#Watch | CJP Founder Abhijit Dipke spoke to the media following the five-day judicial custody of CJP members Saurav Das and Ashutosh Ranka, and the signing of peace bonds. He criticized government claims of foreign funding made by figures like Harish Salve, as well as previous accusations involving Devendra Fadnavis. Dipke shared that he is heading to Delhi for a meeting to determine the group's next course of action.
Video: PTI
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Police in New Delhi arrested leaders of the Cockroach Janta Party after they climbed over gates to enter Jantar Mantar, a site in central New Delhi that lost its status as an official protest venue a day earlier https://t.co/StyEu4TJrZ
Tens of thousands have protested across India, demanding election chief Gyanesh Kumar’s resignation over a voter roll revision that removed 130 million names and allegedly gave the ruling BJP an electoral advantage.
Here’s a look at the scale of the protests in numbers ⤵️
Neha : का बोल रहे हो ?
Neha : समझ नही आ रहा है क्या बोल रहे हो ?
Neha : पानी चाहिए ?
Neha : ओह.. प्रियंका गांधी जी ?
Neha : मैम, वो समर्थक हाथ हिलाने कह रहा है ?
इसके बाद प्रियंका गांधी ने उस समर्थक की ओर देखकर हाथ हिलाया और नेहा बोरा मुस्कराने लगी.
कई लोग इग्नोर कर देते हैं लेकिन नेहा बोरा बोरा ने प्रदर्शन में आए समर्थक की बात को एड्रेस किया. उसकी बात को समझने की कोशिश की. यही एक सच्चे लीडरशिप की पहचान है.
सरकार ने युवाओं को नौकरी ना देने के लिए ये तरीका अपनाया है,
जब लोगों का एग्जाम सेंटर दूर रहेगा तो सभी लोग एग्जाम देने पहुंच नहीं पाएंगे,
ऐसे में जब पेपर ही नहीं दे पाएंगे,
तो नौकरी कैसे मांगेंगे,
उत्तर प्रदेश सरकार नौकरी न देने के नए नए प्रयोग करती है।
Proud of my young colleague who kept her composure. Of course, on ground it's easier to say this since one can only imagine what she must be going through. But what's clear is that this guy is a coward who didn't even have the courage to show his face.
@TanushkaDutta don't ever let such goons get to you. Now or ever.
प्रोटेस्ट की कवरेज के दौरान एक महिला रिपोर्टर के साथ ये सलूक ग़लत है .
आप लोग प्रोटेस्ट करिए लेकिन किसी चैनल की माइक ID देखकर किसी रिपोर्टर को यूं घेर लेना अपराध है . ऐसी हरकतों की वजह से ही आपके प्रोटेस्ट का कवरेज़ करने चैनलों के रिपोर्टर परहेज करते हैं . आप रिपोर्टर को उनका काम करने दीजिए .
इन्हीं चैनलों में कई अच्छे रिपोर्टर भी काम करते हैं .
मैं पहले भी लगातार बोलता रहा हूं, फिर बोल रहा हूं कि चैनलों के मालिकों और संपादकों के किए की सज़ा आप फील्ड में काम कर रहे रिपोर्टर को नहीं दे सकते .
सुप्रीम कोर्ट अब महज बीजेपी का कार्यालय रह गया है।
🎯 भरोसा उठ चुका है लोगों का..!!
#RightToBail श्री सतीश #ShahExposesRahul Nakul राहुल Gandhi अजिंक्य शिंदे #SaveAnojan fake sc st case #Democracy Bihar Punjab।
आशुतोष रांका और सौरव दास को पाँच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उससे पहले पूरे दिन और पूरी रात उन्हें पुलिस की हिरासत में रखा गया। सरकार के पास लगता है जेल का डर ही आख़िरी डर बच गया है। जंतर मंतर पर तिरंगा फहराने के सांकेतिक प्रदर्शन से दिल्ली की शांति भंग नहीं हुई थी। दिल्ली पूरे दिन जैसी चलनी थी, उसी तरह से चल रही थी। इनकी वजह से कहीं ट्रैफिक जाम नहीं लगा, जहाँ लगना था, पहले से लगता रहा है। इस तरह की गिरफ्तारी का मतलब है कि सरकार अब यह आज़माना चाहती है कि वह जेल भेजेगी, कोई क्या कर लेगा। उमर ख़ालिद की तरह अब जेन ज़ी युवाओं को सबक सिखाया जा रहा है। बिना ट्रायल के छह साल से भी अधिक समय तक जेल में डालने की शुरूआत हो गई है। लेकिन इन युवाओं ने भी हर बार कहा है कि उन्हें जेल का डर नहीं लगता है। लेकिन बात उनके डरने की नहीं है, सरकार को जेल के डर के अलावा कुछ आता नहीं। यह सौरव और आशुतोष की गिरफ्तारी नहीं है, उस जेन ज़ी को डराने की घोषणा है जिसके लिए रात ग्यारह बजे जागने की कोशिश उसी वक्त फेल हो गई थी। सरकार सभी आंदोलनों को एक साथ एक जगह जमा होने का रास्ता बना रही है।
इतना सब करने के बजाए बैक डोर से जल्दी जल्दी वोटर का नाम जोड़ने में लगी सरकार को समझना चाहिए कि वोट चोरी की करतूत पर बजाज का बल्ब जल गया था। बल्ब की रौशनी में रज़ाई के नीचे कहानी पढ़ने वाला बच्चा जेन ज़ी बन गया है। बहुत दुखद है ।
''मैं नितिन गडकरी को भी सपोर्ट करूंगा अगर...''
चुनावों की बात हो या फिर सिर्फ़ मोदी सरकार की आलोचना करने से जुड़े आरोपों की बात हो.
यूट्यूबर ध्रुव राठी लगातार ख़बरों में रहते हैं. इन दिनों जब ध्रुव भारत में हैं तो बीबीसी की @DrSarvapriya ने @dhruv_rathee से बात की है.
देखिए ये पूरा इंटरव्यू.
वीडियो: अदीब और महरोज़
#DhruvRathee
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"मित्रों, आज क्या हो रहा है? न्याय मांगने निकली हमारी माताओं-बहनों पर अत्याचार हो रहा है,
उनके कपड़े फाड़े जा रहे हैं, गुंडे उन्हें सरेआम प्रताड़ित कर रहे हैं और प्रशासन तमाशा देख रहा है! भाइयों-बहनों,
ऐसी व्यवस्था को जनता कभी माफ़ नहीं करेगी!"