हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था
व्यक्ति को मैं नहीं जानता था
हताशा को जानता था
इसलिए मैं उस व्यक्ति के पास गया
मैने हाथ बढ़ाया
मेरा हाथ पकड़ कर वह खड़ा हुआ
मुझे वह नहीं जानता था
हम दोनों साथ चले
दोनों एक दूसरे को नहीं जानते थे
साथ चलने को जानते थे।
@manojmuntashir भाई साहब कोई गाली वाली डालो इसमें
वरना यूथ कैसे कनेक्ट हो पाएगा।
#आदिपुरूष में भी तो फूहड़ता भरे संवाद डाले थे। ताकि बच्चे और यूथ कनेक्ट हो पाए।
@news24tvchannel प्रधानमंत्री जी को फिलहाल विपक्ष के बारे में न बोलके मणिपुर के बारे में बोलना चाहिए। पहले मणिपुर के हालातो से निपटाए बाद में विपक्ष को निपटाने के बारे में सोचे।
राष्ट्र सर्वोपरी।