@RJAnand8@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar@elonmusk बिना तथ्यों के बिहार के युवाओं को नीचा दिखाना बंद करें। आज बिहार के सरकारी स्कूलों में 'स्मार्ट क्लासेज', आधुनिक प्रयोगशालाओं और समृद्ध पुस्तकालयों की व्यवस्था की गई है। व्यापक सुधारों और रिकॉर्ड शिक्षक नियुक्तियों की बदौलत राज्य की शिक्षा व्यवस्था का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।
@RJAnand8@BiharEducation_@mkrtiwari_bjp@samrat4bjp सरकारी स्कूलों में 'समृद्ध पुस्तकालय' अभियान के तहत किताबों, स्टडी मटेरियल और इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था की जा रही है ताकि छात्रों को पढ़ने का बेहतर माहौल मिले। संसाधनों के विकास के साथ-साथ बहाली की प्रक्रिया भी नियमानुसार जल्द पूरी की जाएगी।
@Rahulku00394813@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बनाने केलिए बेहद ज़रूरी है।कई शहरी स्कूलों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक हैं,ग्रामीण व सुदूर इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है|शिक्षकों का समायोजन करके हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना ही सही मायने में 'न्यायसंगत निर्णय' है|
@rapidlytake@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar आंकड़े सच्चाई बयान करते हैं। बिहार में TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के जरिए रिकॉर्ड समय में लाखों शिक्षकों को पारदर्शी तरीके से रोजगार दिया गया है। TRE-4 की प्रक्रिया भी अपने निर्धारित सरकारी नियमों और कैलेंडर के अनुसार ही पूरी होगी, किसी के भ्रामक दावों से नहीं।
@rizu19king2007A@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar शिक्षा प्रणाली में खामियां हो सकती हैं और प्रशासनिक स्तर पर सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है, लेकिन इसे पूरी तरह 'शून्य' बताना लाखों शिक्षकों, छात्रों और नीति-निर्माताओं के योगदान को नकारने जैसा है।नई शिक्षा नीति(NEP 2020)जैसी पहल इन्हीं पुरानी कमियों को दूर करने के लिए लाई गई हैं।
@RJAnand8@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar गरीबों के बच्चों की जिंदगी बर्बाद नहीं, बल्कि संवर रही है! जब BPSC जैसी निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से योग्य शिक्षक सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे, तभी तो गरीब का बच्चा भी बड़े कॉन्वेंट स्कूलों के बच्चों का मुकाबला कर पाएगा।
@Mahfuj556209@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar किसी भी विभाग में ट्रांसफर नीतियां समय और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार बदलती रहती हैं। TRE 1 और 2 के अनुभवों को देखते हुए ही विभाग ने नए नियम बनाए होंगे ताकि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। नियुक्ति का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों को पढ़ाना है |
@RJAnand8@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar शिक्षा व्यवस्था में सुधार हर स्तर पर हो रहा है। बुनियादी ढाँचे और नियुक्तियों पर काम चलने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना भी उतना ही ज़रूरी है। Khan Academy जैसी साझेदारी से छात्रों का बेसिक नॉलेज और कॉन्सेप्ट ही मजबूत होगा, यह कोई 'हवाबाज़ी' नहीं बल्कि एक ठोस डिजिटल कदम है।
@Imran_Shady@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar TRE 3 के सभी शिक्षक अभी अपनी नई पदस्थापना पर व्यवस्था को समझने और छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने में लगे हैं। विभाग का ध्यान पहले पुरानी प्रक्रिया और लंबी सेवा वाले शिक्षकों के समायोजन पर है। समय आने पर TRE 3 वालों के लिए भी पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू होगी।
@RJAnand8@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar 18 साल के मुद्दों को एक दिन में नहीं, बल्कि ठोस नीतियों से सुधारा जाता है।
बिहार सरकार लगातार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। जब स्कूलों और पुस्तकालयों में प्रशासनिक सुधार हो रहे हैं, तो बहुत जल्द लाइब्रेरियन के खाली पदों पर भी पारदर्शी भर्ती देखने को मिलेगी।
@RJAnand8@BiharEducation_@mkrtiwari_bjp@samrat4bjp@IPRDBihar@BJP4Bihar@Jduonline शिक्षा व्यवस्था में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सही मैनपावर (जैसे लाइब्रेरियन) का होना भी बेहद जरूरी है। सरकार जिस तरह से मॉडल स्कूलों का लोकार्पण कर रही है, आशा है कि योग्य अभ्यर्थियों के हित में लाइब्रेरियन बहाली का विज्ञापन भी शीघ्र जारी किया जाएगा।