असम के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए Physics Wallah के संस्थापक अलख पांडे आगे आए।
राहत सामग्री बांटते समय एक बच्ची ने कहा, "धन्यवाद सर।"
इस पर अलख पांडे मुस्कुराकर बोले, "नहीं बेटा, धन्यवाद की जरूरत नहीं... हिंदुस्तान हम सबका है।" ❤️🇮🇳
ये देख लो आशुतोष जी RPSC मे कब से जमे हुए है। किस किस पद पर
इनके RPSC में आने के बाद 2021 से कितने पेपर लीक हुए हैं
मजाल है ट्रांसफर हो जाए
सबका हो जाएगा
साहब अजमेर से बाहर नौकरी नहीं करते है। चाहे सरकार किसी की भी हो।
समझ जाओ
BJP IT सेल वालों सो रहे हो क्या
झारखंड में छात्र 12 दिनो से प्रदर्शन कर रहे हैं
लेकिन अभी तक इंस्टाग्राम पर ये एक मुद्दा नहीं बन पाया है,
CJP वालों से सीख लो कुछ
मोदी जी ने विक्टिम कार्ड खेलकर बच्चों को माफ कर दिया है लेकिन पंद्रह साल की इस बच्ची का जीना मुश्किल कर दिया गया है . सोशल मीडिया पर गालीबाजों की फ़ौज इस लड़की को टारगेट कर रही है . पुलिस परेशान कर रही है और मोदी जी रील बनाकर आगे बढ़ गए हैं .
दिल्ली के प्रदर्शन में 10% छात्र और 90% तमाशबीन थे।
झारखंड के प्रदर्शन में 100% छात्र हैं
फिर भी झारखंड का मुद्दा उतना गूँज नहीं रहा है ?
क्योंकि, झारखंड के सिस्टम से पीड़ित जो वास्तविक छात्र हैं, उनके पास न तो किसी पार्टी का बैकअप है, न डिजिटल ब्रांडिंग कंपनियां, न मुफ्त भोजन बांटने वाला इकोसिस्टम और न ही पेड पोस्ट से माहौल बनाने वाले इन्फ्लूएंसर को देने के लिए पैसा।
झारखंड में पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज़ हो रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षाओं में हो रही धांधली के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं।
लेकिन उनके आंदोलन में करोड़ों रुपये की स्पॉन्सरशिप नहीं है। वहाँ गाली-गलौज नहीं हो रही, देश तोड़ने के नारे नहीं लग रहे, सार्वजनिक संपत्ति पर हमला नहीं हो रहा, और न ही विपक्ष के नेता कैमरे लेकर दौड़े चले आ रहे हैं। दीपके, दास और रंका जैसे तथाकथित “छात्र हितैषी” गायब हो गए हैं।
छात्र आंदोलनों का अपना एक चरित्र होता है।
जो आज राँची में हो रहा है, वह छात्रों का वास्तविक आंदोलन है, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय की माँग का आंदोलन।
युवाओं RPSC में परीक्षा की जिम्मेदारी भ्रष्टों को सौंपी गई है !
महत्वपूर्ण पद पर पिछले 5 वर्षों से exam controller के रूप में Mr ashutosh gupta ने क़ब्ज़ा जमा रखा है जिनकी SOG से जांच करने की बजाय सरकार ने सचिव की जिम्मेदारी दे दी है
पेपर लीक,गोपनीयता भंग में एग्जाम कंट्रोलर की अहम जिम्मेदारी होती है।
सरकार है या सर्कस जिसमें सब तमाशा कर रहे हैं !
@1K_Nazar@8PMnoCM@BhajanlalBjp@CMORajsthan@TheTribhuvan@ManishYadavIn@Barmer_Harish@Rajendra4BJP
4 August को ३rd ग्रेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में जयपुर पहुंचकर अलोकराज को डीवी जल्दी से जल्दी करवाने के लिए विभाग को सूचित करने की माँग करें
और बाद में बीकानेर पहुँचकर विभाग को अवगत करवाओ
#3rdgradeteacherbharti
रिटायरमेंट पर ऐसी शानदार विदाई हाल ही में रिटायर हुए RPSC के सचिव रामनिवास मेहता जी को मिली है, ऐसी विदाई हर अधिकारी को नसीब नहीं होती, मेहता जी बधाई के पात्र है ईमानदार व्यक्तित्त्व के धनी।
RPSC मे ये लो दे दी जिम्मेदारी भ्रष्टों को??
exam controller Mr ashutosh gupta जी की SOG से जांच करने की बजाय सचिव की जिम्मेदारी दे दी है।
पेपर लीक,system failure, गोपनीयता भंग में एग्जाम कंट्रोलर की अहम जिम्मेदारी होती है। पिछले कई सालों से टीके हुए है एक ही पद पर।
माँ भारती वालो आपका काम मेहता जी कर गए 💯
लाइब्रेरियन वालो याद रखना आपके काम में मेहता जी , राजेंद्र राठौड़ और राजेश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी
इनके दबाव और सुझाव से ही अलोकराज झुका
RPSC सचिव रामनिवास मेहता सर आज सेवानिवृत्त हुए हैं। एक समय था जब आरपीएससी में परीक्षाओं का आगे बढ़ना और लेट लतीफी आम बात थी। हमारे असिस्टेंट प्रोफ़ेसर एग्जाम में हाई कोर्ट तक ने आगे बढ़ाने का आदेश दे दिया था पर मेहता साहब डबल बेंच में गये और उस वाकये को नज़दीक से जानने वाले जानते हैं कि वक़ील से ज़्यादा जानकारी रामनिवास मेहता के पास थी। परीक्षाओं को समय पर करवाना, परिणाम और साक्षात्कार में RPSC ने सच में रामनिवास मेहता सर के कार्यकाल में अभूतपूर्व काम किया है। एक ईमानदार अफ़सर जोकि कभी सत्ता के आगे नहीं झुका, जिसने साफगोई से अपनी बात रखी और विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखा। मेहता RPSC में तब आये जब चारों तरफ़ वो कीचड़ में थी और आज जा रहें है तब पुनः एक विश्वास, एक भरोसा इस संस्था में बहाल कर के जा रहें हैं। बड़ी न्यूज या खबरें भले ही आपको मुख्य किरदार न बनाएं पर आपके कार्यकाल में परीक्षा देने वाला और चयनित होने वाला हर अभ्यर्थी आपका शुक्रगुजार है। जैसा कि हम तैयारी करने वाले आपस में बात करते थे कि - 'किं हु जावे, एग्जाम आगे कोनी हुवे क्यूंकि आगे मेहतो बैठो है '। आगे जो भी आयेंगे उन पर बड़ी जिम्मेदारी है। क्योंकि एक शख़्स इस पद पर अपनी छाप छोड़कर जा रहा है।
नासिर काज़मी ने लिखा था कि -
दाएम आबाद रहेगी दुनिया
हम न होंगे कोई हम सा होगा
पर रामनिवास मेहता जैसा सचिव RPSC को फिर से मिले यह शायद किसी चमत्कार से कम नहीं होगा।
राजस्थान के हर परीक्षार्थी की जुबान पर एक नाम जरूर है
रामनिवास मेहता सचिव RPSC
जिस समय RPSC अपनी साख खो रही थी तब इनकी ईमानदारी के चर्चे चलते थे
कल यह अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए......
अब आगे इनका क्या भविष्य हो सकता हैं कोई भी नहीं जानता है न ही इनका कोई सोशल मीडिया अकाउंट है
कुछ व्यक्तित्व अपने पद से नहीं, बल्कि अपने कार्य और चरित्र से पहचाने जाते हैं। श्री रामनिवास मेहता जी ऐसे ही व्यक्तित्व हैं।
आपने पूरे कार्यकाल में पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और बिना किसी दबाव के अपने दायित्वों का निर्वहन किया। अपने कार्य में पारदर्शिता स्थापित करने और व्यवस्था में सकारात्मक सुधार लाने का जो प्रयास आपने किया, वह निश्चित रूप से प्रशंसनीय है।
#rpsc