देश में राफेल से भी बड़ा घोटाला प्रधानमंत्री फसल बीमा लुट योजना के तहत किसानों के साथ किया गया है जो लगभग 6000 करोड़ का बताया जा रहा है बैंकों से पैसा हर 6 महीने बाद काट दिया जाता है लेकिन मुआवजा दिया नहीं जाता बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए यह योजना शुरू की गई
ख़ानौरी बॉर्डर पे जो लड़का शुभकरण शहीद हुआ था उस बच्चे की आज अंतिम अरदास में शामिल हुए परमात्मा शहीद किसान की आत्मा को शांति दे व परिवार को दुःख सहन करने की शक्ति दे!🙏🙏🙏🙏
उम्मीदें तैरती है,, किस्तया डूब जाती हैं,,
कुछ घर सलामत रहते हैं आंधियां जब भी आती हैं,,,
रूबरू है हम इन सब सरकारों से,,,
मिली कुर्सी तो अपने बाप को भी भूल जाते हैं,,,
17 दिनों के लम्बे संघर्ष के बाद आखिरकार सुखद समाचार मिला, उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिल्कयारा सुरंग में फंसे हमारे 41 मजदूरों को आखिरकार सकुशल बाहर निकाल लिया गया है।
इतने दिनों तक बचाव कार्य में लगे सभी राहत कर्मचारियों को सलाम और आभार🙏
यदि आप भी खाने में रोटी खाते हो तो किसान की हालत का चिंतन कीजिए। भले ही आप किसान न हो।
क्योंकि रोटी बनाने के लिए जिस आटे का इस्तेमाल किया जाता है उसके लिए गेंहू, किसान कड़कती ठंड और कड़कती गर्मी दोनों से लड़कर उगाता है।
आज के दिन तीनों कृषि कानूनों को वापिस लेने की घोषणा की थी प्रधान मंत्री जी ने
देश से माफी भी मांगी थी और कहा था शायद मेरी तपस्या में कोई कमी रह गई होगी
750 के करीब आंदोलन के दौरान किसान शहीद हुए
किसानों को खालिस्तानी,उपद्रवी,अय्याश,ठलवे,लूटेरे व आंदोलनजीवि कहा गया
कुछ निजी यादें
यह खेत साडे दादायां ने बड़ी मेहनतां नाल कमाए ने,,
ऊंचे नीचे टिब्बे सी जेडे बलदां नाल बहाये ने,,
इस मिट्टी के कन-कन में हमारे पुरखों का खून पसीना मिला हुआ है इसकी तरफ अगर आंख उठाई तो आंखें निकाल देंगे
गेहूं बिजाई शुरू....
जो किसान आंदोलन के लिए एक हो सकते हैं वो किसान राजनीति के लिए एक क्यों नहीं हो सकते हैं आज जरूरत है उस कलम को अपने हाथ में लेने कि जिस कलम से किसान मजदूर और देश को बर्बाद किया जा रहा है
चलो पीपली पहुंचो पीपली
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी)
के आह्वान पर कमेरे,गरीब,किसान व बेरोजगार युवाओं की आवाज
#जन_आक्रोश_रैली
23 नवंबर 23
सुबह 10 बजे दिन वीरवार
स्थान:अनाज मंडी, पीपली,
कुरुक्षेत्र हरियाणा
@GurnamsinghBku
केवल रोटी, कपड़ा, मकान की नहीं, अब सभी साधन-संसाधनों में वाजिब हिस्सेदारी की बात होगी। अब जुल्म, ज्यादती, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का समय आ गया है। अब सम्पूर्ण सामाजिक न्याय के लिए भीषण संघर्ष होगा।
#23नवंबर_पिपली#किसान_महापंचायत@GurnamsinghBku
मुझे वो भले कहते रहे, " मैं कृषि प्रधान हूँ"
देखो ये चिथड़े पहने हुए मैं ही हिंदुस्तान हूँ,
हर नुमाइश में मिलूंगा,अब मैं चीथड़े पहने हुए,
कल भले ही शान था , पर आज मैं कंगाल हूँ,
पेट भर रहा हूँ देश का,पर आज अब परेशान हूँ,
चीथड़ों में लिपटा हुआ मैं आज का हिंदुस्तान हूँ
#किसान