🎁 Christmas season is the time of giving, when Russia makes sure that all of its friends get something nice and are well and merry.
As for the naughty ones, they too will get what is coming for them.
इस देश के आदमी की मानसिकता ऐसी कर दी गयी है कि अगर उसका भला भी करो तो,
उसे शक होता है कि किसी और का भला किया गया है.!
~ हरिशंकर परसाई
#thoughts_takhatiya#परसाई_तख़्तियाँ
मुंशी प्रेमचंद जी ने एक गरीब परिवार से आने के बाद भी देश की आजादी के लिए गांधी जी के आह्वान पर अपनी नौकरी छोड़ दी थी। स्वाधीनता संग्राम में उन्होंने राष्ट्रभक्ति से ओत प्रोत ‘सोज़े वतन’ नाम का कहानी संग्रह लिखा।
उनकी जयंती पर मैं युवाओं से उनकी रचनाओं को पढ़ने का आग्रह करता हूँ।
ટીપે ટીપે સઘળું તન સળગે છે
વાદળોને જોઈ મન સળગે છે.
સ્પંદનો રોમ રોમમાં વસતા જાય
અને વરસાદ પળે પળ વળગે છે.
આકાશ પણ ઉમંગ ચડ્યું છે
હવામાં ક્યાંક વીજળી રણકે છે.
બહાર બની ખીલી ઊઠે જિંદગી
નિસ્બતમાં અંગ અંગ ધડકે છે.
'સાવન' આવે તો ભીંજાઈ જવું છે
તારી આંખોમાં કેમ કાલ ખખડે છે.
~સાવન
ख़ून से' तर बतर किया था,
तैमूर की तलवारों ने,
बाबरवंशी बर्बरता ने,
पर्शियनी पतवारों ने!
खोपड़ियों के मीनार लगाए ,
अब्दाली' करतूतों ने,
युवावंश की बलि चढ़ाई,
क्षात्र वीर सपूतों ने!
ख़ून से रंगा, दौर कुरंगा,
खिलजी की खिलाफत का,
सदियों से हम जुझ रहे हैं,
अंत न दीखा आफत का!