@SwatiJaiHind ई रिक्शा के बढ़ते मकड़जाल ने दिल्ली में ड्राइविंग करना दूभर कर दिया है। कही भी रोक कर सवारी बैठाने लगते है। कही अचानक ब्रेक लगा देते है।
GTB अस्पताल के आस पास देखो इन्होंने क्या बुरा हाल किया हुआ है।
इसमें सुधार के लिए दिल्ली पुलिस को सतर्क होना होगा।
@AapKaGopalRai
माननीय विधायक महोदय, पश्चिमी गोरख पार्क में मिनी स्टेडियम का उद्घाटन किया गया था। उद्घाटन से पहले क्षेत्र वासी मिनी स्टेडियम से लाभान्वित हो रहे थे।परन्तु जब से उद्घाटन हुआ वह मिनी स्टेडियम खुला ही नहीं है।
इस पर आप संज्ञान ले। तथा उसे यथाशीघ्र खुलवाए।।
भारत में शिक्षा सुधार को लेकर हमेशा चर्चा गर्म रहती है। लेकिन चर्चा भर से कुछ नही होगा इसमें सुधार के लिए शिक्षाविद् , उद्यमी तथा सरकार को एक मंच पर आकर इस बारे में मंथन करके पहल करनी चाहिए। देश में प्रतिभाशाली लोगों की कमी नहीं है। आवश्यकता है, तो मंच उपलब्ध करवाने की.......
शिकायत सबसे आसान कार्य है। यदि हम ऐसा करते है,तो कही न कही हम अपनी योग्यता पर संदेह कर रहे है। क्योंकि, कोई भी शिकायत आपको लक्षित उद्देश्य की प्राप्ति नहीं करवाती।।
हम में से अधिकतर लोगों की समस्या यही होती है कि
वह अपना जीवन कल्पना और धारणा बनाने व्यतीत करते है। तथा साथ ही साथ एक ही क्षण में अपनी कल्पनाओं का जहाज़ बहुत ऊंचा ले जाते है। जिससे मानसिक विकार पैदा होता है।।
@msisodia वर्तमान परिदृश्य में शिक्षा मंत्री ऐसे व्यक्ति को बनाना चाहिए, जिसका शिक्षा जगत से संबंध रहा हों।
क्योंकि जिस तरह शिक्षा का बाजारीकरण हो रहा है।
यदि यह गति ऐसे ही रही तो गरीब तबका शिक्षा से बहुत दूर हो जायेगा।
@dhruv_rathee इसमें कोई शक नही हैं, यदि शिवराज सिंह जी या नितिन गडकरी जी प्रधानमंत्री पद पर बैठते है। तो अनिवार्य रूप से भारत के लोकतंत्र को बाल मिलेगा तथा विपक्षी पार्टियों की सहभागिता भी भारत सरकार के सभी निर्णय में दिखाई देगी।
यह जरूरी नहीं कि हम संवाद के समय किसी बात पर सहमत हो जाएं। परंतु परस्पर संवाद स्थापित होने पर हमारे मन में एक दूसरे के प्रति सदभावना, सम्मान और सहिष्णुता की प्रवृत्ति को बल मिलता है।।