सोनम वांगचुक पर बहुत पोस्ट करने वालों, झारखंड के प्रोटेस्ट में भी 'देवेंद्र नाथ महतो' भूख हड़ताल पर है।
इनकी हालात लगातार बिगड़ रही है, इन पर भी स्टोरी या पोस्ट कर दीजिए।
आपका नाम मंजूनाथ षणमुगम था।
आप कोई नेता नहीं थे।
कोई बड़े अफसर नहीं थे।
आप Indian Oil Corporation में एक ईमानदार अधिकारी थे।
आपने IIM Lucknow से पढ़ाई की थी।
आप चाहें तो आरामदायक कॉर्पोरेट जिंदगी चुन सकते थे।
लेकिन आपने सरकारी तेल कंपनी में काम चुना जहां आपकी जिम्मेदारी थी कि जनता को मिलावटी पेट्रोल-डीजल न बेचा जाए।
2005 में आपकी पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी क्षेत्र में थी।
वहां एक पेट्रोल पंप पर मिलावट की शिकायतें थीं।
आपने जांच की।
गड़बड़ी पकड़ी।
और पेट्रोल पंप को सील कर दिया।
लेकिन मिलावट का धंधा बंद नहीं हुआ।
आप दोबारा जांच करने पहुंचे।
यहीं से ईमानदारी की कीमत शुरू हुई।
जिस माफिया का धंधा आपने रोका था, उसी ने आपकी जान ले ली।
आपकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
आप सिर्फ 27 साल के थे।
एक मां-बाप ने अपना बेटा खो दिया।
IIM ने अपना छात्र खो दिया।
देश ने एक ईमानदार अधिकारी खो दिया।
सवाल पेट्रोल पंप का नहीं था।
सवाल यह था कि इस देश में मिलावट रोकने वाला अधिकारी भी सुरक्षित नहीं है।
मंजूनाथ षणमुगम की कहानी बताती है ...
भारत में ईमानदारी सिर्फ तारीफ नहीं मांगती,
कई बार जान मांग लेती है।
CAPF Are Armed Forces Of The Union
Government Should Restore Old Pension Scheme (OPS) For CAPF
Daily Post For #OPSFORCAPF
DAY - 7/365
By - NEWS OF PARAMILITARY (CAPF)
CAPF Are Armed Forces Of The Union
Government Should Restore Old Pension Scheme (OPS) For CAPF
Daily Post For #OPSFORCAPF
DAY - 4/365
By - NEWS OF PARAMILITARY (CAPF)
CAPF Are Armed Forces Of The Union
Government Should Restore Old Pension Scheme (OPS) For CAPF
Daily Post For #OPSFORCAPF
DAY - 3/365
By - NEWS OF PARAMILITARY (CAPF)
CAPF जवानों की पुरानी पेंशन (OPS) की मांग के लिए ये लास्ट पोस्ट है हमारी तरफ से।
कुछ लोग इस भरोसे में बैठे हैं कि CAPF जवानों की OPS माननीय सुप्रीम कोर्ट से मिल जाएगी।
CAPF बिल 2026 द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को ही बदला जा रहा है।
CAPF बिल 2026 में जवानों के लिए पुरानी पेंशन (OPS ) देने का प्रावधान जोड़ा जाना चाहिए ये ARMED FORCES OF THE UNION हैं।
CAPF जवानों की सबसे बड़ी मांग है पुरानी पेंशन (OPS)
जिसकी कानूनी लड़ाई दिल्ली हाई कोर्ट से जीती जा चुकी है।
#CAPFBill2026
"सभी माननीय सांसदों से विनम्र अपील है कि संसद में 'केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल बिल, 2026' पर चर्चा के दौरान CAPF जवानों की पुरानी पेंशन (OPS) की आवाज पुरजोर तरीके से उठाएं।
जो जवान अपनी जवानी देश की रक्षा में लगा देता है, उसके बुढ़ापे की सुरक्षा करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
इस बिल में OPS का प्रावधान शामिल करवाने में मदद करें।
#पैरमिलिट्री_जवानों_को_पुरानी_पेंशन_दो
#RestoreOPSForCAPF
#JusticeForCAPF
मुझे कहने में कोई गुरेज नहीं है कि DG @crpfindia श्री @gpsinghips इस लंबे चले नक़्सलवाद को खत्म करने में दशकों तक याद किए जाएंगे जहां सैकड़ों जवानों ने शहादते दी। अगर #bharatratna के कोई हकदार हैं तो वो डीजी जीपी सिंह जी हैं। यह मेरे नहीं बल्कि २० लाख पैरा मिलिट्री परिवारों के मन की बात माननीय @AmitShah तक पहुंचे।
दुनियां इस देश को सुपरपावर बोलती है...
इस देश के पास 8133 मेट्रिक टन सोना है...
इस देश के पास B-2 बॉम्बर और F-22 हैं...
और ये अपने परमाणु हथियार फाकिस्तान में छुपाकर रखता है, क्योंकि भारत से इसकी गा-न फटती है...😩
और डो लांड ट्रंप इस देश का राष्ट्रपति है...😎
UGC Equity regulation 2026 पर पुनः विचार करे
यूजीसी में 3 प्वाइंट और जोड़ दे कोई आपत्ति नहीं होगी ......
1. अगर शिकायत फर्जी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्यवाही हो
2. जांच के लिए जो टीम गठित होगी उसमें कम से कम दो सामान्य वर्ग के भी सदस्य हो
3. सामान्य वर्ग के लोगों के साथ कोई जातिसूचक और शोषण हो तो उसके लिए भी सजा का प्रावधान हो फिर कोई आपत्ति नहीं होगी।
4. पीड़ित एवं दोषी दोनों का नारको मैपिंग टेस्ट होना चाहिए, तब मानेंगे सबका साथ सबका विकास वरना तो यह भी पक्षपात है।
न्याय का अर्थ होता है- समानता और निष्पक्षता।
कोई भी कानून समावेशी होने चाहिए, किसी के खिलाफ पक्षपातपूर्ण नहीं होने चाहिए।
#UGC_RollBack
फर्जी केस से लाखों परिवार बर्बाद हो चुके हैं
झूठी शिकायत झूठी जांच झूठी गवाही को जघन्य अपराध घोषित करिये
झूठ पकड़ने के लिए नार्को पॉलीग्राफ ब्रेनमैपिंग कानून बनाइये
100% संपत्ति जब्त करने, नागरिकता खत्म करने और 01 वर्ष में 10 साल की सजा देने के लिए कानून बनाइये @narendramodi
यूरोप में जिस PFAS केमिकल ने 3.5 लाख लोगों को बीमार किया, फैक्ट्री बंद हुई, लोग जेल गए — वही ज़हर अब भारत में बनेगा।
क्योंकि यहाँ PFAS को रेगुलेट करने का कोई कानून नहीं है।
क्या हमारी ज़िंदगी इतनी सस्ती है?
आज चुप रहे तो कल ज़हर हमारे पानी में होगा।