On serious note , UPI पर चार्ज सिर्फ अमेरिकी (वीसा/मास्टर कार्ड) दबाव में लगा है!
क्योंकि ऐसा नहीं है कि सरकार को पता नहीं होगा कि इससे गलत सन्देश जाएगा और जितनी आलोचना होगी उतना बड़ा रिटर्न नहीं है!
सुभाष चंद्र गर्ग इसी केंद्र सरकार में वित्त्त सचिव रहे हैं! आर्थिक बिभाग में कई अहम् पद पर रहे हैं ! इसी सरकार ने इन्हे नियुक्त किया था!
ये एक्सपर्ट CA भी रहे हैं! CS भी रहे हैं! गोल्ड मैडललिस्ट!
सुभाष चंद्र गर्ग को इसी सरकार ने इनकी योग्यता के कारण वर्ल्ड बैंक भेजा था स्पेशल रेप्रेज़ेंटेटिव के रूप में!
और जब आज वही सुभाष गर्ग ने देश की जीडीपी ग्रोथ में छेद निकाला तो उन्हें बताया जा रहा है की आपको इकॉनमी की समझ नहीं है!
और सुभाष गर्ग के समर्थन में पूर्व कोल् सचिव अनिल स्वरुप भी आ गए हैं!
स्टूडियो मीडिया में आज इनकी बात को ख़ारिज करने की कोशिश की जा रही है! याद कीजिये की किस तरह रिटायर जॉइंट सेक्रेटरी अधिकारी जैसे अधिकारी की बातों को ध्रुव सत्य मानकर इसी स्टूडियो मीडिया में विपक्ष पर हमला किया जाता था जो इस सरकार के समर्थन में बात बोलते थे!
If we are growing so fast, why are there no jobs and no FII investment. Don’t play with numbers, there is a risk of losing our demographic dividend.
—Raghuram Rajan, former RBI Governor
🚨 Maharashtra CM Suspended FDA Chief’s Ban On Sale Of Unpacked Edible Oil For A Year
Unpacked Edible Oil Reportedly Causes More Heart Attacks and Health Related Issues
Tukaram Mundhe Had Cracked Down on This
But Govt Faced Backlash From Teli Community
"Real GDP growth is 2.6%, not 7.8%. The government is good at revising the base-year data so that it can project GDP growth as high as 7.8%."
— Subash Chandra, Ex Finance Secretary
मार्क्स ने लिखा था ...अब तक के समस्त समाज का इतिहास वर्ग-संघर्षों का इतिहास है ... कभी-कभी ये वर्ग संघर्ष किसी किताब, कारखाने या क्रांति में नहीं,बल्कि एक गेटेड कॉलोनी के गेट पर सुनाई दे जाता है ..."गरीबों की औलाद… दो रोटी नहीं है जेब में… भंगी…" ग्रेटर नोएडा की इस घटना में गालियां केवल गुस्से की भाषा नहीं हैं उनमें धन का अहंकार, श्रम के प्रति तिरस्कार और जाति की पुरानी सड़ांध एक साथ बोलती सुनाई देती है ...
विडंबना देखिए ... जिसे अपनी सामाजिक हैसियत का इतना गर्व है, वह अपना संयम खो देता है, और जिन्हें वह अपमानित कर रहा है, वे सुरक्षा गार्ड असाधारण धैर्य के साथ खड़े रहते हैं ... कभी-कभी वर्ग का असली परिचय बैंक बैलेंस नहीं, व्यवहार दे देता है... @ShivAroor
तबेले वाले स्कूल के चक्कर मे कही साहब का तबादला करके जिम्मेदारी तय नही कर दी जाए जिला शिक्षाधिकारी महोदय AC वाली गाडी मे बैठकर आए थे AC वाली गाडी मे ही बैठकर रवाना हो गए
राजस्थान
If we didn’t have Nehru at the time of independence India would have been like Uganda, Ethiopia & Mozambique.
We can still become Venezuela and Zimbabwe just need to keep throwing freebies before elections.
Unaccounted? Unaccounted.. how the hell do 54000 crore goes unaccounted and its a mere CAG report.
I repeat, 54000 crore unaccounted?
There's a crore after a thousand.
सांप्रदायिकता सदैव संस्कृति की दुहाई दिया करती है। उसे अपने असली रूप में निकलते हुए लज्जा आती है इसलिए वह संस्कृति की खाल ओढ़कर आती है
-प्रेमचंद
हिंदी साहित्य के बहाने सामाजिक तस्वीर को पेश करने वाले प्रेमचंद की आज जन्म तिथि है