Salute to these kids who are fighting for their future!
All they are asking for is a road to their school. Is that too much to ask after nearly 80 years of Independence? This should have been done decades ago.
This 15th August, let’s pledge to work for the children and schools of rural India. 🇮🇳
This is the only cheap, gutter-level tactic these people have! To shamelessly snoop into other people’s private lives, twist scraps of gossip, and manufacture some third-grade controversy out of it. Absolutely VILE and PATHETIC! Your so-called motivated “utsukta” to know who these people are is actually a disgusting obsession with other people’s personal lives. It only exposes the level of your perversion, your gutter mentality, and that embarrassingly third-grade, low-IQ brain of yours!
आप लीचड़ किस्म के आदमी हैं, जो महिला-पुरुष को साथ देख कर घटिया ही सोच सकते हैं
तस्वीर में जो महिला और बच्चा हैं वह राहुल जी के मित्र की पत्नी और बच्चा हैं - मित्र फोटो में नहीं हैं - छुट्टी पर सपरिवार साथ थे
महिलायें आप जैसे लिजलिजों के साथ सहज नहीं हैं - कुंठित मत होइए
पंकज, हम तो खुलकर इंडिया गठबंधन के साथ हैं एकदम। पैसा दें तब भी, ना दें तब भी।
आप क्यों नहीं स्वीकारते कि आप भाजपा के स्लीपर सैल हो, पत्रकारिता का नाटक क्यों करते हो?
UP में किस माफिया से कौन पैसा खाता है, ये सबको मालूम है।
संघियों से यही उम्मीद थी, अंधभक्त तो बहुतेरे देखे थे, पर साक्षात #महाइडियट” को समर्पित #महाअंधभक्त” म्यूजियम के लायक बिरले होते हैं।
वैसे “पैलेट गन” के महारथी को “गैंडा” शब्द से नवाजा जाना उचित नहीं है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूँ महोदय.. और सदन के अंधभक्त स्पीकर महोदय से माँग करता हूँ कि इस असंसदीय शब्द को कार्यवाही से निकाल दिया जाए 😄
सुना है जेल रिटर्न तिहाड़ी चौधरी मेरे और रवीश जैसे पत्रकारों के लिए कुछ बोल रहा है .
जो आदमी सीधे- सीधे सौ करोड़ की ब्लैकमेलिंग करने के मामले में जेल जा चुका है .
जो आदमी स्टिंग कैमरे में अपनी करतूतों के साथ क़ैद है .
जो आदमी सरकार के तलवे चाटने की प्रतियोगिता में पहले पायदान पर बने रहने के लिए हर रोज़ जतन कर रहा है .
जो आदमी सत्ता की सरपरस्ती में अपनी ज़ुबान और ज़ेहन को गिरवी रखकर काम कर रहा है .
जो आदमी पत्रकारिता के चोले में रहकर हर दौर में सरकारों से सेटिंग करके
अपना धंधा कर रहा हो .
जो आदमी मोदी की चाटूकारिता करके करोड़ों के सरकारी अुनदान पर बीजेपी का भोंपू बना हो .
जो आदमी विपक्ष और विरोध की आवाजों के ख़िलाफ़ सुपारी लेकर दिन रात काम कर रहा हो .
जो आदमी पत्रकारिता के सबसे कलंकित चेहरों में से एक हो .
वो आदमी बोल रहा है .
छोड़ो यार .
A corrupt, incompetent former minister was given a hero’s welcome by his own ilk.
Imagine their audacity, their mediocrity and their sheer insensitivity towards the 26 students who have died by suicide in the past few months.