मोदी एक्ट का नया जलवा! एक परिवार ने @narendramodi भीम स्टार्टअप योजना के तहत 21 मोदी एक्ट फाइल कर के मोदी जी के बाबू जी की FD तुड़वा कर ₹46 लाख बनाए। क्या गजब है कि एक परिवार पर ही इनमें से 14 केस डाले गए।
यही तो है वेल्थ रीडिस्ट्रीब्यूशन स्कीम! आप टैक्स दीजिए, मोदी बाँट देगा।
विकाश हो रहा है या विनाश?
वैज्ञानिकों ने अग्नि-ब्रह्मोस बना दिया
चंद्रयान-मंगलयान-आदित्ययान बना दिया
लेकिन
घटिया नियम-कानून-सिस्टम नहीं बदला।
@narendramodi@AmitShah
He is Anojan Sivarasa, a Sri Lankan Hindu working in Saudi Arabia, sentenced to death.
His “crime”? Responding to a derogatory remark about his faith in the same language. He deleted the comment and apologised within minutes, yet faces a blasphemy charge and may be hanged soon.
This is how the law works in an Islamic nation.
Meanwhile, in India, communists and Islamists routinely abuse Hindu gods, yet nobody seems to care. If anyone is called out for it, they play the victim card, and Hinduism is ultimately declared guilty of intolerance by the same Islamic ecosystem.
The irony? On “freedom of speech,” “democracy,” and similar global rankings, India ranks below countries like these.
तीस्ता शीतलवाड़ में ऐसी क्या खास बात थी, जिसे जमानत देने के लिए छुट्टी के दिन दो बार बेंच गठित कर दिया गया था।
दो न्यायाधीश की बेंच ने अलग-अलग फैसला दिया और जमानत नहीं हो पाई।
तुरंत 3 जजों की बेंच गठित की गई।
रात को 10:00 बजे तीस्ता शीतलवाड़ को जमानत दे दी गई।
हाई कोर्ट में नियमित मुकदमा कब शुरू होगा? भगवान ही जाने।
कौन कहता है कानून की नजर में सब बराबर है?
घरेलू हिंसा, घरेलू कलह, झूठे केस और तारीख पर तारीख के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मौत होती है।
मूल कारण: घटिया शिक्षा+घटिया कानून
@narendramodi@JoshiPralhad
ये सब महान विचार घर में बैठ कर @narendramodi ने स्वयं लिखवाए हैं, या कमिटी बना कर कहा कि पहले गाँजा में घेड़े की लीद मिला लेना, फिर पीना और जो सपने में आए वह लिख देना, पुस्तक मैं छपवा दूँगा?
देश को जिस विषाक्त सोच के मार्ग पर इस पीएम ने डाल दिया है, रिकवरी संभव नहीं।
जाओ, कह देना मोदी से, लोगों ने किताबें ढूँढ कर निकालना आरंभ कर दिया है। उसका दलीत-शोषीत प्रेम उसके गिरने का कारण बनेगा।
अगर मुसलमान हिंदुओं का विनाश भी करना चाहें, तब भी हिंदुओं को अपने दिल में मुसलमानों के प्रति क्रोध नहीं रखना चाहिए।
अगर मुसलमान हम सभी को मारना भी चाहें, तो भी हमें निडरता से मृत्यु का सामना करना चाहिए।
यदि वे हिंदुओं की हत्या करके अपना शासन स्थापित करते हैं, तो हम अपने प्राणों की आहुति देकर एक नई दुनिया का सूत्रपात (आरंभ) कर रहे होंगे। किसी को भी मृत्यु से डरना नहीं चाहिए।
प्रत्येक मनुष्य के लिए जन्म और मृत्यु निश्चित है।
फिर हम शोक मनाएं या प्रसन्न क्यों हों? यदि हम मुस्कान के साथ मृत्यु को गले लगाते हैं, तो हम एक नए जीवन में प्रवेश करेंगे, और एक नए भारत का निर्माण करेंगे।"
— श्री महात्मा गांधी जी
(6 अप्रैल 1947 को नई दिल्ली की एक प्रार्थना सभा में दिया गया भाषण)
संदर्भ (Reference & Source)
पुस्तक: द कलेक्टेड वर्क्स ऑफ महात्मा गांधी (The Collected Works of Mahatma Gandhi - CWMG)
खंड (Volume): 87 (Vol. 87)
पृष्ठ संख्या (Pages): 218–219
दिनांक: 6 अप्रैल 1947 (देश के विभाजन और आजादी से कुछ महीने पहले)
दो-चार साल और जिंदा रह गए होते तो बाबा जी की इच्छा जरुर पूरी हो जाती। फिर भी उनके चेले उनकी इच्छा को पूरा करने की पूरी पूरी कोशिश कर रहे हैं।
नमस्ते @IndiGo6E@airindia@AirIndiaX
हम इंडिगो एवं एयर इंडिया के फ्रीक्वेंट फ्लायर है, आपसे अनुरोध है की मुसलमानों को पायलट या क्रू मेम्बर में ना रखें,
ये जिहादी अब पूरे विश्व के लिए और मानवता के लिए खतरा बन चुके है।
Hindus should not harbour anger against Muslims even if the latter want to destroy and kill us all. We should face death bravely. If Muslims established their rule after killing all Hindus, we would be ushering in a new India. - Mahatma Gandhi
Wishing you a happy Gandhi Jayanti.
SHOCKING! A skull cap man is OPENLY CALLING in front of the media to SPREAD chaos across the country starting October 2nd.
Delhi Police must take STRICT, immediate ACTION against such attempts to DISRUPT peace and law & order.
तो इंदिरा साहनी वाले निर्णय में यह स्पष्ट किया गया था कि पायलट से ले कर कोई भी ऐसा क्षेत्र जहाँ प्रतिभा से समझौता मृत्यु को आमंत्रण है, या देश की बर्बादी का बिगुल, वहाँ आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। शोध, मेडिकल-इंजीनियरिंग या अन्य तकनीकी विषयों के सुपर स्पेशियालिटी, प्रोफ़ेसर्स के पद के लिए, रक्षा सामग्री बनाने के लिए दिए पदों में आरक्षण ना दिया जाए।
यानी, जजों ने स्वयं माना है कि आरक्षण पाने वाले गुणवत्ता को घटाते हैं।
अब एक समाचार 'सूत्रों' के नहीं, 'उच्च पदस्थ सूत्रों' के हिसाब से फैलाया जा रहा है कि सरकार UGC रोलबैक नवंबर के मध्य में करेगी। यह कोई समाचार नहीं है, यह वही धूर्तता है जो इनके प्रवक्ताओं के मुँह में माइक देने पर ये कहते हैं कि 'विषय कोर्ट में है'।
ध्यान रहे हमारी तीन माँगें हैं:
1. UGC रोलबैक
2. मोदी एक्ट में समुचित संशोधन
3. वर्तमान आरक्षण में समीक्षा
कोई एक माँग से कुछ नहीं होने वाला। संघर्ष चलता रहेगा। 5 महीना लगे, 2 साल लगे, 10 साल लगे।
विकास हो रहा है या विनाश?
यह 25 वर्ष बाद पता चलेगा।
यूरोप तो विकसित है फिर क्यों जल रहा है?
लव जिहाद, लैंड जिहाद, घुसपैठ, धर्मांतरण और जनसंख्या विस्फोट के कारण डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है लेकिन जनसंख्या असंतुलन रोकने के लिए कठोर कानून आजतक नहीं बना।
@PMOIndia@narendramodi