हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने तीन बड़े फैसले सुनाए हैं, जो गंभीर सवाल खड़े ��रते हैं:
1- कश्मीर को "भारतीय अधिकृत" और 'ऑपरेशन सिंदूर' को "हिंदुत्व आतंकवाद" कहने वाली 19 वर्षीय खदीजा शेख को जमानत।
2- यमनी नागरिक मो. कासिम अल शिबाह को भायकुला पुलिस स्टेशन से रिहा करने का आदेश।
3- मुंबई हवाई अड्डे के संवदेनशील कार्यों के लिए तुर्की की सेलेबी कम्पनी को बदलने के आदेश पर रोक।
दिलचस्प बात यह है कि इन सभी फैसलों में जस्टिस सोमशेखर सुंदरेशन शामिल थे।
खतरनाक बात यह है कि जज बनने से पहले, वह कुख्यात ब्रिटिश NGO ऑक्सफैम के बोर्ड सदस्य थे, जिसे 'डीप स्टेट' से फंडिंग मिलती है!
क्या जजों की पृष्ठभूमि की जांच नहीं होती...?
एक आम सरकारी नौकरी के लिए भी कितनी पड़ताल होती है, फिर यहाँ क्यों नहीं...?
सुना है कि जस्टिस सुंदरेशन की नियुक्ति की फाइल भारत सरकार ने कई बार वापस की थी, लेकिन कॉलेजियम इसके नाम पर अड़ा रहा।
क्या हमारे देश में जज और सिस्टम कानून से ऊपर हैं...?
क्या विदेशी डीप स्टेट' हमारी न्यायपालिका को अंदर से खोखला कर रहा है...? एवम् कोलेजियम इसमें संलिप्त है।
मेरे विचार से यह बेहद खतरनाक स्थिति है।
आपकी क्या राय है...?
@TheAjitDovalIND माननीय महोदय में विधानसभा 188 का आम कार्यकर्ता हु हमारा विधायक हार चुका है इसकी वजह बीजेपी के ही बड़े कार्यकर्ता है अगर इसकी जांच नहीं होती है तो आने वाले लोकसभा चुनाव में हम मोदी जी के लिए कार्य करने में आ समर्थ रहेंगे
मां दुर्गा पर आपत्तिजनक टिप्पणी !
अनुराग प्रताप नाम के व्यक्ति ने अपने फेसबुक पर लगाई आपत्तिजनक स्टोरी।
��नुराग उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के भदैया गांव का रहने वाला है।
नवरात्र हिंदुओं का महापर्व है इसे पूरी शुद्धता और पवित्रता के साथ मनाया जाना चाहिए।
जिन्हें हमारे धर्म से दिक्कत है, जिन्हें भारत माता की जय कहने से समस्या है जो हमारे देवी देवताओं को मानते ही नहीं उनका क्या काम हमारे त्योंहारों में?
देश के हर गरबा पंडाल में सख्ती से ध���यान देना चाहिए ताकि क्षेत्र और देश का माहौल ना बिगड़े।
‘जब हमारे भगवान नहीं मानते तो यहाँ क्यों आते हो?’: गुजरात के गरबा पंडाल में घुसे मुस्लिम युवक को दबोचा, उज्जैन में आधार कार्ड चेक करके प्रवेश
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