आरोप है कि प्रवर्तन दलवालों ने डंडा लेकर दौड़ाया था जिसके बाद गिरकर उनके पति की मौत हो गई। पुलिस कह रही है कि उन्हें घटना की सूचना नहीं दी गई, अगर दी गई होती तो मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाता।
भाजपा राज में शासन-प्रशासन बेहद संवेदनहीन और अमानवीय हो गया है।
दोषियों के विरुध्द कार्रवाई हो!
जयपुर वासियों और करनी सेना के महिपाल सिंह समेत हर व्यक्ति को आभार जिन्होंने यूजीसी को भुलाया नहीं और सतत इसके लिए पदयात्रा आदि के माध्यम से लोगों को जोड़ते रहे।
देश में एक नए जनआंदोलन का बिगुल बज चुका है।
महिपाल सिंह मकराना एक बार फिर पदयात्रा में शामिल हो चुके हैं। 3 अगस्त को जयपुर की सड़कों पर सामान्य वर्ग का जनसैलाब उमड़ेगा।
अगर सरकार अभी भी इस आंदोलन को हल्के में लेने की भूल कर रही है, तो अपना यह भ्रम समय रहते दूर कर ले।
#UGC
600 किलोमीटर की यात्रा ओर अनशन के बाद आज अचानक महिपाल सिंह जी मकराना जी की तबियत ख़राब हो गई है,माँ करणी से प्रार्थना है भाई Mahipal Singh Makrana को जल्दी ठीक करें!!
जय माँ करणी #UGCROLLBACK
करणी सेना जयपुर कार्यालय
मिलिए राहुल से…
जनरल कैटेगरी के उस ग़रीब लड़के से,
जो एससी-एसटी वालों की दुकान में पोछा लगाकर, फर्श साफ़ करके अपना घर चला रहा है।
और सुनिए उसकी अपनी बातें…
देखिए… आरक्षण की मार कैसे जनरल कैटेगरी के मासूम बच्चों का बचपन और भविष्य दोनों खा रही है।
मुझे हमेशा लगता था कि आरक्षण तो बारहवीं के बाद कॉलेज-जॉब में शुरू होता होगा।
पर आज दिल बैठ गया जब पता चला कि यह मार कक्षा चार-पाँच से ही शुरू हो जाती है।
स्कूल में ड्रेस मुफ़्त मिलती है… सिर्फ़ एससी-एसटी के बच्चों को।
जनरल कैटेगरी का गरीब मासूम बच्चा रोज़ देखता है कि उसके साथ पढ़ने वाले साथी नई ड्रेस पहनकर आ रहे हैं, और वह खुद फटी-पुरानी कमीज़ में बैठा है।
उसकी नन्ही सी समझ में यह बात नहीं आती कि उसे क्यों नहीं मिली।
सिर्फ़ इसलिए कि वह “सामान्य जाति” का है।
सोचिए… उस पाँच-छह साल के बच्चे के दिल पर क्या बीतती होगी।
हर सुबह जब वह स्कूल जाता है तो उसकी आँखों में वही सवाल घूमता रहता है~
“मैंने क्या गुनाह किया है?
मैंने किससे नफ़रत की?
मेरी ग़लती सिर्फ़ यह है कि मैं जनरल कैटेगरी में पैदा हुआ?”
और सबसे दुख की बात यह है कि वही बच्चा छोटी उम्र में बाइक धो-धोकर घर का खर्च चला रहा है।
एससी-एसटी मालिक की दुकान में खड़ा होकर फर्श पोछ रहा है, बाइक साफ़ कर रहा है…
जबकि उसी उम्र में उसके कुछ साथी मुफ़्त की सुविधाएँ लेकर आराम से पढ़ रहे हैं।
यह सिर्फ़ ड्रेस की बात नहीं है।
यह उस बच्चे के आत्मसम्मान की हत्या है।
यह उस ग़रीब जनरल कैटेगरी के परिवार की पीड़ा है जो मेहनत तो करता है, लेकिन व्यवस्था उसे बार-बार याद दिलाती है कि तुम्हारी मेहनत की कोई क़ीमत नहीं, क्योंकि तुम्हारी जाति “गलत” है।
मैं ग़रीब जनरल कैटेगरी के उन सभी बच्चों की आँखों में छिपा हुआ दर्द देख सकता हूँ…
जो आज भी स्कूल में चुपचाप बैठे सोच रहे होंगे~
“काश… मैं भी किसी और जाति में पैदा हुआ होता।