सरपंच, विधायक या सांसद के चुनाव में तो मान भी लें कि गाँव-देहात के कुछ अनपढ़ लोग गलती से NOTA में वोट डाल देते हैं।
लेकिन DU जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र भी ऐसी गलती करेंगे
रात-दिन मेहनत करने वाले बाकी तीन उम्मीदवारों को मिलाकर भी NOTA के बराबर वोट नहीं मिले!
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव ने कई सवाल खड़े किए। NSUI ने ग्रामीण और आदिवासी पृष्ठभूमि से विजय कुमार मीणा को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाकर प्रतिनिधित्व का संदेश दिया।
राजस्थान के आदिवासी मीना समाज एक नया लीडर इसके लिए भाई @VinodJakharIN को बहुत बहुत धन्यवाद!!
#dusu
DUSU चुनाव के 11 राउंड का अपडेट है:
अध्यक्ष पद
NSUI के विजय शंकर मीणा — 13,268
ABVP के यश डबास — 12,993
उपाध्यक्ष पद
निर्दलीय दीपांशु शोकीन — 16,693
ABVP के इशु मौर्य — 8,875
#dusu
गढ़वाल विश्वविद्यालय में NSUI की शानदार जीत के बाद नवनिर्वाचित महासचिव मयंक बहुगुणा जी ने NSUI राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचकर मुलाकात की। उन्हें इस ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं।
यह जीत छात्रों के भरोसे, NSUI के संघर्ष और छात्रहितों की लड़ाई की जीत है। छात्रों की आवाज़ को और मजबूती से बुलंद करने के लिए NSUI का संघर्ष जारी रहेगा।
#NSUI
DUSU चुनाव का आठवां राउंड
सचिव पद पर
ABVP की रिया छावड़ी - 8466
NSUI की नम्रता चौधरी - 6172
संयुक्त सचिव पद पर
निर्दलीय विशेष यादव - 6297
ABVP के लक्ष्यराज सिंह -6183
NSUI के गोपाल चौधरी - 6168
#dusuelection2026
DUSU चुनाव का आठवां राउंड
अध्यक्ष पद पर
NSUI के विजय शंकर मीणा - 9487
ABVP के यश डबास - 9257
उपाध्यक्ष पद पर
निर्दलीय दीपांशु शौकीन - 12310
ABVP के इशू मौर्य - 6444
NSUI के वीर चतरथ - 1805
#Dusuelection2026
काजोल के बेटे की शक्ल किस से मिल रही हैं ?
काजोल को देखकर दिल वाले दुल्हनिया ले जायेंगे कि याद आ जाती हैं ।
क्या, लाजबाब एक्टिंग की थीं ? काजोल ने ।
अब सवाल पर आते हैं , किस एक्टर से मिलती हैं , काजोल के बेटे की शक्ल?
आज स्कूल में कांड हो गया पसीने पसीने छूट गए मेरे तो..!😭
आज स्कूल में बच्चे लंच के बाद काफी मस्ती कर रहे थे तो मैने सबको खूब डांटा चुप बैठ जाओ
पढ़ाई करो लेकिन बच्चे काफी बदमाशी करते है प्यार से समझाया नहीं समझे
मैने फिर एक एक को हाथ से पकड़ के बैठाया तब जाके सभी बैठे
अचानक एक बच्चा जोर जोर से रोने लग गया
मैने सोचा इसे क्या जो गया ज्यादा रो रहा था इसलिए उसकी मम्मी को कॉल लगा दिया
उसकी मम्मी आई ओर बच्चा हाथ को लेके रो रहा था मैने सोचा आज तो में गई काम से
जब बच्चे की मम्मी ने मुझसे पूछा क्या आपने इसे मारा था क्या
मैने तो बस हाथ पकड़ के बैठाया था
तब उसकी मम्मी ने जो बताया उसे सुनकर में हैरान रह गई...1/2
भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके बदलते रहते हैं, और बदलते रहेंगे - मकसद बस एक ही है: किसी भी क़ीमत पर BJP की जीत, और भारत के लोकतंत्र का अंत।
महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91% नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है - यानी हर पांचवां वोटर।
लोक सभा 2024: 9.29 करोड़
विधान सभा 2024: 9.7 करोड़
SIR 2026: 7.78 करोड़
कौन सी लिस्ट सही थी?
वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता ज़रूरी नहीं है - यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानती है।
40 साल तक एक दूसरे को जानती थीं, connection भी महसूस होता था,
फिर इस उम्र में DNA करवाई तो पता चला सगी बहन निकली।
Meena और Minal भारत से अनाथालय से गोद ली गई थीं,
नीदरलैंड्स में अलग अलग घरों में पलीं, बस थोड़ी दूरी पर
कम उम्र में एक adoption gathering में मिलकर दोस्त बन गईं,
कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि खून का रिश्ता है।
बीच में सालों संपर्क टूट गया फिर इस साल दोनों ने अलग अलग DNA टेस्ट कराया,
Minal के रिजल्ट में 100% मैच के साथ नाम लिखा था Meena, वही पुरानी दोस्त।
मुलाकात हुई तो बस गले लगकर रोती रह गईं, बरसों का खालीपन एक पल में भर गया।
किस्मत का खेल है, इंसान सालों साथ रहता है और पता ही नहीं चलता सामने वाला अपना ही खून है।
ये हैं Avneet Kaur
ऊम्र 24 साल
Avneet Kaur ने ₹80 लाख की Range Rover खरीदी हैं
मुंबई में ₹10 करोड़ का घर लिया हैं
एक Brand Post के लिए ₹20 लाख चार्ज करती हैं
Net Worth ₹41 करोड़
ये सब अनवीत ने बिना आरक्षण और बेरोजगारी के नाम पर प्रोटेस्ट कीये हासिल किया
दूसरी तरफ Ruchika जैसी लड़कियां हैं
जो मुहँ पर ₹10 का Makeup पोतकर देश के प्रधानमंत्री को माँ बहन की गालियां देती हैं
अब चुनना आपको हैं
आप को Avneet Kaur की तरफ अपने दम पर सफल होना हैं
या Ruchika की तरफ बदनाम होना हैं ?
एक युवक ने नई बोलेरो खरीदने के लिए शोरूम में ऐसा Payment लेकर पहुंचा कि वहां मौजूद Staff भी देखकर हैरान रह गया।
उसके हाथ में Cash नहीं बल्कि ₹1 के सिक्कों से भरे बोरे थे।
Staff ने पूछा कि आखिर यह सब क्या है तो युवक ने कहा कि आपने Cash लेने की बात कही थी और ये भी तो पैसे ही हैं।
Staff ने जवाब दिया कि पैसे तो हैं लेकिन इतने सारे सिक्के कौन गिनेगा।
युवक ने बताया कि अभी तो वह सिर्फ कुछ बोरे लेकर आया है और बाकी सिक्के गाड़ी में रखे हैं।
जब उसने बताया कि कुल रकम ₹12 लाख है तो Staff ने Senior से Approval लेने की बात कही।
Senior Manager ने पहले साफ मना करते हुए कहा कि इतनी बड़ी रकम सिक्कों में लेना संभव नहीं होगा और Cheque या RTGS से Payment करने को कहा।
लेकिन युवक अपनी बात पर अड़ा रहा।
आखिरकार Staff ने तय किया कि अगर Customer सिक्कों में ही Payment करना चाहता है तो पूरा Staff मिलकर उन्हें गिनेगा।
इसके बाद शोरूम में सिक्कों के बोरे खुलने लगे और अलग-अलग Counters पर गिनती शुरू हो गई।
एक कर्मचारी ने बताया कि उसने अपनी जिंदगी में पहली बार किसी को इतनी बड़ी रकम सिक्कों में लेकर गाड़ी खरीदते देखा है।
एक महिला कर्मचारी ने बताया कि वह अकेले ही हजारों सिक्के गिन चुकी है और अभी बहुत बड़ी रकम बाकी है।
सबसे दिलचस्प बात यह थी कि युवक के पास अभी कई बोरे और बाकी थे।
धीरे-धीरे पूरा Staff इस काम में लग गया और हर सिक्के का हिसाब रखा जाने लगा।
क्योंकि इतनी बड़ी रकम में एक छोटी सी गिनती की गलती भी हजारों रुपये का फर्क पैदा कर सकती थी।
कई घंटों की मेहनत के बाद आखिरकार पूरे ₹12 लाख के सिक्कों की गिनती पूरी हो गई।
इसके बाद युवक को उसकी बोलेरो की चाबी सौंप दी गई।
यानी गाड़ी खरीदने के लिए युवक ने Bank Transfer या Cheque का रास्ता छोड़कर ऐसा तरीका चुना जिसमें पूरा शोरूम घंटों तक सिक्के गिनता रहा।
बाद में उसने बताया कि उसने ये सारे पैसे खास तौर पर सिक्कों में बदलवाए थे ताकि यह अनुभव यादगार बन सके।
आज के समय में लोग यादगार बनाने के लिए किस तरिके से अपना रुपया सिक्कों में बदलवाता है क्या ये तरीका सही था?