Your age brackets
1) 0–1 year → Infant
2) 1–3 years → Toddler
3) 3–5 years → Preschooler
4) 6–9 years → Child
5) 10–12 years → Pre‑teen
6) 13–17 years → Adolescent
7) 18–25 years → Young Adult
8) 26–39 years → Adult
9) 40–59 years → Middle‑Aged Adult
10) 60–64 years → Mature Adult
11) 65–74 years → Senior Adult
12) 75–84 years → Elderly
13) 85–99 years → Very Elderly
14) 100–109 years → Centenarian
15) 110+ years → Supercentenarian
मेरा एक दोस्त रेलवे में स्टेशन मास्टर है। वह यूपी के एक गाँव में दिल्ली-हावड़ा लाइन पर तैनात है, मैं उससे मिलने गया था। जब आप काम का बोझ और सैलरी देखते हैं, तो ऐसा लगता है कि शोषण तो उनके साथ भी हो रही है।
हर दो-तीन मिनट में एक ट्रेन गुज़रती है, और रात में काम का बोझ और बढ़ जाता है। वह आठ साल से एक ही पद पर है, फिर भी उसका प्रमोशन नहीं हुआ है।
लोगों में अक्सर यह गलतफहमी होती है कि सरकारी कर्मचारियों के पास बहुत पैसा होता है, लेकिन असलियत कुछ और ही है। सरकारी नौकरी में वेतन औसत होती है—खासकर आज के समय में रहने-सहने के खर्च को देखते हुए—लेकिन कुछ पद ऐसे भी हैं जहाँ "अंडर-द-टेबल" इनकम या गैर-कानूनी कमाई होती है, जिससे लोग काफी दौलत जमा कर लेते हैं; हालाँकि, ऐसे लोग शायद कुल कर्मचारियों का 25% से ज़्यादा नहीं होते। अभी रेलवे की नौकरियों के हालात बहुत खराब हैं; पिछले दस सालों में काम और निजी ज़िंदगी के बीच का तालमेल बहुत बिगड़ गया है, जबकि इनकम के स्तर में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है।
संयमित जीवन अपनायें हृदयघात से बचें।
हृदयाघात (हार्ट अटैक) के लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज न करें। सीने में तेज दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना, चक्कर आना या जबड़े, कंधे एवं हाथ में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
#BiharHealthDept
इथेनॉल बहस में कार कंपनियों की कोई आवाज़ नहीं है। उन्हें सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उनके सर्विस स्टेशन में कारें आती होंगी। बाइक आती होगी। कुछ तो फीडबैक होगा। उन्हें पता होगा कि मंत्री सही बोल रहे हैं या नहीं। क्या उन्हें भी डर लग रहा है? इतनी बड़ी बड़ी कार कंपनियाँ हैं और चूँ तक नहीं ? डर इस देश का बुनियादी चरित्र हो गया है।
नितिन गडकरी जी, आपकी इथेनॉल नीति आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही है! 3.5 साल पुरानी Skoda Slavia का फ्यूल पंप इस नए ईंधन के कारण खराब हो गया। सर्विस स्टेशन पर रोज़ ऐसे 6-7 मामले आ रहे हैं। क्या बिना किसी रिसर्च के आम कार मालिकों को 'गिनी पिग' बनाकर यह नीति थोप दी गई? इस आर्थिक नुकसान का ज़िम्मेदार कौन है @nitin_gadkari जी??
I feel for this brother who bought a 40+ Lakh E20 compliant Toyota vehicle & having issues.
If this is true, then @nitin_gadkari ji should setup a team and investigate. Need clarification & accountability from Government on this.
#FI
मेहनत की कमाई से जिंदगी भर की पूंजी लगाकर लोग कार-बाइक खरीदते हैं, सपने देखते हैं।
लेकिन आज E20 पेट्रोल पंपों से गन्ने juice जैसा पीला पानी निकल रहा है।
इंजन खराब, माइलेज घटने की बात लोग ख़ुद बोल रहे है नई गाड़ियां तक बेकार हो रही हैं।
वही सुप्रीम कोर्ट में सरकार खुद कह रही कि ये ongoing experiment है, नतीजे अगले साल आएंगे।
तो क्या आम आदमी की गाड़ियां सरकार के लिए प्रयोग की लैब Experiment हैं? करोड़ों लोगों की मेहनत की कमाई और सपनों के साथ खिलवाड़ आख़िर किसके लिए ?
इतने सारे आरोप लोग लगा रहे है ! किसी के पास कोई जवाब नहीं है! और है तो हमेशा की तरह चुप्पी !
“केंद्र सरकार ने यह अयोध्या ट्रस्ट बनाया और अपने चहेते चोरों को वहाँ बैठाया। अब अगर चोरी करने वाले ही लोग ऐस आई टी बनाकर जाँच करेंगे तो उसमें क्या निकलने वाला है?”: शंकराचार्य
शिक्षक समाज के लिए खतरा पहले वैसे शिक्षक है जो BRC में बैठ कर शिक्षकों का आर्थिक और मानसिक दोहन करते है । BRC में प्रतिनियुक्ति करवाकर इनका काम ही होता है शिक्षकों से वसूली करना ।