ये प्रशांत कनौजिया झूठ बोल रहा है। न तो इस घटना का 'विधवा के अपमान' से कुछ लेना-देना है, न ही मंदिर की कोई गलती है। बहुत फैल रहा है ये वीडियो, सच सबको बताइए।
पन्ना की महारानी जितेश्वरी शराब के नशे में थीं। उन्हें मंदिर में बुलाया गया था, कहीं कोई पाबंदी नहीं थी पूजा में शामिल होने या न होने को लेकर, तभी अचानक गर्भगृह में घुस कर गलत तरीके से चँवर डुलाने लगीं पुजारी से छीन कर। उन्हें बाहर करने की कोशिश हुई, जिसमें वो गिर पड़ीं। राजमाता दिलहर के साथ भी महारानी जितेश्वरी का विवाद चल रहा 2 दशक से अरबों की संपत्ति को लेकर। बुंदेलखंड के जुगलकिशोर मंदिर में चँवर डुलाने के लिए जितेश्वरी बेटे छत्रसाल द्वितीय को बुलाया गया था, लेकिन वो नहीं पहुँचे। परंपरा के तहत उनको ही ये काम करना था।
नीलचट्टे, मंदिर में अभद्रता के कारण राजपरिवार की सदस्य को भी निकाल बाहर किया गया। सोच, अगर ये सवर्ण नहीं होतीं तब कितना बड़ा हंगामा होता। तब तो सुप्रीम कोर्ट इस मंदिर को ही बंद करवा देता। तब कहा जाता कि क्या एक दलित शराब पीकर मंदिर में नहीं जा सकता, गर्भगृह में नहीं घुस सकता। ऐसा नैरेटिव बनाया जाता कि दलित को जन्माष्टमी पर मंदिर में नहीं घुसने दिया गया, गर्भगृह में दलित को उसकी जाति के कारण अनुमति नहीं मिली। जब ये एंगल नहीं मिला तो 'विधवा' वाला झूठा राग लेकर आ गए तुमलोग। देखो, सीखो.. मंदिर में नियम का पालन करना होता है - राजा हो या रंक, सवर्ण हो या दलित, पुरुष हो या महिला, राष्ट्रपति हो या वार्ड मेंबर। मंदिर में जाति आधारित भेदभाव का ड्रामा भी कर रहे हो, ऊपर से राजपरिवार के सदस्य को मंदिर से निकाले जाने पर भी प्रोपेगंडा घुसेड़ रहे हो।
अफ़सरों पर हद से ज़्यादा विश्वास और निर्भरता एक बड़ा कारण है आज की हार का। भाजपा को अपनी समीक्षा में इस बिंदु को भी शामिल करना चाहिए। विधानसभा, ज़िला पंचायत, प्रधानी हर चुनाव में हार खतरे की घंटी है। वो भी सिर्फ़ एक साल के बाद ही। @myogiadityanath जी चेत गए तो ठीक वरना हर हर महादेव
जहाँ भाजपा हार जाये,, वहाँ लोकतंत्र की जीत-
जहाँ भाजपा जीत जाये,, वहाँ अधिकारी EVM पुलिस खराब है..
लोकतंत्र में इसे “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” कहते हैं..
#घोसी
खांग्रेसी मल्लिकार्जुन खड़के का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान
बताइए पहले एक वीडियो में देखा की आउल बाबा अपना नाक साफ करके खड़के चाचा के पीठ में पोंछ दिए और अब G20 सम्मेलन में इनको निमंत्रण नहीं दिया गया, कितना बड़ा बेइज्जती है?
अज्ञात सूत्रों से मालूम चला है कि खड़के चच्चा काला पजामा, काला कुर्ता और काला मुरेठा बांधकर धरना प्रदर्शन पर बैठेंगे कि जब तक खड़के चच्चा का वह कुर्ता जिसमें आउल बाबा ने नाक पोंछा था उसे स्वयं आउल बाबा किसी बढ़िया लॉन्ड्री में धुलवा कर नहीं देते और G20 सम्मेलन में जब तक खाना खाने के लिए नहीं बुलाया जाएगा तब तक यह काला जादू वाला औघड़ बनकर घूमते रहेंगे?
#दारा_सिंह_चौहान जैसे सत्ता लोलूप और बिन पेंदे के लोटा जैसे घटिया नेता का हराना जरूरी है। चुनाव से ठीक पहले सपा में गए, फिर मंत्री बनने की चाहत में बीजेपी में आ गए, इन्हीं की वजह से चुनाव हुआ है,जनता पर अतिरिक्त बोझ के जिम्मेदार यही है। इन जैसे दल बदलुओ का हारना जरुरी है।
@YadavPramod169 एक सीट जो पहले से ही fix थी जितने पर ये गुंडागर्दी वाली जबान इसी वजह से ही 2 बार से सत्ता से बाहर है सपा और अब तो आने वाले 50 साल तक सपा सत्ता में नहीं आयेगी।
जनता सपा के कार्यकाल में उत्पीड़न भूली नहीं है।
2024 में #सपा_समाप्त
Congratulations to @BJP4Tripura for winning both Bye Elections with a huge margin.
त्रिपुरा के दोनों उपचुनाव में भाजपा की शानदार जीत की बधाई
These results show the faith of NE people in PM @narendramodi Ji.
@DrManikSaha2@Rajib4BJP
ब्राह्मणों पर अप्पतिजनक टिप्पणी करने वाले उरई के प्रिंस व दौन बिचौली के शैलेंद्र चौहान के खिलाफ रिपोर्ट के बाद भी पुलिस ने नही किया गिरफ्तार
आखिर प्रशासन दोषियों को क्यू दे रहा संरक्षण
क्या ब्राह्मण समाज के आक्रोश का इंतजार कर रहा प्रशासन
@adgzonekanpur@Uppolice@rangejhansi
बिहार के सीतामढ़ी में नशे में धुत अपराधियों ने दिनदहाड़े मठ के एक पुजारी को गोली मारकर हत्या कर दी
सवाल ये भी है कि बिहार में तो शराब बंदी है
सवाल ये भी है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलन्द हैं
@NitishKumar@yadavtejashwi
ब्राह्मणों ने क्या किया :-
-Father of Indian Air force - सुब्रतो मुखर्जी
- Father of R.A.W - आर . एन . काओ
- Father of Indian cinema - दादासाहेब फाल्के
- Father of Indian economics - गोविंद रानाडे
- Father of Indian eng - विश्वेश्वरैया
- Father of Indian ecology - रामदेव मिश्रा