मुझे पता है आप इनका मज़ाक़ बनाओगे, दारूबाज़ कहोगे,,,
लेकिन सच्चाई यह है कि — इस ख़ुशी के पीछे कितना दर्द छुपा है, वो Bengal बाहर का व्यक्ति नहीं समझ सकता
ये उत्सव मनाने के लिए 15 वर्ष का कठिन और यातना
से भरा वनवास भोगा है - तब जा के ये दिन आया है
7-8 दिन पहले AAP छोड़कर BJP में गए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो FIR दर्ज की गई हैं।
उन्हें पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंची, लेकिन सांसद महोदय पुलिस को चकमा देते हुए पिछले दरवाजे से निकल लिए।
इसे ही एजेंसियों का सदुपयोग कहा जाता है-यही चीज आम आदमी पार्टी से अन्य पार्टियों को सीखनी चाहिए।
🚨Racism Stopper: This woman was making racist comments at children and then tried to bite the police officer. This was his response...
🇺🇸 Footage filmed at Linda Vista Skate Park in San Diego
Brock Lesnar retiring? 👀
After his WrestleMania match, he left his gear in the ring, hugged Paul Heyman as the crowd chanted “thank you.” Most Brock thing ever. Legend. 🫡🥹
.@narendramodi जी, और .@DrSJaishankar जी।
एक बात तो है।
भले ईरान की इस islamic regime में लाख बुराई है।
लेकिन कम से कम ये लोग नपुंसक नहीं है।
क्योकि इनकी वॉर अपने किसी छोटे पड़ोसी देश से होने के बजाए सीधे अमेरिका से हो रही थी।
फिर भी ना सिर्फ time to time अमेरिका को जवाब दिया।
बल्कि युद्ध विराम के मुद्दे पे भी तुरंत ही response दे दिया।
वरना दुनिया के कुछ देशों में ऐसे भी नपुंसक leader बैठे हैं। जिनके मुंह में अमेरिका को देख के दही जम जाता हैं।
खेर अब क्या कर सकते है। नपुंसकता जैसी बीमारी का इलाज भी मुश्किल है।
वैसे ये सब छोड़ते हे। आपन तो अपनी बात करते हैं।
वो ऑपरेशन सिंदूर अभी भी चालू है? या अब उसको बंद ही समझे?🤔
ईरान है कि डरता नहीं..🥲😂
अमेरिकी की इतनी बड़ी चेतावनी के बाद भी ईरान है कि मजाक के मूड है
अब देखो ये वीडियो जो कि एआई से बना हुआ है,
जिसमें डोनाल्ड ट्रम्प की कैसे डरे हुए सो के जगे हैं,
ये वीडियो ताजिकिस्तान के ईरानी दूतावास ने
शेयर कर डोनाल्ड ट्रम्प को घेरा है ,
ऐसे मजाक कौन करता...!!
मुझे संघर्ष करते लोग बहुत पसंद है
डॉक्टर महरंग बलोच
जब पैदा हुई थोड़ी बड़ी हुई तब अपनी मां से पूछा की मां सब बच्चों के अब्बू है हमारे अब्बू कहां है ?
तब मां ने कहा बेटी हमें नहीं पता तुम्हारे अब्बू कहां है
थोड़ी और बड़ी हुई तब पता चला कि उसकी मां भी हाफ विडो यानी आधा विधवा है
और बलूचिस्तान में ऐसी 6000 महिलाएं हैं जो हाफ वीडो है
यानी उन्हें नहीं पता कि उनके पति जिंदा है कि पाक सेना द्वारा मारे गए हैं
पाकिस्तान की सेना बलूचों जो के घर आती है परिवार के पुरुषों को लेकर चली जाती है फिर कभी उनका पता नहीं चलता कि वह कहां गए उनकी लाश तक नही मिलती
खुद बलूचिस्तान सरकार ने जब मिसिंग पर्सन की लिस्ट बनाई तब 6000 से ज्यादा लोगों का नाम मिसिंग पर्सन की लिस्ट में है
महरंग बलोच थोड़ी और बड़ी हुई तब दोनों भाई भी गायब हो गए यानी दोनों भाभी भी हाफ विडो हो गई
महरंग बलोच MBBS फिर MD की
फिर उनके कबीले पर भीषण हमला हुआ
फिर डॉक्टर महरंग बलोच बलूचिस्तान के मिसिंग पर्सन के लिए पूरे पाकिस्तान में एक आंदोलन छेड़ दी
उन्होंने शादी तक नही की उन्होंने कहा कि मैं अपनी मां और भाभियों की तरह हाफ वीडो नहीं बनना चाहती या तो पाकिस्तान की सेना मुझे मार दे वह मुझे कबूल है
इनके एक आवाज पर बलूचिस्तान के लाखों लोग इकट्ठे हो जाते हैं
बलूचिस्तान से इस्लामाबाद का उनका मार्च बेहद कामयाब मार्च रहा जिससे पूरी पाकिस्तान सरकार सेना हिल गई
पाकिस्तान की सेना और सरकार में इनका इतना खौफ है की टाइम मैगजीन ने पर्सन ऑफ द ईयर चुने पर सम्मानित करने के लिए जब न्यूयॉर्क बुलाया तब कराची एयरपोर्ट से इनको विमान में बैठने नहीं दिया गया
स्वीडन और नार्वे में एक सेमिनार महीने जब बुलाया गया तब भी इनको एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया
आज डॉक्टर मेहरंग बलोच पूरी दुनिया में एक संघर्ष की जीती जागती विशाल है
#freebalochistan
#balochistan_is_not_pakistan
खाड़ी का सबसे बड़ा अमेरिकी 5,000 किमी रेंज वाला Early Warning Radar — करीब $1.1 बिलियन का सिस्टम — जो पूरे मिडल ईस्ट पर निगरानी करता था, अब तबाह कर दिया गया।
यह रडार अमेरिका का था, कतार में स्थित था, और इसे ईरान के IRGCnने अपने जवाबी हमलों में निशाना बनाया है। #USIranWar#Iran
North Korean leader Kim Jong un Said if iran want's We can provide them with missile S against Israel
उत्तरी कोरिया के शासक किम जोंग उन ने कहा है कि यदि ईरान को इजरायल के विरुद्ध मिसाइलों चाहिए तो वो मिसाइलें देने को तैयार है
ये वही रूसी पनडुब्बियां हैं,जिन्होंने 1971की जंग में अमेरिका के विरुद्ध ढाल बनकर भारतीय नोसेना की रक्षा की थी😯
50 साल पहले इसी हफ्ते 1971 में अमेरिका ने भारत को 1971 के युद्ध को रोकने की धमकी दी थी। चिंतित भारत ने सोवियत संघ को एक एसओएस भेजा। एक ऐसी कहानी जिसे भारतीय इतिहास की किताबों से लगभग मिटा दिया गया है।
जब 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की हार आसान लग रही थी, तो किसिंजर ने निक्सन को बंगाल की खाड़ी में परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत यूएसएस एंटरप्राइज के नेतृत्व में यूएस 7वीं फ्लीट टास्क फोर्स भेजने के लिए प्रेरित किया।
यूएसएस एंटरप्राइज, 75,000 टन, 1970 के दशक में 70 से अधिक लड़ाकू विमानों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत था। समुद्र की सतह पर एक चलता-फिरता राक्षस । भारतीय नौसेना के बेड़े का नेतृत्व 20,000 टन के विमानवाहक पोत विक्रांत ने किया, जिसमें 20 हल्के लड़ाकू विमान थे।
अधिकारिक तौर पर यूएसएस एंटरप्राइज को खाड़ी बंगाल में भेजे जाने का कारण बांग्लादेश में अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा करने के लिए भेजा जाना बताया गया था, जबकि अनौपचारिक रूप से यह भारतीय सेना को धमकाना और पूर्वी पाकिस्तान की मुक्ति को रोकना था। भारत को जल्द ही एक और बुरी खबर मिली।
सोवियत खुफिया ने भारत को सूचना दी कि कमांडो वाहक एचएमएस एल्बियन के साथ विमान वाहक एचएमएस ईगल के नेतृत्व में एक शक्तिशाली ब्रिटिश नौसैनिक बेड़ा, कई विध्वंसक और अन्य जहाजों के साथ पश्चिम से भारत के जल क्षेत्र में अरब सागर की ओर आ रहे थे।
ब्रिटिश और अमेरिकियों ने भारत को डराने के लिए एक समन्वित नेवी हमले की योजना बनाई: अरब सागर में ब्रिटिश जहाज भारत के पश्चिमी तट को निशाना बनाएंगे, जबकि अमेरिकी चटगांव में हमला करेंगे। भारतीय नौसेना ब्रिटिश और अमेरिकी जहाजों के बीच फंस गई थी ।
वह दिसंबर 1971 था, और दुनिया के दो प्रमुख लोकतंत्र अब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए खतरा बन रहे थे। दिल्ली से एक एसओएस को मास्को भेजा गया था। रेड नेवी ने जल्द ही यूएसएस एंटरप्राइज को ब्लॉक करने के लिए व्लादिवोस्तोक से 16 सोवियत नौसैनिक इकाइयों और छह परमाणु पनडुब्बियों को भेजा।
भारतीय नौसेना के पूर्वी कमान के प्रमुख एडमिरल एन कृष्णन ने अपनी पुस्तक 'नो वे बट सरेंडर' में लिखा है कि उन्हें डर था कि अमेरिकी चटगांव पहुंच जाएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि कैसे उन्होंने इसे धीमा करने के लिए करो या मरो की चाल में उद्यम पर हमला करने के बारे में सोचा।
2 दिसंबर 1971 को, जल दैत्य यूएसएस एंटरप्राइज के नेतृत्व में यूएस 7वीं फ्लीट की टास्क फोर्स बंगाल की खाड़ी में पहुंची। ब्रिटिश बेड़ा अरब सागर में आ रहा था। दुनिया ने अपनी सांस रोक रखी थी।
लेकिन, अमेरिकियों के लिए अज्ञात, जलमग्न सोवियत पनडुब्बियों ने उन्हें पीछे छोड़ दिया था।
जैसे ही यूएसएस एंटरप्राइज पूर्वी पाकिस्तान की ओर बढ़ा, सोवियत पनडुब्बियां बिना किसी चेतावनी के सामने आईं। सोवियत सबमरीन अब भारत और अमेरिकी नौसैनिक बल के बीच खड़े थे।
#अमेरिकी_हैरान_रह_गए
7वें अमेरिकी फ्लीट कमांडर ने एडमिरल गॉर्डन से कहा: "सर, हमें बहुत देर हो चुकी है। सोवियत यहां हैं!"
अमेरिकी और ब्रिटिश दोनों बेड़े पीछे हट गए। आज, अधिकांश भारतीय बंगाल की खाड़ी में दो महाशक्तियों के बीच इस विशाल नौसैनिक शतरंज की लड़ाई को भूल गए हैं।
विनोद कुमार झा - पूर्व नौसेना अधिकारी
मोसाद की जो कहानी छन कर बाहर आरही है...
मोसाद ने ईरान के टॉप मिलेट्री मेडिकल हॉस्पिटल तक पहुँच बनाई...
और वहाँ अपने एजेंट डेंटिस्ट और गेस्ट्रो के तौर पर पहुँचाने में कामयाब रहा...
इन्हीं अंडरकवर के जरिये खामेनेई सहित 400 टॉप ऑफिसियल के शरीर में (दांतो आदि में फिलिंग करते हुए या ऐसे ही तरीको से) नैनो ट्रैकिंग डिवाइस इम्प्लांट किये गए
और जब इजराइल ने मिसाइल दागे... इनमें से हरेक के एडजेक्ट लोकेशन उसके पास थे
और एक साथ.... एक झटके में इनमें से ज्यादातर साफ कर दिये गए
जो अब भी बिलों में हैं.... बचने वो भी नहीं