पहले रेलवे में नौकरी एक सम्मान की बात होती थी,
आज रेलवे में नौकरी ही नहीं होती,
जल्द ही, पहले-सा रेलवे ही नहीं होगा!
जनता से अन्याय बंद करो।
We want #JusticeForRailwaysStudents
अबकी बार, इस धोखेबाज़ सरकार की मंशा बिल्कुल स्पष्ट है।इन्होंने तय किया है कि-
ना रहेगा बाँस, ना बजेगी बाँसुरी!
ना रहेगा रेलवे, ना देनी पड़ेगी सरकारी नौकरी!!
#JusticeForRailwayStudents