@Rinki131502 माँ और शिशु का स्वास्थ्य परिवार की प्राथमिकता होना चाहिए। प्रसव के दौरान संवेदनशीलता, सही जानकारी और समय पर चिकित्सकीय सलाह सुरक्षित मातृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
#SuprasavAbhiyan
PregnancyAwareness
Sant Shri Asharamji Bapu ने प्रसूता महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता का संदेश दिया।
#SuprasavAbhiyan का उद्देश्य Pregnancy Awareness बढ़ाना है, ताकि परिवार प्रसव से जुड़ी जानकारी समय रहते समझें और सही चिकित्सकीय सलाह लें।
@Asharamjibapu__ सच्चा ज्ञान वही है जो जीवन में शांति, धैर्य और आत्मिक स्थिरता लाए। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, ईश्वर का स्मरण मनुष्य को भीतर से मजबूत और संतुलित रहने की प्रेरणा देता है।
#AsharamjiBapuQuotes
जिस ज्ञान से मन को शांति न मिले और आत्मिक सार का अनुभव न हो, वह केवल जानकारी है, सच्चा ज्ञान नहीं। ईश्वर-स्मरण के द्वारा दुःख और विपरीत परिस्थितियों में भी भीतर से निर्लिप्त रहना हमारे अपने हाथ में है।
#AsharamjiBapuQuotes
जिस विद्या से तुम्हारे चित्त में विश्रांति नहीं, जिस विद्या से तुम्हें भीतर का रस नहीं आ रहा वह विद्या नहीं, सूचनाएँ हैं । दुःख में डूबना, विरोध में डूबना या भगवान की स्मृति करके निर्लेप रहना यह अपने हाथ की बात है ।
#AsharamjiBapuQuotes
जिस विद्या से तुम्हारे चित्त में विश्रांति नहीं, जिस विद्या से तुम्हें भीतर का रस नहीं आ रहा वह विद्या नहीं, सूचनाएँ हैं । दुःख में डूबना, विरोध में डूबना या भगवान की स्मृति करके निर्लेप रहना यह अपने हाथ की बात है ।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ प्रभु-नाम का स्मरण मन को आश्रय देता है और कठिन परिस्थितियों में भीतर से संभलने की प्रेरणा देता है। श्रद्धा से किया गया नामजप जीवन में सकारात्मक संस्कारों को मजबूत कर सकता है।
#AsharamjiBapuQuotes
सदियों से मनुष्य को घेरने वाले विकार उसे जीवन-पथ पर बार-बार गिराते हैं। ऐसे समय में प्रभु-नाम का जप कोई कर्मकांड नहीं, बल्कि भीतर से परमात्मा को पुकारने का सरल और प्रभावी माध्यम है।
#AsharamjiBapuQuotes
सदियों से इस जीव के साथ जुडें हुए लुटेरे विकार इसको उठते-उठते गिरा देते हैं तो उस गिरने से बचने के लिए भगवान के नाम का उच्चारण है । भगवद् नाम उच्चारण कर्म नहीं अपितु पुकार मानी जाती है ।
#AsharamjiBapuQuotes
सदियों से इस जीव के साथ जुडें हुए लुटेरे विकार इसको उठते-उठते गिरा देते हैं तो उस गिरने से बचने के लिए भगवान के नाम का उच्चारण है । भगवद् नाम उच्चारण कर्म नहीं अपितु पुकार मानी जाती है ।
#AsharamjiBapuQuotes
@Rinki131502 पितृपक्ष हमें अपनी जड़ों, पूर्वजों और संस्कारों को स्मरण करने की प्रेरणा देता है। श्रद्धा, सेवा और सद्कर्मों के माध्यम से कृतज्ञता व्यक्त करना जीवन को सार्थक बनाता है।
ShraddhMahima
#PitruPaksha
श्राद्ध केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि माता-पिता, पितरों और ऋषियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
पूज्य Sant Shri Asharamji Bapu बताते हैं कि श्रद्धा से किया गया तर्पण हमारे जीवन में भी शुभ संस्कार और उन्नति का आधार बनता है।
Shraddh Mahima
#PitruPaksha
📜 Shraddh Mahima पुस्तक में गीता के 7वें अध्याय की महिमा बताते हुए कहा गया है कि जो कार्य तीर्थ, दान, तप और यज्ञ से भी न हो सके, वह गीता का 7वाँ अध्याय सहज ही सिद्ध कर देता है।
🪔 इस पितृपक्ष में गीता का पाठ कर पितरों सहित अपना भी कल्याण करें। 🙏
#PitruPaksha
हमारी संस्कृति में पूर्वजों को स्मरण करने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। #PitruPaksha इसी परंपरा का विशेष समय है, जब श्रद्धा से उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। Shraddh Mahima हमें कृतज्ञता का संस्कार देती है।
पितृ पक्ष में यदि किसी परिवार ने अपना प्रियजन खोया हो, तो उनके साथ संवेदना और आत्मज्ञान का वातावरण बनाना भी सेवा का रूप है। शोकाकुल मन को यह स्मरण कराना कि आत्मा शाश्वत है—मानवता के प्रति करुणा और सद्भाव का कार्य है। 🌺
Shraddh Mahima
#PitruPaksha
हमारे शास्त्रों में Shraddh Mahima बताई गई है। गरुड़ पुराण में आता है- समयानुसार श्राद्ध करने से कुल में कोई दुःखी नहीं रहता। पितरों की पूजा करके मनुष्य आयु, पुत्र, यश, स्वर्ग, कीर्ति, पुष्टि, बल, श्री, पशुधन, सुख, धन और धान्य प्राप्त करता है।
#PitruPaksha
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@Asharamjibapu__ सच्चा प्रेम जब ईश्वर की ओर मुड़ता है, तो मन को भीतर से शक्ति, शांति और संतोष प्राप्त होता है। यही भक्ति जीवन को सार्थक दिशा देती है।
#AsharamjiBapuQuotes
ईश्वरप्रेम
जिस प्रेम और आसक्ति को हम संसार में लगाते हैं, यदि उतना ही प्रेम परमात्मा में लगा दें, तो दुःख और विपरीत परिस्थितियाँ मन को विचलित नहीं कर पाएँगी।
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ गजानन की भक्ति में किया गया नृत्य, कीर्तन और उत्सव मन में श्रद्धा व आनंद की सकारात्मक छाप छोड़ सकता है। ऐसे पावन संस्कारों को जीवन में आत्मसात करना ही उत्सव की सार्थकता है।
#AsharamjiBapuQuotes
गणेशोत्सव केवल मूर्ति-पूजन का पर्व नहीं, बल्कि भक्ति, आनंद और ईश्वर-स्मरण के माध्यम से मन को पवित्र करने का अवसर है। बाहरी उत्सव समाप्त हो जाए, पर उसकी सकारात्मक प्रेरणा और भक्ति की सुगंध जीवन में बनी रहनी चाहिए।
#AsharamjiBapuQuotes
गणेश की मूर्ति तो बनी। नाचते गाते विसर्जित की। निराकार प्रभु को साकार रूप में मानकर फिर साकार आकृति विसर्जित हुई। लेकिन उनका नाचना, कूदना, झूमना तुम्हारे दिल में कुछ दे गया। Rock और Pop Music से जो नाचते कूदते हैं उनको भी कुछ दे जाता है। Sexual आकर्षण, चिड़चिड़ा स्वभाव, जीवीनी शक्ति का ह्रास। लेकिन गजानंद के निमित्त जो नाचे, गाए, झूमे होंगे वो भी उत्सव तुम्हें दे जाता है, कि सुनो सब छान छान के रखो। दूर की सुगन्ध तुम्हारे पास होनी चाहिए। छोटे से छोटे आदमी का भी उपयोग करके अपना दैवी कार्य करो। #AsharamjiBapuQuotes
गणेश की मूर्ति तो बनी। नाचते गाते विसर्जित की। निराकार प्रभु को साकार रूप में मानकर फिर साकार आकृति विसर्जित हुई। लेकिन उनका नाचना, कूदना, झूमना तुम्हारे दिल में कुछ दे गया। Rock और Pop Music से जो नाचते कूदते हैं उनको भी कुछ दे जाता है। Sexual आकर्षण, चिड़चिड़ा स्वभाव, जीवीनी शक्ति का ह्रास। लेकिन गजानंद के निमित्त जो नाचे, गाए, झूमे होंगे वो भी उत्सव तुम्हें दे जाता है, कि सुनो सब छान छान के रखो। दूर की सुगन्ध तुम्हारे पास होनी चाहिए। छोटे से छोटे आदमी का भी उपयोग करके अपना दैवी कार्य करो। #AsharamjiBapuQuotes