@KunalChoudhary_ जी बिल्कुल सर जन भागीदारी अतिथि विद्वान के साथ भेदभाव क्यों किया गया है उन्हें भीइस योजनाओं का लाभ मिले जो रिक्त पद के विरुद्ध अतिथि विद्वानों को मिला है
जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वान उच्च शिक्षा की रीढ़ है सरकार को अतिथि विद्वानों में भेद किए बिना उनको भी रिक्त पदों के अतिथि विद्वानों के समान लाभ देना चाहिए।
@ZeeMPCG@News18MP@IBC24News@indiatvnews समान कार्य पर समान अधिकार नहीं। कॉलेज में पढ़ाते है, पर मानदेय अकुशल श्रमिकों से भी कम। इस महंगाई के दौर में जीवन यापन करना हो गया है, मुश्किल।
@KailashOnline महोदय, हम MP के जनभागीदारी/स्ववित्तीय अतिथि विद्वान 10 से 12 हजार प्रतिमाह एवं इससे भी कम मानदेय मे अपना जीवन कब तक जी पाएंगे। न तो उच्च शिक्षा मंत्री सुन रहे है, और न "मामाजी"। हम युवाओं का भविष्य बनाते है, पर यहाँ तो हमारा ही भविष्य अंधकार में है। @narendramodi