भूमिहारों के महफिल में हमेशा से उच्चकुलिन शुद्रपारी पोंगी जलवा बिखेरी है। मामला गोह औरंगाबाद का है जो भूमिहारों का गढ़ माना जाता है वहां निशा पांडेय अपनी मनमोहक नृत्य से सब का मन मोह ली। 😌
उच्च कुलीन वही माना जायेगा जिसकी बहन बेटी बीच चौराहे पर नयन भोग करवाएगी? 🥲
बिहार का कोई जनता नहीं रो रहा। 2017 में झारखंड में लगभग 1500 SI का बहाली आया था जिसमें 400+ भूमिहारों का चयन हुआ था । बिहार में लगभग हर बार 2 हजार के आसपास बहाली रहा है 300 भी भूमिहार का चयन नहीं हो पाता। नीतीश सिर्फ भूमिहार समाज के ठेकेदारों को ही फायदा पहुंचाया न कि युवा को 😷