नरेंद्र मोदी के राज में ‘रेल का सफर’ सज़ा बन गया है!
आम आदमी की ट्रेनों से जनरल डिब्बे कम कर सिर्फ ‘एलीट ट्रेनों’ का प्रचार कर रही मोदी सरकार में हर वर्ग का यात्री प्रताड़ित हो रहा है।
लोग कन्फर्म टिकट लेकर भी अपनी सीट पर चैन से बैठ नहीं पा रहे, आम आदमी ज़मीन पर और टॉयलेट में छिप कर यात्रा करने को मजबूर है।
मोदी सरकार अपनी नीतियों से रेल को कमज़ोर कर ‘अयोग्य’ साबित करना चाहती है, ताकि उसे अपने मित्रों को बेचने का बहाना मिल सके।
आम आदमी की सवारी को बचाना है तो रेलवे को बर्बाद करने में जुटी मोदी सरकार को हटाना होगा।
मोदी सरकार को लद्दाख के लोगों की बात सुननी चाहिए.
* इंटरनेट बंद करना
* धारा 144 लगाना
* विरोध, प्रदर्शन, मार्च पर रोक लगाना
इससे समस्या का समाधान नहीं निकलेगा.