अब तो इस्तीफ़ा दे दो!
NEET की परीक्षा में फिर से धोखाधड़ी बताती है कि भाजपाई गैंग इस बार किसी और के लिए पेपर सॉल्व करने का मुखौटा लगाकर आई, क्योंकि नीचे-से-ऊपर तक सब मिले थे, इसीलिए बायोमेट्रिक की जाँच में भी घपला किया गया। ये तो एक जगह है जहाँ बात खुल गई, बाक़ी न जाने और कितनी सेंटरों पर ये हुआ होगा।
युवाओं के साथ हो रहा ये धोखा तभी बंद होगा जब भाजपा के ख़िलाफ़ इस देश का हर छात्र, उनके माता-पिता, उनका संपूर्ण परिवार एकजुट हो जाएगा।
भाजपा अपराध और नाउम्मीदगी का दूसरा नाम बन गई है।
वोट की लूट से बनी सरकार, पेपर धांधली से लेकर चढ़ावा-चंदा-दान चोरी तक पहुँच गई है। भाजपा और उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों ने सरेआम-बेईमानी के अपने ही बनाए रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं।
#NEET
#NEET_REEXAM
@upprpb Sir, I request you to release the score card along with the result, it will be good for the students to know how much marks they have got and how much marks have been determined by the cut off. Please.
बिहार के प्रतिष्ठित शिक्षक, ज्ञान बिंदु संस्था के संचालक रोशन आनंद जी को राजनीति का शिकार बनाते हुए जेल भेजना और उसके बाद उनके भाई की हत्या हो जाना बिहार सरकार की लापरवाही को दर्शाती है और कहीं ना कहीं वहाँ के मुख्यमंत्री महोदय द्वारा विशेष जाति (यादव) को निशाना बनाना साफ़ नज़र आ रहा हैं लेकिन ध्यान रहे सरकारे आती-जाती रहेंगी, कुर्सी सदा किसी की नहीं रही, इस दुख की घड़ी में हम रोशन आनंद जी के साथ हैं और जब भी उनकी तरफ़ से हमे पुकारा जाएगा, हम बिहार में न्याय की आवाज़ को बुलंद करने के लिए शक्ति प्रदर्शन करने का आमादा बिना किसी राजनीतिक दल का सहारा लिए रखते हैं।
जुल्म की हर एक हद अब पार होने लगी है,
कुर्सी की खातिर सियासत शर्मसार होने लगी है।
कब तक खेलोगे तुम मासूमों के लहू से,
अब तो सड़कों पर भी इंकलाब की गूंज होने लगी है।
@BJP4Bihar@officecmbihar@bihar_police
भाजपा बाहर के राज्य के अपराधियों को उप्र में बुलाकर जो वातावरण बिगाड़ रही है वो घोर निंदनीय है। सपा के सांसद श्री राजीव राय के प्रयासों से जन हित में ‘मऊ-आनंद विहार ट्रेन’ चली है लेकिन उसके उद्घाटन के अवसर पर जानबूझकर माहौल तनावपूर्ण बनाया गया। हंगामा करनेवालों के चेहरों की एआई पहचान-पड़ताल करवाकर तुरंत उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज़ हो। ये सब हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं, जो प्रदेश में ‘आमंत्रित अपराधी’ की तरह बेख़ौफ़ घूम रहे हैं।
ये विपक्ष से अधिक उप्र के मुख्यमंत्री जी के लिए चुनौती है कि यूपी ‘इंटर-स्टेट’ माफ़ियाओं के लिए सराय-आरामगाह बन गया है। अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मान लिया जाएगा ये सब भाजपा सरकार के इशारे पर हुआ है और ‘भाजपाई ही माफ़ियाई हैं’।
तुरतं कार्रवाई हो!
अयोध्या महापापियों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगी। यहीं भाजपाई राजनीति का आरंभ हुआ था, यहीं अंत भी होगा।
अयोध्या में ‘चढ़ावे-चंदे-दान-शिला चोरी’ की घटना के बाद से यहाँ आनेवाले दर्शनार्थियों की संख्या पर नकारात्मक असर पड़ा है। लोगों की आस्थाएँ खंडित हुई हैं। इसका सीधा असर अयोध्या के स्थानीय काम-कारोबार और आम आदमी की आमदनी पर पड़ा है। सरकार की गलती का ख़ामियाज़ा जनता क्यों भुगते।
अयोध्या और आस-पास के सभी क्षेत्रों में भयंकर आक्रोश पनप रहा है। इस पावन सनातनी तीर्थ की शुचिता जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की वजह से कलुषित हुई है, वो अपना कारनामा करके सदैव की तरह भूमिगत हो गये हैं। अस्पष्टता के कारण वातावरण और भी शंकापूर्ण व तनावपूर्ण हो गया है। स्थानीय लोग मंदिर जाने से भी घबरा रहे हैं कि कहीं उनको ही जाँच के नाम पर फँसा न दिया जाए। श्रद्धालुओं में एक अज्ञात भय व्याप्त हो गया है। जाँच कहाँ तक पहुँची इसकी डेली ब्रीफिंग होनी चाहिए क्योंकि भाजपा सरकार में हो रहे ‘चतुर्दिक महा-भ्रष्टाचार’ के कारण जनता का SIT तक पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं है।
मथुरा से भी आई धांधली की ख़बर बेहद गंभीर है, उसकी भी उच्च स्तरीय विश्वसनीय जाँच हो।
UPSSSC की वेबसाइट Down है, लाखों युवा परेशान हैं।
ये वेबसाइट 12 जून से दिक्कत दे रही है और युवा Lower PCS का फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं, जिसकी Last Date 18 जून है।
युवाओं की मांग है कि फॉर्म भरने की Last Date आगे बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी युवा का मौका सिर्फ सरकार की नाकामी की वजह से न छूटे।
BJP सरकार में छात्रों और युवाओं को सिर्फ धोखा ही मिल रहा है। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी फॉर्म भरने में ही मशक्कत करनी पड़ती है।
पंचायती-समाचार :
टिकटार्थियों के बाद अधिकारी और ठेकेदार मिलके कर रहे ‘ढुंढाई पंचायत’
समाचार-विस्तार : कल तक तो ‘अफ़वाही’ मंत्री जी को केवल वो भावी प्रत्याशी ही ढूँढ रहे थे जिनसे इन्होंने टिकट के नाम पर एडवांस वसूल लिया था, लेकिन अब जो जान गये हैं कि ‘30 सीट’ की बात अफ़वाह है। न तो इन्हें एक भी सीट मिल रही है और ले-देकर मिल भी गई तो भी ये जीतनेवाले नहीं हैं।
इनकी सच्चाई बाहर आते ही अब तो सुना है, वो एई, जेई और एएमए अधिकारी और विभागीय ठेकेदार भी इनको ढूँढने के लिए मिल-बैठकर ‘पंचायत’ कर रहे हैं, जिनसे ट्रांसफ़र-पोस्टिंग व कॉन्ट्रैक्ट दिलवाने के नाम पर इन्होंने एडवांस वसूल लिया है।
जिस काली-कमाई के पैसे के बल पर इनके ‘बड़े बोल’ निकल रहे हैं, अब वो पैसा ही इनके ख़िलाफ़ ‘पंचायत’ बैठा रहा है।
भविष्यवाणी करनेवाले अपनी पार्टी की भविष्यवाणी करें कि उन्हें भाजपा 75 सीट दे रही है 50 या फिर सिर्फ़ आश्वासन।
इन्होंने भाजपा के गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफ़वाह फैलाकर जो पैसा एडवांस लिया है, वो लोग इन्हें ढूँढ रहे हैं।
भ्रष्टाचार वहीं पनपता है जहाँ श्रद्धा प्रश्न पूछना छोड़ देती है।
आस्था के नाम पर किया गया यह पाखंड बहुत ही निंदनीय है।
56 इंच की छाती वालों को एक-एक पाई का हिसाब और सवालों का जवाब देना पड़ेगा।
#rammandir#ayodhya
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
अयोध्या के राम मंदिर जाने वाले श्रध्दालुओं को अब दान नहीं देना चाहिए. उनका चढ़ावा तो कहीं और चला जाता है. यूपी सरकार की SIT जांच कैसे करे ! ट्रस्ट के सचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ही सवालों के घेरे में हैं और वे अपने पदों पर बने हैं
सर्वविदित है कि विगत दिनों पहले बिहार की राजधानी स्थित दो कोचिंग संस्थानों के आपसी विवाद उपरांत कथित रूप से मारपीट तोडफोड एवं गोलीबारी की घटना घटित हुई जिसमें दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए तथा कोचिंग संचालक रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदेहास्पद स्थिति में नेपाल में मृत्यु होने की खबर फैलने के बाद यह मामला और गंभीर हो चुका है।
इस मामले में सरकार और राज्य पुलिस की कार्यशैली और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लग रहे है।
मुख्यमंत्री से पत्र लिख अनुरोध किया है कि जनभावना को देखते हुए इस मामले को C.B.I के सुपुर्द कर दिया जाए जिससे कि इसकी निष्पक्ष, प्रभावी एवं गहराई से जांच हो सके तथा जांचोपरांत दोषी आरोपियों पर समुचित विधिसंगत कार्रवाई सुनिश्चित हो। #TejashwiYadav #RJD
‘इस षड्यंत्र का मूल दूर नहीं है’ इसलिए सच में कार्रवाई करने के लिए कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
यदि दोषी के बारे में पता करने में पुलिस अक्षम तो हम सहायता कर दें।
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
लखनऊ के इको गार्डन में उमड़ा युवाओं का ये भारी हुजूम कोई बेवजह नहीं है। जब इतनी बड़ी संख्या में छात्र अपना घर छोड़कर सड़क पर बैठे हों, तो इसका सीधा मतलब है कि उनके दर्द में सच्चाई है और सिस्टम में कहीं बहुत बड़ी धांधली हुई है।
UP SIऔर लेखपाल भर्ती को लेकर इन बच्चों की बस एक ही साफ मांग है- हमारा 'SCORE CARD' जारी करो! ये बच्चे अपने हाथों में पोस्टर लेकर न्याय और अपने अधिकार की गुहार लगा रहे हैं।
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आप हमेशा युवाओं की बात सुनते हैं और उनके हित में फैसले लेते हैं। आज इन बच्चों को आपकी सख्त जरूरत है। कृपया इनकी पीड़ा का तुरंत संज्ञान लें और इन्हें ये विश्वास दिलाएं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को अब और देरी नहीं करनी चाहिए! 🙏
#UPSIScam #LekhpalBharti #EcoGardenLucknow #JusticeForStudents #YogiAdityanath
ये युवा अपने हक़ और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। लखनऊ के ईको गार्डन में जुटी इस भीड़ में लेखपाल भर्ती, UPSI, SSC समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी शामिल हैं।
पेपर लीक, धांधली, भर्ती में देरी और परीक्षा व्यवस्था की अव्यवस्थाओं ने लाखों युवाओं के सपनों को चोट पहुँचाई है। सरकार अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में विफल रही है और इसका खामियाज़ा युवा भुगत रहे हैं। आज सड़कों पर उतरे ये युवा इसी सवाल का जवाब मांग रहे हैं।