@MVVNLHQ@UPPCLLKO@EMofficeUP@MVVNLmd महोदय, जून माह के बिल में मेरा सोलर ऑन ग्रिड द्वारा उत्पादित बिजली में 90 यूनिट अतिरिक्त था। जिसे जुलाई माह के बिल में एडजस्ट नहीं किया गया। कृपा करके समस्या का समाधान करें।
खाता स- 9882118872
संपर्क मोबाइल न- 7992161601
ये केरल की घटना है....
यह डेढ़ साल के अरशद का लगभग दो हफ्ते पुराना वीडियो है, जिसमें उसके दोनों हाथ टूटे हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उसकी मां अखिला यह कह रही थी कि वह साइकिल से गिर गया था, इसलिए उसके हाथ टूट गए।
लेकिन दुखद बात यह है कि अरशद की दो दिन पहले अस्पताल में मौत हो गई।
अरशद के असली पिता अखिल ने तब आत्महत्या कर ली थी, जब अखिला तीन महीने की गर्भवती थी।
इसके बाद अखिला अपने बॉयफ्रेंड
मो. अश्कर के साथ रहने लगी। आरोप है कि अश्कर लंबे समय से इस मासूम बच्चे पर अत्याचार कर रहा था और उसकी मां सब कुछ देखते हुए भी चुप रही।
• डॉक्टरों की रिपोर्ट में सामने आया कि:
बच्चे के शरीर पर 51 अलग-अलग चोटों के निशान थे।
• उसके निजी अंगों पर भी गंभीर चोटें पहुंचाई गई थीं।
• पैरों पर सिगरेट से जलाने के निशान मिले।
• लगातार मारपीट के कारण अंदरूनी खून बहने और पुरानी हड्डी टूटने के सबूत भी मिले।
....इतने छोटे बच्चे के साथ हुई ये क्रूरता न आप लोगों को झकझोर देगी...
लेकिन उसे जन्म देने वाली माँ इस क्रूरता पर मौन रहती है... और बच्चे की मौत के बाद भी अपराधी को बचाती है....
औरत पर जब इश्क़ सवार होता है....
उसके भीतर फिर बस वही शेष रह जाता है बाकी सब वो भूल जाती है...
और फिर समझें कि कोई अपराध भी बस घटित होने को आसपास ही है उसके अपनों के साथ... फिर शिकार पिता हो, पति हो, भाई हो.... या संतान..
कठोर बात है......पर सत्य है
- संदेशख़ाली में महिलाओं को नग्न घुमाया गया था..!
- सीतलकुची में घर वालो के सामने महिला के साथ बलात्कार हुआ था..!
- कांकीटला (बीरभूम) में भाजपा कायकर्ता को फांसी पर लटका दिया था...!
- दक्षिण 24 परगना में 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला व उसकी बहु के साथ बलात्कार किया गया..!
- देबब्रत प्रामानिक को सड़क पर दौड़ा पर मारा गया था..!
- शोवन प्रामाणिक को घर से उठा ले गए थे TMC वाले औऱ मार डाला..!
- अविजीत सरकार को घर के अंदर बच्चो के सामने पीट पीटकर मार डाला TMC के गुंडों ने..!
अभिषेक बनर्जी का हाथ तोड़ा...? नही..!
अभिषेक बनर्जी के पैर तोड़े..? नही...!
अभिषेक बनर्जी को फाँसी लगाई...? नही..!
अभिषेक बनर्जी की हत्या हुई...? नही...!
अभिषेक बनर्जी का बलात्कार हुआ...? नही..!
TMC के आतंक के गुस्से में जनता ने कुछ थप्पड़ मार दिए तो बिलबिला उठी जिहादी ममता, पहले अपने कुकर्मो पर नज़र दौड़ाओ तो ये थप्पड़ आशीर्वाद लगेंगे..
मैं कहना ये चाह रही थी की ----
जब आज़म खान ने तीन घंटे एक S.S.P. को अपने घर के बाहर खड़ा रहने का आदेश दे दिया था। जब आज़म खान ने जिलाधिकारी से जूते साफ करवाने की बात कही थी। जब मुख्तार अंसारी ने कोतवाली में ताला डलवा दिया था। जब अतीक अहमद ने बीस पुलिस वालों को अपने घर में कैद कर लिया था। जब इनके मुकदमों को सुनने से मजिस्ट्रेट भी मना कर दिया करते थे !
वक्त बदला--एक #ईमानदार #संन्यासी नेता बनकर प्रदेश की गद्दी पर बैठा--देखते-देखते सब कुछ बदल गया, असहाय सी लगने वाली पुलिस इनको
घ सीट-घ सीट कर थानों में लाने लगी। इनके घर में घुसकर ढिंढोरा पीटने लगी, नीलामियां होने लगी, धड़ाधड़ बुलडोजर चलने लगे, बड़े से बड़े माफिया और डांन सरेंडर करने लगे !
✍️ मैं केवल आपको इतना कहना चाह रही हूं कि--जब सत्ता पर बैठा व्यक्ति ईमानदार और चरित्रवान होता है तो सबकी खुशहाली होती है, समाज का उत्थान होता है!
आप समझदार हैं, सत्ता किनके हाथों में सौंपनी है, यह आपको सोचना है!
👉नवाब मलिक भांग बेचकर 3000 करोड़ का नवाब हो गया ।
👉मुलायम सिंह प्राइमरी के मास्टर होते हुए भी अपने पूरे परिवार को हजारों करोड़ का मालिक बना चुके हैं ।
👉गरीब परिवार से आई हुई Dलित मायावती बिना कोई रोजगार किये ही हज़ारों करोड़ की मालकिन हैं।
👉लालू गाय-गोबर-दूध-दही बेच कर अरबो का मालिक बन गया।
👉चिदंबरम गमले में गोभी उगा कर 15 20 हजार करोड़ का मालिक बन गया।
👉शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले 10 एकड़ जमीन में सब्जियों उगाके अरबों खरबों की मालिक बन गई।
👉और तो और फ़र्ज़ी गाँधी बिना कुछ किए 80000 करोड़ के मालिक बन गए। सोनिया विश्व की चौथी सबसे अमीर महिला बन गयी।
👉टिकैत अनाज बेच कर 1500 करोड़ का मालिक बन गया।
🤔पर ताज़्जुब यह कि मोदी जी और योगी जी देश बेच कर भी फ़कीर के फ़कीर ही हैं.?
जागरूक नागरिको- उपर्युक्त विवरण में ही आपका और आने वाली संतानों का भविष्य छुपा है !
ग़लत कहा हो तो बताओ !!
क्या आप जानते हैं 1965 के युद्ध में भारत जीतने के बावजूद भी कांग्रेस पार्टी ने 1968 में गुजरात के कच्छ के रन का 828 वर्ग किलोमीटर एरिया जो स्विट्जरलैंड का तीन गुना है वह पाकिस्तान को दे दिया
भारत-पाकिस्तान कच्छ के रन मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले उसके बाद यूनाइटेड नेशन ने यूगोस्लाविया के एक मुस्लिम वकील अली बाबर को मध्यस्थ बनाया और अली बाबर ने इसमें भारत पर दबाव डालकर 828 वर्ग किलोमीटर एरिया पाकिस्तान को दिला दिया
गंदगी में पल रहे कॉकरोचों से देश नहीं चलता........देश चलता है ऐसे......👇👇👇
1991 में भारत की अर्थव्यवस्था कंगाल हो गई थी तब प्रधानमंत्री नरसिंहराव ने वित्तमंत्री मनमोहन सिंह जी से बुलाकर पूछा खजाने में कितने पैसे है......मनमोहन जी का उत्तर था सिर्फ 9 दिन देश चला सकते है इतना सा पैसा बचा है.......इस पर नरसिंहराव जी बोले इस स्थिति से कैसे निपटा जाए तो मनमोहन सिंह बोले देश के रुपये की कीमत 20% गिरानी पड़ेगी.....नरसिंहराव जी बोले ठीक है केबिनेट की बैठक बुलाओ मनमोहन जी उठे और अपने कक्ष की ओर जाने लगे.......कुछ कदम दूर जाने के बाद वापिस पलट कर आए और नरसिंहराव जी से बोले कि अगर केबिनेट बैठक बुलाई तो हम ये कठोर निर्णय नही कर पाएंगे सभी मंत्री वोट बैंक एड्रेस करेंगे नरसिंहराव जी ने मनमोहन जी से कहा कि ठीक अभी आप अपने कक्ष में जाइये.....20 मिनिट बाद मनमोहन जी को उनके कमरे में सचिव एक चिट्ठी देकर गए और उस चिट्ठी में नरसिंहराव जी ने लिखा था ,"डन" बाद में जब पता चला कि 20 मिनिट में ऎसा क्या होगया था जो आपने केबिनेट मीटिंग मनमोहनसिंह सहित सबको आश्चर्य में डालकर हाँ कर दी......तब नरसिंहराव जी ने कहा था कि मेने अटल जी से बात करली थी और डन कर दिया....।।मतलब आप अटल जी पर भरोसा देखो अपनी केबिनेट से भी ज्यादा था उन्हें पता था अटल जो देश हित मे होगा वही बोलेंगे......ऐसा होता है राष्ट्रवादी विपक्ष और उस कठोर निर्णय की घोषणा के बाद बीजेपी ने विरोध आंदोलन नही किया बल्कि देश की अर्थ व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए तात्कालिक कोंग्रेस सरकार को साथ दिया......और वहीं कोंग्रेस ने नोट बंदी GST पर कैसा नंगा नाच किया था सबने देखा है......।.यही कारण है कि में बीजेपी को राष्ट्रवादी दल कहती हूँ जो दल से पहले देश को रखता है........
ट्विशा शर्मा उम्र 33 साल थी। वह पहले 'मिस पुणे' रह चुकी थीं। उन्होंने तेलुगू और हिंदी फ़िल्मों में काम किया था, जिनमें 'मुग्गुरु मोनागल्लू' और 'ज़रा संभल के' शामिल हैं।
हाल के सालों में उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी थी और कॉर्पोरेट सेक्टर में चली गई थीं। उनके भाई भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात हैं।
12 मई 2026 को, भोपाल के कटारा हिल्स में अपने पति के घर पर वह मृत पाई गईं।
एक दोस्त को भेजा गया उनका आखिरी मैसेज था, "मैं फँस गई हूँ।"
उनके परिवार का आरोप है कि समर्थ सिंह से शादी के बाद, दहेज की माँग को लेकर ट्विशा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था।
उनका आरोप है कि उन पर दो महीने की प्रेग्नेंसी को खत्म करने का दबाव डाला गया था। उनका यह भी आरोप है कि उनके ससुराल वाले बार-बार उनके चरित्र पर सवाल उठाते थे।
उनके पिता, नव निधि शर्मा ने सार्वजनिक रूप से कहा, "मुझे पूरा शक है कि यह एक हत्या है।"
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी गर्दन पर निशान और शरीर पर दूसरी चोटें पाई गईं।
शुरुआती रिपोर्ट आने के समय उनके पति समर्थ सिंह फ़रार थे। कोर्ट ने उनकी अग्रिम ज़मानत अर्जी खारिज कर दी थी।
उनकी माँ, जो एक रिटायर्ड जज और ज़िला उपभोक्ता फ़ोरम की मौजूदा चेयरपर्सन हैं, ने ज़मानत के लिए अर्जी दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्विशा नशे की आदी थीं और उनका मानसिक इलाज चल रहा था, और उनकी मौत आत्महत्या थी।
उनकी सास को अग्रिम ज़मानत मिल गई।
एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। समर्थ सिंह और उनकी माँ के खिलाफ़ 'भारतीय न्याय संहिता' के तहत दहेज हत्या और उत्पीड़न की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
ट्विशा के परिवार ने उनके अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। उनका शव छह दिनों से ज़्यादा समय तक मुर्दाघर में ही पड़ा रहा।
उनके परिवार ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जाँच और AIIMS दिल्ली में दोबारा पोस्टमॉर्टम करवाने की माँग की।
SIT की जाँच अभी भी जारी है। अभी तक कोई चार्जशीट दायर नहीं की गई है। न ही किसी को दोषी ठहराया गया है।
उनके पिता का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। वहीं, उनके पति के परिवार का कहना है कि उन्होंने खुद अपनी जान ली है।
SIT ही यह तय करेगी कि सबूतों के आधार पर सच क्या है।
इसे दोबारा पोस्ट करें। कुछ कहानियों को कभी भी गुमनाम नहीं होने देना चाहिए।
मोदी जी… @narendramodi
आपको गिफ़्ट देना नहीं आता…
Melody टॉफ़ी भी भला कोई गिफ़्ट देता है…
गिफ़्ट देना आपको कांग्रेस वालो से सीखना चाहिए…
पाकिस्तान को POK गिफ़्ट कर दिया…
चीन को अक्साई चीन गिफ़्ट कर दिया…
UN की परमानेन्ट सीट चीन को गिफ़्ट कर दी…
कच्चातिवु द्वीप, श्री लंका को गिफ़्ट कर दिया…
वॉरेन एंडरसन को आज़ादी गिफ़्ट कर दी…
ISI को भारतीय करेंसी की प्लेट गिफ़्ट कर दी…
ये होते हैं गिफ़्ट….!!!
@MVVNLHQ@UPPCLLKO@EMofficeUP@MVVNLmd@ZoneAmausi महोदय, स्मार्ट मीटर डेटा दिखाने लगा, इसके लिए शुक्रिया। परन्तु सोलर पैनल द्वारा बनाया गया बिजली का यूनिट, स्मार्ट मीटर में लगभग 31 प्रतिशत कम करके दिखा रहा है। अतः इस समस्या का समाधान करे।
@MVVNLHQ@UPPCLLKO@EMofficeUP@MVVNLmd महोदय, स्मार्ट मीटर में कोई भी डाटा नहीं दिख रहा है।एक मैसेज ही केवल दिखा रहा है। इसके अलावा ग्रिड सोलर पैनल से जितनी भी बिजली बनती है, उससे काफी कम स्मार्ट मीटर में दिखता है।
खाता न. 9882118872
संपर्क मोबाइल न. 7992161601
भारत का पहला शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने इतिहास को किस तरह भ्रष्ट किया और कैसे एक मुस्लिम परस्त इतिहास हमे परोसा गया, उसकी धज्जियां उड़ाने में सहयोग करे,,,,।।।
1) भारत का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से शुरू नही होता बल्कि सरयू तट से शुरू होता है जहाँ महर्षि मनु को अपने मनुष्य होने का ज्ञान हुआ और मानव सभ्यता विकसित हुई,,,,।
2) रामायण और महाभारत हिन्दुओ के धर्मग्रंथ हो सकते है मगर शैक्षिक रूप से ये भारत का इतिहास है, जिन्हें पाठ्यक्रम में शामिल नहीं किया गया,,,।
3) सिंध को अरबो ने जीता अवश्य था मगर बप्पा रावल ने उन्हें मार मार कर भगाया भी था, मगर सिर्फ अरबो की विजय पढ़ाई जाती है और बप्पा रावल को कहानी किस्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है,,।
4) व्यवस्था के अनुसार सम्राट पोरस ने सिकन्दर को रोका यह पढ़ाना आवश्यक नही था लेकिन अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोलों को रोका ये बात याद से लिखी गयी,,,,।
5) बाबर से औरंगजेब तक हर बादशाह के लिये अलग अध्याय है जबकि मुगलो के इतिहास से हिंदुस्तान के वर्तमान को ज्यादा प्रभाव नही पड़ता।
6) मुगलो का 1707 तक का तो इतिहास बता दिया मगर बड़ी ही चतुराई से उसके बाद सीधे 1757 का प्लासी युद्ध लिखकर अंग्रेजो को ले आये। इतनी जल्दी क्या थी जनाब, जरा 1737 में पेशवा बाजीराव द्वारा मुगलो की धुलाई भी पढ़ा देते।
7) 1757 में मुगल सल्तनत का मराठा साम्राज्य में विलय हो गया था मगर जबरदस्ती उसका अंत 1857 मे पढ़ाया जाता है। 1757 से 1803 मुगल मराठा साम्राज्य के अधीन रहे और 1803 से 1857 अंग्रेजो के। 1757 के बाद कोई मुगल सल्तनत नही थी।
8) पानीपत में मराठो की हार हुई ठीक है मगर ये उनका अंतिम युद्ध नही था वे दोबारा खड़े हुए और अंग्रेजो को भी धो दिया, ये कब पढ़ाओगे? सिर्फ पानीपत पढ़ा दिया ताकि संदेश यह जाए कि हिन्दुओ ने हर युद्ध हारा है जबकि युद्ध के बाद महादजी सिंधिया ने अफगानों को जमकर कूटा था।
9) जितने कागज बलबन, फिरोजशाह तुगलक और बहलोल लोदी पर लिखने में बर्बाद किये उन कागजो पर महादजी सिंधिया, नाना फडणवीस और तुकोजी होल्कर का वर्णन होना चाहिए था।
10) भारत ब्रिटेन का गुलाम नही उपनिवेश था।
11) भारत 200 नही 129 वर्ष ब्रिटेन की कॉलोनी रहा, (1818 में मराठा साम्राज्य के पतन से 1947 में कांग्रेस शासन तक)।
12) आंग्ल मराठा युद्ध 1857 की क्रांति से भी बड़े थे इसलिए उनका विवरण पहले होना चाहिए मगर गायब है क्योकि बखान टीपू सुल्तान का करना था।
13) 1947 में 2 राष्ट्रों का उदय नही हुआ बल्कि एक ही का हुआ, हिंदुस्तान सदियों से उदित है और हमेशा रहेगा। ज्यादा सेक्युलर हो तो दूसरे आतंकी राष्ट्र की चिंता करो, नक्शे पर कुछ ही दिन का मेहमान है।
14) 1962 में भारत चीन से पराजित हुआ मगर 1967 में चीन को हराया भी, वो कौन पढ़ायेगा?
15) सामाजिक विज्ञान में एक पाठ आता है भारत और आतंकवाद, उसमे बड़े बड़े उदाहरण बताए जाते है मगर उनके पीछे का इस्लामिक कारण नही पढ़ाया जाता।
हमारी शिक्षा व्यवस्था बहुत ही रूढ़ हो चुकी है अतः आवश्यकता है ऐसे लोगो को जोड़ने की जो शिक्षा मंत्रालयों में कार्यरत हो, कार्यरत होने से ज्यादा वे भारतीय शिक्षा को लेकर सजग और तत्पर हो।
कृपया ऐसे व्यक्तियों तथा सभी मित्रों तक इस लेख को पहुचाने में हमारा सहयोग करे।
जब शिलॉन्ग में डॉ अब्दुल कलाम साहब की मौत हुई, तो पूरी दुनिया रोई। लेकिन असली तमाशा तो अगले दिन दिल्ली में हुआ।
लोग उनके कमरे का ताला खोलने पहुँ गये, सब देखना चाह रहे थे कि इतना बड़ा वैज्ञानिक, जो 40 साल तक सरकार के बड़े पदों पर रहा और 5 साल तक 'रायसीना हिल्स' (राष्ट्रपति भवन) का राजा रहा वो आख़िर कितनी संपत्ति छोड़कर गया है।
लेकिन जब कमरा खुला, तो सन्नाटा पसर गया।
वहां कोई तिजोरी नहीं थी। कोई लग्जरी कार की चाबी नहीं थी। कोई विदेशी बैंक का पासबुक नहीं था।
उस कमरे के कोने में पड़े एक छोटे से संदूक में बस ये मिला:
6 घिसी हुई शर्ट और 4 ट्राउजर (जिन्हें वो खुद धोते थे)।
3 पुराने सूट (एक तो राष्ट्रपति बनने के समय सिला था, वही 5 साल चला)।
1 कलाई घड़ी (जो वक्त की पाबंद थी, पर दिखावे से कोसों दूर)।
1 पुराना लैपटॉप और 1 वीणा।
और सबसे कीमती चीज़? 2,500 किताबें। बस! यही थी उस शख्स की कुल जमापूंजी जिसने भारत को परमाणु शक्ति बनाया।
हैरानी की बात जानते हैं क्या है?
अब्दुल कलाम ने अपनी पूरी जिंदगी की सैलरी और अपनी पेंशन तक 'PURA' नाम की संस्था को चुपचाप दान कर दी थी। जिस इंसान के एक दस्तखत पर देश का अरबों का बजट तय होता था, उसने अपने लिए एक इंच जमीन तक नहीं खरीदी।
आज हम 2000 के जूते और 5000 के चश्मे पहनकर खुद को रईस समझते हैं। लेकिन उस महापुरुष' ने बिना किसी ब्रांड के पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना लिया।
कलाम साहब ने मरते-मरते भी हम सबको एक आईना दिखाया है— कि "इंसान अपनी हैसियत से नहीं, अपनी वसीयत (विचारों) से बड़ा होता है।"
अगर आज आपके पास रहने को छत और पहनने को कपड़े हैं, तो आप उस दिन के राष्ट्रपति से भी ज्यादा 'अमीर' हैं। पर क्या आपके पास उनके जैसा 'दिल' है?
इस महापुरुष की सादगी के सम्मान में एक 'नमन' तो बनता है।
इसे इतना शेयर करो कि हर उस इंसान तक पहुँचे जो आज पैसे और घमंड के नशे में चूर है। 🇮🇳
सत्तर के दशक से ही दक्षिण राज्यों में सनातन को खासकर ब्राह्मणों को अपने रास्ते से हटाने के षड्यंत्र के साथ द्रविड़ आंदोलन की पीठ पर सवार क्रिश्चियन मिशनरियों ने पूरे दक्षिण भारत को अपने प्रभुत्व में ले लिया।
आज द्रविड़ों के साथ लगभग सभी समाज की अस्सी प्रतिशत जनसंख्या क्रिश्चियनों के चंगुल में है। राजनीति में या उच्च विभागों में फायदा लेने के समय यह धूर्त बन जाते हैं, फिर क्रिश्चियन मिशनरियों के मुखौटे बन सनातन पर कुतर्क और क्रिश्चियनों की लॉबिंग करते हैं।
इनके देश तोड़ने का षड्यंत्र कोई नया नहीं है।
देश के आठ सौ जिलों में से दो सौ जिलों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो गए हैं।
धीरे-धीरे खत्म होना तय है। देश में छत्तीस हजार मदरसे हैं। हर साल छह लाख दीनी वफादार तैयार कर क्षेत्रों में बसाए जा रहे हैं।
आजादी के समय देश में रह गए साढ़े तीन करोड़ शांति दूत अब चालीस करोड़ हो गए हैं।
सारे कुटीर उद्योग झाड़ू, पत्ते, बांस, चमड़े, लोहे, लकड़ी, दूध, सब्जी, गल्ला, फल, मिट्टी के बर्तन, सैलून आदि सभी कार्य हिन्दुओं के हाथों से छोटे और बेकार काम कहकर हीनता से भर दिए गए, और लोगों ने अपने बाप-दादाओं की कला को लात मारकर बना-बनाया कारोबार शांति समुदाय की बेहिसाब बढ़ती आबादी को दे दिया।
अब लोग सोचें, कौन हक मार रहा है।
जाधव नाम का यह शख्स 10वीं की परीक्षा देने के बाद अपने गांव में ब्रह्मपुत्र नदी के बारिश से भीगे रेतीले किनारे पर घूम रहा था क्योंकि बाढ़ का पानी कम हो गया था।
तभी उसकी नजर करीब 100 मरे हुए सांपों के एक विशाल झुंड पर पड़ी। इसके बाद उसने आगे बढ़कर देखा कि नदी का पूरा किनारा मरे हुए जानवरों से भरा हुआ था और एक श्मशान जैसा लग रहा था।
मृत प्राणियों के शवों के कारण खड़े होने की जगह नहीं थी। इस दर्दनाक सामूहिक निर्दोष मौत के दृश्य ने किशोर जाधव के मन को झकझोर कर रख दिया।
हजारों बेजान जानवरों की बेजान, चौड़ी खुली आंखों ने जाधव को कई रातों तक सोने नहीं दिया। एक चर्चा के दौरान गांव के एक शख्स ने व्याकुल जाधव से कहा कि जब पेड़-पौधे नहीं उग रहे हैं तो बाढ़ से बचने के लिए नदी के रेतीले किनारे जानवरों को शरण कहां मिलेगी?
जंगल के बिना उन्हें भोजन कैसे मिलेगा? यह बात जाधव के दिल को छू गई और उन्होंने जानवरों को बचाने के लिए पेड़ लगाने की कसम खाई।
16 साल के जाधव 50 बीज और 25 बांस के पेड़ लेकर नदी के रेतीले किनारे पर पौधे लगाने पहुंचे।
यह घटना आज से 35 साल पुरानी है।
वह दिन था और आज भी दिन है। क्या हम कल्पना कर सकते हैं कि इन 35 वर्षों में जाधव ने बिना किसी सरकारी मदद के 1360 एकड़ भूमि पर घना जंगल बना दिया है।
क्या हम विश्वास कर सकते हैं कि एक अकेले आदमी ने उस जंगल को लगाया
5 बंगाल टाइगर, 100 से अधिक हिरण, जंगली सूअर, 150 जंगली हाथियों का झुंड, गैंडा और कई अन्य जंगली जानवर सांपों सहित शांति से घूम रहे हैं, जिन्हें इस अद्भुत कर्मयोगी ने इस जंगल का गौरव बनाया है।
जंगल का रकबा बढ़ाने के लिए मैं सुबह 9 बजे से 5 किलोमीटर साइकिल चलाकर नदी पार करती, दूसरी तरफ एक पेड़ लगाती और फिर शाम को फिर से नदी पार करती और फिर साइकिल चलाती थी।
5 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद घर लौटेंगे।
उनके द्वारा लगाए गए इस जंगल में कटहल, गुलमोहर, अनानास, बांस, साल, सागौन, सीताफल, आम, बरगद, शहतूत, जामुन, आड़ू और कई औषधीय पौधे हैं।
आश्चर्य और दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि इस असंभव कार्य को पूरा करने वाले इस साधक को पांच साल पहले तक देश में अज्ञात था।
एक्शन का ये योद्धा अपने बनाए जंगल में पौधों से भरा बैग लेकर अपनी साइकिल पर असम के जंगल में अकेले अपनी धुन पर काम कर रहा था। वो पहली बार साल 2010 में देश की नजरों में तब आए थे जब एक वाइल्ड फोटोग्राफर
"जीतू कलिता" ने उन पर एक वृत्तचित्र फिल्म "द मोलाई फॉरेस्ट" बनाई
इस फिल्म को देश के नामी विश्वविद्यालयों में दिखाया गया था। दूसरी फिल्म आरती श्रीवास्तव की "फॉरेस्टिंग लाइफ" थी जिसमें जाधव के जीवन के अछूते पहलुओं और समस्याओं को दिखाया गया था।
तीसरी फिल्म "फॉरेस्ट मैन" को भी विदेशी फिल्म समारोहों में काफी सराहा गया था।
एक अकेले व्यक्ति ने पर्यावरण की रक्षा के लिए वन विभाग की मदद के बिना, बिना किसी सरकारी वित्तीय सहायता के ऐसा किया।
इतने पिछड़े इलाके से आने के कारण उनके पास पहचान पत्र के रूप में "राशन कार्ड" भी नहीं था, उन्होंने हजारों एकड़ में फैला एक पूरा जंगल बना दिया।
जो लोग उन्हें जानते थे उन्होंने उनके काम का सम्मान किया और उनके नाम पर इस जंगल का नाम रखा।
असम का यह जंगल
इसे "मिशिंग जंगल" कहा जाता है।
(जाधव असम की मिशिंग जनजाति से हैं)। उन्होंने जीविकोपार्जन के लिए गायों को पाला है। शेरों द्वारा उनके घरेलू जानवरों को खाने के बाद भी, जो उनकी आजीविका का साधन थे, जंगली जानवरों के प्रति उनकी करुणा कम नहीं हुई। उनका मानना है और वे कहते हैं कि शेरों ने मुझे नुकसान पहुंचाया क्योंकि वे नहीं जानते कि अपनी भूख मिटाने के लिए खेती कैसे करें।
तुम जंगलों को नष्ट कर दो, वे तुम्हें नष्ट कर देंगे।
जाधव को एक साल पहले देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया था, जो अभी भी असम में एक कमरे की बांस की झोपड़ी में रहते हैं और अपनी पुरानी दिनचर्या में तल्लीन हैं।
सरकार के तमाम प्रयासों और वृक्षारोपण के नाम पर लाखों रुपए के पौधे खरीदने के बावजूद पर्यावरण और वन विभाग उस मुकाम को हासिल नहीं कर सका जो किसी एक व्यक्ति की इच्छाशक्ति से हासिल किया गया था। वह पौधों से भरे बैग और कुदाल के साथ जंगल की पगडंडियों पर साइकिल चलाकर एक निस्वार्थ उपासक के रूप में अपनी साधना में लीन है।
तो यह कहा जा सकता है कि कभी-कभी "एक ग्राम न केवल भट्टी को तोड़ सकता है बल्कि उसे चकनाचूर भी कर सकता है।
हजारों सलामी और सलाम।
सादर। #viralreelsシ #viralreels #foryouシ #treding #post #viral #
ये आदमी सुजीत बोस है
ये एक दशक पहले कलकत्ता की सड़कों पर
ककड़ी पपीता केला आदि मिक्स कर के स्वादिष्ट चाट
ताजा हरे पत्ते से बने दौना में बनाकर बेचता था
भाग्य की प्रवलता देखिये
एक दिन ममता बनर्जी से गाड़ी किसी काम से इसके
ढेले के पास रुकी तो इसने बड़े आग्रहों से अपनी बनी
फ्रूटचाट का पत्ता ममता को दिया,
वो खुश हो गई और
इसे बंगले पर बुलाया.
बस उसी दिन इसका भाग्य चमक गया और
कुछ दिनों में ये TMC सरकार का मंत्री बन गया
आज ये दस हजार करोड़ से अधिक का मालिक है
इसकी बेटी की शादी पर कलकत्ता के प्रसिद्ध होटल
मैरियट को दो सप्ताहों के लिए फुल बुक किया गया था
करोड़ों रुपए की ज्वैलरी तो विदेशी मंगाई गई थी
मतलब दहेज़ में रिकॉर्ड तोड़ जेवरात दीये गए थे
आज भी इसका पूरा परिवार नौकर आदि सामूहिक
रूप से एक माह के लिए विदेश जाते हैं
और "श्रीभूमि" के सबसे मंहगे क्लब "पूजा क्लब"
का आज भी चेयरमैन ये ही बना हुआ है.
खैर
आज इसके पापों का घड़ा भर गया है
बंगाल नगर पालिका भर्ती घोटाले में आज इसे
गिरफ़्तार कर लिया गया है
मेरे कहने का मतलब यह है कि
कांग्रेस पार्टी ने टू जी स्पेक्ट्रम,फोर जी कॉमनवेल्थ
गमला गोभी और ना जाने कौन कौन से घोटालों में
साठ लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा की लूट की थी
साईकिल से स्कूल जाने वाला मुलायम परिवार आज निजी प्लेन से सब्ज़ी लेने जाता है.
सिर्फ
मोदी सरकार को छोड़कर
अब तक कोई भी सरकार रही उसने भ्रष्टाचार करके
देश की जनता जनार्दन की गाढ़ी कमाई लूटा ही है
लेकिन
मोदीजी जैसे बेदाग़, ईमानदार, देशभक्त, सनातनी
परम शिवभक्त का कपड़े पहनने का शौक़ भी इन
भ्रष्ट कुत्तों को अखरता है.
दुःख तब ज़्यादा होता है जब कुछ अच्छे लोग भी इन
भ्रष्ट पार्टियों की झूठी बातों में आकर हां में हां
मिलाने लग जाते हैं.
"सुजीत बोस"
तो ममता बनर्जी का आदमी है
इसलिए उसका भ्रष्टाचार कोई मायने नहीं रखता
बस मोदी नई ड्रेस क्यों पहनता है ?
सुजीत बोस, अखिलेश यादव और लालू यादव की हिस्ट्री
पढ़के अंदाज़ा लगाइए कि इन्होंने देश को कितनी
बेदर्दी से लूटा है....!!
@MVVNLHQ@UPPCLLKO@MVVNLmd@EMofficeUP@ZoneAmausi@myogioffice महोदय, उपर्युक्त शिकायत संख्या के निष्पादन का संदेश आप की तरफ से भेज दिया गया। परंतु समस्या ज्यों का त्यों है। अतिरिक्त ₹448 बेलेंस भी वापस नहीं आया, जो बिना आवश्यक काटा गया था।कितना समय लगेगा ? कृपा करके शीघ्र समाधान करे।
@UPPCLLKO@MVVNLmd@EMofficeUP@MVVNLHQ महोदय, 03/05/2026 को मेरा opening balance ₹219.14, Total charge for day ₹64.40, Closing Balance (-₹293.04) दिखा रहा है। जबकि ₹154.74 होना चाहिए। किंतु मेरा बैलेंस NEGATIVE कर दिया। कृपा शीघ्र संज्ञान ले। संपर्क मोबाइल - 7992161601
@MVVNLHQ@UPPCLLKO@MVVNLmd@EMofficeUP@ZoneAmausi@myogioffice महोदय, रोज आपकी तरफ से कॉल आती है कि समस्या का समाधान हुआ कि नहीं, परन्तु समस्या ज्यों का त्यों है। क्या आपको नहीं पता चलता कि समस्या का समाधान हुआ कि नहीं।जो अतिरिक्त ₹448 बैलेंस काटा गया है, उसे वापस किया नहीं जा रहा है। कृपा करके शीघ्र वापस करें।