अजीत भारती से मेरे 10 बात पर मतभेद हो सकते हैं
पर जिस बात पर अजीत भारती पर SCST Act लगया और कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी 🙄
उस हिसाब से तो इस पर SCST से बड़ा कुछ हो तो वो लगना चाहिए !
आशीष जोशी IAS (Retd.) हैं,
सोशल मीडिया पर सरकारी नीतियों की आलोचना लिखते थे।
मॉर्निंग वॉक पर निकले थे कि अचानक लापता हो गए,
होते-करते 10 घंटे बाद पता चला कि दिल्ली की वीर पुलिस उन्हें उठाकर ले गई थी,
ब्राह्मणों और सवर्णों के समर्थन में लिखना भारी पड़ गया साहब को
CJP वाले आशुतोष रांका पर राजस्थान में Sc St Act लगा, राहुल गांधी पर उत्तराखंड में Sc St Act लगा, दोनों केस में गिरफ्तारी का नामोनिशान नहीं। लेकिन स्वतंत्र भारद्वाज के तीन महीने पुराने मामले में अचानक Sc St Act जोड़ दिया गया और उसी दिन गिरफ्तारी भी हो गई। अब बताओ, कानून एक है या हर शख्स के लिए अलग-अलग ड्राफ्ट छपवाया जाता है?
संविधान सबके लिए बराबर है, ये किताब में लिखा है। लेकिन अमल में देखो तो एक तरफ कोई गिरफ्तार ही नहीं होता, दूसरी तरफ पुराना केस अचानक जीवित हो जाता है।
अगर कानून का यही हाल रहा तो लोग पूछेंगे ही कि ये संविधान सबके लिए एक है या सिर्फ कागज पर छपा हुआ है।
Sleeper success of Hanuman Ansh is so satisfying. Only fear is that now the traffic jam near Kainchi Dham is going to go up to 5 hours from usual 1.5 hours 🥹
BJP needs to be defeated in UP, Rajasthan and MP and the signaling should be GCs' anger.
This alone will help regain political respect for GCs in order to protect GCs in a longer run.
ब्रेकिंग 👇
अभिषेक ठाकुर पर भीम आर्मी कार्यकर्ता का जानलेवा हमला...
एक हमलावर ने अभिषेक ठाकुर पर रिवॉल्वर भी तानी और बोला कि इसको आज जा*"न" से मा*"र" देगे।
ये क्या हो रहा है अब देश में खुलेआम हमले हो रहे है अब।
हमें धीरे धीरे नपुंशक बनाया गया
शक्ति पीठों पर क्षत्रिओं द्वारा बकरे की बलि पर किसने रोक लगाई ?
कभ एक झटके से ठाकुर लोग बकरा भैंसा की गर्दन उड़ा देते थे
आज मुर्गी मारने में कलेजा काँप रहा है
जरूरत से ज्यादा दया - नपुंशकता की ओर ले जा रही है
वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रदीप सिंह जी ने वर्तमान परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए कहा है कि इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा नुकसान समाज को ही भुगतना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीजेपी अपनी नीतियों में कोर्स करेक्शन करने के बजाय समाज को जातियों के आधार पर बाँटकर उन्हें आपस में लड़वाना अधिक उचित समझ रही है।
राइट विंग वालों को सीधा सीधा एक टास्क पकड़ाया गया है, पाकिस्तानियों को गाली देना ।
इसके अलावा किसी अन्य विषय पर बोलने से साफ साफ मनाही है।
लेकिन फिर भी कुछ लोग कभी कभी नियम तोड़ देते हैं और फिर उनका "अजीत भारती" हो जाता है।
सीधी बात इनको समझ में ही नहीं आती ।
योगी आदित्यनाथ आज तिरूपति बाला जी के दर्शन करने पहुंचे हैं…
कल प्रदेश में IAS और IPS अफसरों के तबादले होंगे…संजय प्रसाद साथ ही हैं तो “discussion” हो ही जाएगा !!
जातीय टकराव अगर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
राजनीतिक दलों को खासकर भाजपा के बहुरूपिया को समझना होगा जाति के नाम पर वोट की राजनीति से तत्काल फायदा मिल सकता है, लेकिन समाज में पैदा हुई नफरत की कीमत आने वाली पीढ़ियाँ चुकाएँगी
बड़ी खबर 🚨
दिल्ली में आज स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थक अभिषेक ठाकुर सनातनी पर भीम आर्मी के 30-40 लोगों ने हमला कर दिया है, उन्हें जान से मारने के लिए उनके ऊपर रिवाल्वर भी तानी है।
अभिषेक ठाकुर दिल्ली के तिलक नगर में इस वक्त अपनी FIR दर्ज कराने गए हैं।
आपने कुछ दिन में तस्वीरें देखीं होंगी जिनमें एक व्यक्ति को कितनी बुरी तरह पीटा गया, एक वीडियो में कुछ वकील और स्वतंत्र भारद्वाज के सहयोगी समर्थक भागते हुए दिख रहे हैं पीछे से भीम आर्मी के लोग दौड़ा रहे हैं।
अब बताओ क्या स्थिति आ गई है, कितना दवाव बना रहे हैं भय बना रहे हैं लेकिन अब यह किसी सरकार या प्रशासन या फिर राहुल गांधी और चंद्रशेखर रावण और केजरीवाल को दिखाई नहीं देगा।
It’s not that some weren’t courageous; it’s that majority were cowards.
We have been speaking out against reservations & misuse of SC/ST Act for years. Yet instead of listening to us, we were blamed for breaking Hindu unity.
Now, the outcome is right in front of everyone.
स्वतंत्र भारद्वाज के केस में पटियाला हाउस कोर्ट गए उनके समर्थकों पर कथित तौर पर भीम आर्मी के गुंडों ने लाठी-डंडों से आक्रमण किया। कुछ लड़कों को गंभीर चोटें आई हैं। यह वीडियो मुझे वहाँ उपस्थित किसी व्यक्ति ने भेजा है।
यदि यही सब होता रहा, तो समाज को @BJP4India एक आंतरिक जातिगत संघर्ष में झोंक देगी क्योंकि भाजपा के मोदी एक्ट का बवासीर केवल झूठे केस बनाने तक सीमित नहीं रह गया है, अब इस तरह से सरेआम गुंडागर्दी होगी और सवर्ण पिटते रहेंगे।
पिछले 15-20 दिनों में इसे देश में 4 SC/ST एक्ट के केस दर्ज हुए जो पूरे देश में चर्चित हुए:-
- राहुल गांधी, आशुतोष रांका, अजीत भारती स्वतंत्र भरद्वाज
- इन चारों ने ही प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष किसी दलित समाज का उत्पीड़न नहीं किया, ना ही किसी पर जातिसूचक टिप्पणी करने के सबूत मौजूद हैं
- स्वतंत्र भारद्वाज 14 दिन की हिरासत में हैं, अजीत भारती की अग्रिम जमानत रिजेक्ट हो गई है
- राहुल गांधी और आशुतोष रांका का कोई बाल-बांका नहीं कर सकता