@narendramodi माननीय आपके लिए 11 साल लगा दिए। आपके मेहनत को खा जाएंगे ये सब।आज ऊब कर लिख रहा हूं। भ्रष्टाचार खा जाएगा देश को। भ्रष्ट नहीं सुधरेंगे। इन भ्रष्ट लोगों का ध्यान सिर्फ गुणा भाग में रहता। Pro action zero है इन लोगों के पास #SurgicalStrikeAgainstCurropt#NoidaTragedy
गुरु गोविन्द द��ऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरु अपने, गोविन्द दियो बताय॥
और आज.... गुरु खड़े आंसू छुपाये।
ऐसे विवश, असहाय, और निशब्द गुरु का मौन समाज को चेतावनी है।
आसपास जो खड़े हैं वो ऐसे तय कर रहे हैं व्यवस्थाओं को। और जीत के जश्न में तालियां बजा रहे।
राष्ट्र सावधान।
कोई वरदान भस्मासुर का स्वरूप धारण कर ले तो भोलेनाथजी को भस्म करने पर आमादा हो जाता है। निरंकुश शक्ति सब मिटा के रख देती है।
राष्ट्र अकर्मण्यता के दोराहे पर पहुंच चुका है। लोगों में अपने अनुरूप सबकुछ चलाने की लत लग गई है। नहीं तो सब भस्म कर देने पर उतारू हो जाते हैं।
सावधान।
विनाश काले विपरीत बुद्धि।
सौ विरोध हों पर परिहास और उपह���स की मर्यादा तोड़ने का अधिकार कतई नहीं।
जो अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारने से नहीं चूक रहा वो कब राष्ट्र के मस्तक पर वार करवा दे, अब कोई संशय नहीं। विवेकहीन राजा मतलब प्रजा के साथ राष्ट्र का सर्वनाश।
राष्ट्र सावधान।
जो राह दिखाए अंधियारे में, जो धीर-वीर गंभीर बने,
सबकी खुशहाली का सोचे, सब जन का जो मीत बने।
'नरेंद्र' वही जो मनुज-श्रेष्ठ हो, नेतृत्व कला में प्रवीण रहे,
राष्ट्र-समर्पण ही जिसकी पूजा,कर्तव्य मार्ग पर लीन रहे।
शुभाशयाः श्रीमंत।। @narendramodi
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@ZeeBusiness 60:40 ratio के लिए करोड़ो लोग( रिटेलर) खुद को खपाए दे रहे हैं। थोड़ा और जोर लगा दें 50:50 krackjack का मजा आ जाए।
कोटि कोटि धन्यवाद सीतारामन जी ।
@awasthis भारत की मूलभूत समस्या सिस्टम में जड़ें जमाए अकर्मण्य भ्रष्ट मानसिकता के लोग हैं। ये एक जेनेटिक डिसऑर्डर में तबदील हो गया है। इस मनुज शरीर को प्राप्त करने का मूल उद्देश्य सिर्फ पैसा कमान�� है वो भी भ्रष्टाचार से चाहे पुरुष हों या महिलाएं। कुछ अपवाद है
#SurgicalStrikeAgainstCorrupt
बहुत बहुत धन्यवाद और आभार,विश्व के पटल पर भारत को शानदार नेतृत्व देने के लिये।
दिल्ली समिट की अभूतपूर्व परिणिति ने आपके व्यक्तित्व को कई पायदान ऊपर स्थापित कर दिया है।
राष्ट्र कृतज्ञ है कि आपने बिलकुल सही समय पर नेतृत्व की बागडोर संभाली।
बहुत बधाई एवम् शुभकामनाएं।
वाकई अद्भुत।
सभी सरकारी अधिकारियों से दो सवाल पूछिए। पहला ये कि उनके पूरी सेवाकाल के लिए पांच बड़े लक्ष्य क्या हैं। दूसरा अभी तक कितने लक्ष्य हासिल कर चुके हैं।
अधिकतर बगलें झांकने लगेंगे।
पूरे वर्ष क्या प्लानिंग और पॉलिसी बनाते हैं?
लक्ष्यविहीन अधिकारी किस काम के।
@ZeeBusiness तारीफ के लिए नहीं लिख रहा। बस अनुभव लिख रहा हूं। दो तीन दिन दूसरा चैनल देखा पर कुछ कमी सी महसूस होती रही। Artificial सा लगता रहा, फिर आज zee business देख रहा हूँ। Natural फ्लो है जिसकी आदत सी हो गई है।
हालांकि कुछ शिकायतें अपनी जगह हैं।😊
धर्म का संघर्ष बना रहा शताब्दियों तक फिर जाति राजनीति की धुरी बनी रही अब रंगों का खेल खेलने को आतुर हुए जा रहे हैं। क्योंकि रंग बहुत कुछ बोलते हैं।
बस होली के रंग अक्षम्य हैं।
है न अद्भुत।
Hotel और Hostel में क्या फर्क है? नहीं... बिलकुल गलत जवाब। दोनों में मौत हो सकती है। इसलिए same to same. अधिकारी रिटायर होने तक बस उसी की planing में बिजी रहते हैं...बेचारे।
By the way यहां एक हॉस्टल था।
@narendramodi@TNNavbharat@indiatvnews@ZeeNews@aajtak@News18India ऊर्जावान और दूरदर्शिता वाले अधिकारियों की जरूरत है जो pro active हों जो समस्याएं उत्पन्न न होने दें या फिर होने से पहले ही उसे रोक दें।
��रना अपने golden retierment plan में ही सारा सेवाकाल बिता देंगे।
भाई करोड़ों में कुछ को ही अवसर मिलता है सरकारी सेवक बनने का।
व्यर्थ न चला जाए
मामला क्य�� है,उसकी सत्यता क्या है, वो भारत के प्रत्येक व्यक्ति की अन्तरात्मा जानती है।
मेरा प्रश्न कुछ विशिष्ट है। वो ये कि प्रत्येक माता पिता अपनी संतान का नाम किस रूप में प्रसिद्ध और स्थापित होते हुए देखना चाहेंगे।
खैर प्रकृति श्रेष्ठ का चयन समय पर कर ही लेती है।
है न अद्भुत।
विपक्ष का दिवालियापन हर कदम पर चीख चीख कर कहता है कि वो सनातन के घोर विरोधी हैं। रिटायर होने के बाद भी विपक्ष नहीं चाहता कि सनातनी लोग अपने धर्म का पालन करें और अपनी सेवा धर्म को दे सकें।
बाकी रिलीज़न वाले अपनी सेवाकाल में कैसे कट्टर बने रहते तब मुंह नहीं खुलता।
राष्ट्र सावधान!