#RealGod_Is_Kabir
" सर्वशक्तिमान परमेश्वर कबीर "पूर्ण परमात्मा आयु बढ़ा सकता है और किसी भी रोग को नष्ट कर सकता है । - ऋग्वेद
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@ameesha_patel वेदोक्ता
यानि वेदों अनुसार भक्ति साधना अर्थात् सनातनी पूजा कब तक चली?
जानने के लिए अवश्य पढ़ें पवित्र पुस्तक
हिन्दू साहेबान !
नहीं समझे गीता, वेद, पुराण
@bomanirani श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 15 श्लोक 17 अनुसार सबका धारण पोषण करने वाला उत्तम परमात्मा कौन है?
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"हिन्दू साहेबान ! नहीं गीता समझ, वेद, पुराण"
@ameesha_patel मानव शरीर में स्थित कमल चक्रों को खोलने की वास्तविक जानकारी क्या है?
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"हिन्दू साहेबान ! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण"
#आध्यात्मिक_ज्ञान_चर्चा
Sant Rampal Ji Maharaj
प्रमाणः देवी महापुराण तृतीय स्कंद, अध्याय 4-5, पृष्ठ 138
श्री विष्णु जी स्वीकार कर रहे हैं कि मेरा (विष्णु का) श्री ब्रह्मा का, श्री शिव का आविर्भाव यानि जन्म, तिरोभाव यानि मरण होता है।
-संत रामपाल जी महाराज
#आध्यात्मिक_ज्ञान_चर्चा
Sant Rampal Ji Maharaj
गीता अध्याय 7 श्लोक 12-15 तथा 20-23 में कहा है कि इनकी (3 गुण की) पूजा करने वाले राक्षस स्वभाव को धारण किए हुए, मनुष्यों में नीच दूषित कर्म करने वाले मूर्ख हैं।
संत रामपाल जी महाराज
#आध्यात्मिक_ज्ञान_चर्चा
Sant Rampal Ji Maharaj
God od Kabir Ji told that in Satlok,
वहाँ सदैव परम शान्ति और सुख है।
जब तक हम सतलोक नहीं जायेंगे।
हम परम शांति और अमरत्व प्राप्त नहीं कर सकते। पूर्ण संत से नाम दीक्षा लेकर ही सतलोक जाना संभव है।
@Riteishd@MeDeshmukh राम राम सब जगत बरखाने,
आदि राम कोई विरला जाने।
दशरथ पुत्र राम को तो हर कोई जानता है लेकिन आदि राम जो सृष्टि का मालिक है उसे कोई नहीं जानता।
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"हिन्दू साहेबान! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण"
@TheShilpaShetty@HunarOnline पवित्र गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में वर्णित सनातन परम धाम कौन सा है, जहां परम शांति है? और वह कैसे प्राप्त होता है?
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"हिन्दू साहेबान ! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण"
@bomanirani गीता ज्ञान बताने वाले क्षर पुरुष (ब्रह्म) की भक्ति करनी चाहिए या नही?
जानने के लिए Pdf Download करें।
हिन्दू साहेबान ! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण
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"हिन्दू साहेबान ! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण"
@iamsrk@diljitdosanjh धर्म शास्त्रों में कौन-से भक्ति कर्म करने योग्य है तथा कौन-से कर्म न करने योग्य है?
संत रामपाल जी महाराज
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"हिन्दू साहेबान! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण"
@SoodFoundation@SonuSood@challengersgut गीता ज्ञान बताने वाले क्षर पुरुष (ब्रह्म) की भक्ति करनी चाहिए या नही ?
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"हिन्दू साहेबान! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण"
@ajaydevgn@Riteishd गीता सार
गीताजी अध्याय 4 श्लोक 5 में गीता ज्ञान देने वाला भगवान स्वयं को ● जन्म मरण के अंतर्गत बता रहा है, फिर जन्म मरण से परे अविनाशी व पूजनीय पूर्ण परमात्मा कौन है?
@narendramodi गीता अध्याय 7 श्लोक 12 से 15
में कहा है कि तीनों प्रभुओं (त्रिगुणमाया) के पुजारी राक्षस स्वभाव को धारण किए हुए, मनुष्यों में नीच, शास्त्र विरूद्ध साधना रूपी दुष्कर्म करने वाले, मूर्ख मुझे (ब्रह्म को) नहीं भजते ।
यही प्रमाण गीता अध्याय 16 श्लोक 4 से 20 व 23, 24 तक
@YogeshwariVerm2 गीता अध्याय 7, श्लोक 16
चतुर्विधा भजन्ते मां जनाः सुकृतिनोऽर्जुन। आर्तो जिज्ञासुर्थार्थी ज्ञानी च भरतर्षभ।।
गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि मेरी भक्ति चार प्रकार के लोग करते हैं अर्थार्थी, आर्थ, जिज्ञासु और ज्ञानी। गीता ज्ञान दाता अपनी भक्ति से होने वाली गति को भी अनुत्तम कह रहा है।