@TripathiTi4072 कही इसकी तो बात नही कर रही हो ये तो अभी 2025 अक्टूबर का है एक साल भी नही हुआ ये कबाड़ा ऐसा है की ठीक उड़ ही नही रहा बस एक जगह पर रुका हुआ है लेकिन फिर भी बच्चे ने प्रयास किया, लेकिन रवि का प्रोजेक्ट एक दम सक्सेसफुल है बाकी जलती रहो
@amitkilhor हे मंद बुद्धि प्राणी गलगोटिया के पास है पैसा जिसने बनाया क्या उसके पास 3cr है खरीदने के पैसे उसकी आर्थिक स्थिति भी पाता कर लेता तो बकवास करता यहाँ पर
@SonuSin30468338@amitkilhor@BhimArmyChief अरे बेवकूफ उसकी कीमत तो पाता कर ले नीचा दिखाने के लिये तूने ये चेंप दिया जबकी जिसने बनाया है वो इतना पैसे से खरीद भी नही पायेगा इस
मार्केट से कोई भी फ्लाइंग टैक्सी खरीदेगा तो उस 2 से 3 cr की पड़ेगी थोड़ी तो बुद्धि का इस्तेमाल कर ले बनाने वाला क्या सक्षम है इतना पैसा देने के लिये
@meu11862@ajeetbharti इसे ही तो दोगलापन कहा जाता है पहली बात तो स्कूल पर कार्यवाही होनी चाहिए थी इसमें कोई सेफ्टी नही थी बच्चे के साथ अनहोनी भी हो सकती थी
आरक्षण क्यों जरुरी है इस अजीत भारती की ट्वीट समझ सकते हो। एक दलित के द्वारा अपनी योग्यता और स्वयं का पैसा लगा कर फ्लाइंग कार बनाई गई लेकिन फिर भी यह व्यक्ति जबरदस्ती उसे अयोग्य बताने मे लगा हुआ है।ऐसे मे आप कितना भी योग्य हो आपको आयोग्य ही समझेंगे इसीलिए आरक्षण जरुरी है।
कौन मूर्ख यह हैंडल चला रहा है? 2016 से यह तकनीक विश्व के कई देशों में है। कई जगह लाइसेंस मिलने लगे हैं। भारत का एक लड़का इसे दस वर्ष बाद ‘प्रोटोटाइप’ के नाम पर दिखा रहा है और सरकार की पार्टी इसे ऐसे प्रमोट कर रही है जैसे रॉकेट छोड़ा हो।