तुलसी के राम राजा के रूप में नहीं, प्रजा के सेवक के रूप में प्रस्तुत होते हैं। वनवासियों के भी राम, और वन के भी राम।
... पढ़िए पाञ्चजन्य के इस विशेषांक में
#विश्वहिंदीसम्मेलन पर केंद्रित पाञ्चजन्य के विशेषांक की फीजी में प्रबुद्धजनों के बीच रही खूब चर्चा। विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर और विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने चाय पर चर्चा के दौरान विशिष्ट अतिथियों के बीच किया विमोचन।
भारत को स्वतंत्रता दिलाने में अनगिनत लोगों का योगदान, समय बीतने के साथ बहुत से अनसुने सेनानियों की वृतांत सामने आ रहा है। देश के हर हिस्से से लोग सहभागी थे : सुनील आम्बेकर
#Panchjanya75