हम किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, केवल न्यायपूर्ण वेतनमान की मांग है। बिहार सरकार शिक्षकों की मांग पर सकारात्मक निर्णय ले।
@BiharEducation @EduMinisterBihar
#BiharTeachersNeed7thPay
माननीय मुख्यमंत्री @samrat4bjp जी एवं शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp जी बिहार के लाखों शिक्षकों को देना है 5 सितंबर को सम्मान, तो दे दीजिए सातवां वेतनमान!
7th CPC का वास्तविक पे-मैट्रिक्स और पूर्ण वेतनमान अविलंब लागू हो
#BiharTeachersNeed7thPay@aajtak@ZeeNews
आज की राजनीति के लिए यह वीडियो बहुत महत्वपूर्ण है, जो लोग जाति और धर्म के नाम पर वोट करते हैं उनके लिए।
शायद ऐसे नेता और जनप्रतिनिधि बहुत कम ही होंगे, यह व्यक्ति निमग पार्षद है, इसकी एक एक बात लाख टके की है, कोई भी नेता हो वह जब विकास करता है तब जाति नहीं देखता है, लेकिन जनता जब वोट करती है तो धर्म और जाति का नेता जरूर देखती है, इसीलिए हम ऐसे लोगों को चुनते हैं जो न हमारा विकास करते हैं न जाति का न धर्म का? वह सिर्फ अपना ही विकास करते हैं।
माननीय शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp जी सभी शिक्षकों की मांग है स्कूल का टाइमिंग बदला जाए । विद्यालय का समय 8 बजे से 2 बजे तक किया जाए जिससे बच्चों को भी शाम में खेलने का पर्याप्त समय मिलेगा और शैक्षणिक गतिविधि पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा । @samrat4bjp
श्रेयस अय्यर "मुझे नहीं पता, मैंने वैभव सूर्यवंशी के बारे में कुछ नहीं सुना है और मैं सोशल मीडिया भी फॉलो नहीं करता।"
ज़बरदस्त जलन दिख रही है; ज़रा सोचिए कि कैमरे के पीछे वैभव के साथ उनका व्यवहार कितना बुरा होगा। 💔
Meet 5”1 inch Gay Vijeta Dahiya
>He is a content researcher for Dhruv Rathee.
>90% of his research is propaganda.
>He is a die-hard supporter of the Bhim Army.
>Friend of Umar Khalid and Sharjeel Imam
>He always promotes anti-India voices.
>Recently, he targeted Hinduism.
>He said that Lord Ram ate meat.
>Now he is spokesperson of CJP.
ये कोई फिल्म का सीन नहीं है बल्कि सत्य है।
"सच्चा प्यार वो होता है जो मुसीबत के वक्त भी साथ दे",ये कहावत आज प्रमाण हो गया।
घर में शादी की जश्न चल रहा था,सब खुशी में थे ,नाच गान सब हो रहा था ।
लेकिन जब हल्दी की रस्म हो रहा था तब एक
इंसीडेंट हुआ ।
घर में गैस सिलेंडर लीक होने से आंग लग गई
उसमें दुल्हन सहित परिवार लोग झुलश गए ।
उनको कानपुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया,लेकिन दुल्हा ने इनका साथ नहीं छोड़ा ।
और हॉस्पिटल जाकर वहां से परमिशन लेकर दुल्हन से शादी की ।
हेल्थ इंश्योरेंस का 'Exclusion' स्कैम: जब कंपनियां खुद को डॉक्टर से बड़ा समझने लगें!
आज भारत में हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर एक सुनियोजित खेल चल रहा है। कंपनियां 'सस्ते प्रीमियम' और 'कैशलेस' के बड़े-बड़े विज्ञापनों से ग्राहकों को लुभाती हैं, लेकिन जब अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा मरीज क्लेम मांगता है, तो उसे थमा दिया जाता है 'रिजेक्शन लेटर'। बहाना होता है 'Exclusions' (बाहरी शर्तें) और तर्क दिया जाता है कि "यह इलाज तो घर पर या OPD में हो सकता था, भर्ती होने की क्या जरूरत थी?"
डॉक्टर के विवेक पर कंपनी का 'कब्जा'
सबसे बड़ा विवाद तब पैदा होता है जब एक विशेषज्ञ (Specialist) डॉक्टर मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती करता है। लेकिन, बीमा कंपनी के दफ्तर में बैठा एक क्लर्क या मैनेजर, जिसने मरीज को देखा तक नहीं, वह अपनी पॉलिसी के 'Exclusions' (वर्जित शर्तों) का हवाला देकर उसे 'Non-Medical Necessity' कहकर खारिज कर देता है।
यह न केवल मरीज के साथ धोखा है, बल्कि संपूर्ण चिकित्सा पद्धति का अपमान है। क्या अब बीमा कंपनियां तय करेंगी कि डॉक्टर को मरीज का इलाज कैसे करना चाहिए?
हाई कोर्ट के आदेशों की सरेआम धज्जियां
विभिन्न माननीय हाई कोर्ट्स (जैसे सुलभा प्रकाश बनाम न्यू इंडिया एश्योरेंस) ने अपने ऐतिहासिक फैसलों में बार-बार कहा है कि: "बीमा कंपनी के पास कोई मेडिकल विशेषज्ञता नहीं है कि वह डॉक्टर के विवेक को चुनौती दे सके। यदि डॉक्टर ने भर्ती करने का फैसला लिया है, तो वही अंतिम सत्य है।"
दुर्भाग्य की बात यह है कि बीमा कंपनियां इन अदालती आदेशों को रद्दी की टोकरी में डाल देती हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि हर ग्राहक कोर्ट जाने की हिम्मत या साधन नहीं रखता।
IRDAI: 'चोरी के बाद आने वाली पुलिस'
बीमा नियामक (IRDAI) की भूमिका आज उस पुलिस जैसी हो गई है जो चोरी होने के बाद रिपोर्ट लिखने आती है, लेकिन चोरी रोकने के लिए गश्त नहीं लगाती। IRDAI के पास शिकायत (Bima Bharosa) करने पर समाधान तो मिलता है, लेकिन वह कंपनियों पर ऐसा भारी जुर्माना नहीं लगा पा रही जिससे उनकी यह मनमानी हमेशा के लिए बंद हो जाए।
बड़े नाम, खोखले दावे:
बाजार में Star Health और Care Health जैसी कंपनियों का बड़ा नाम है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि क्लेम रिजेक्शन की सबसे ज्यादा गूंज इन्हीं के खिलाफ सुनाई देती है। कंपनियां 'कॉन्ट्रैक्ट' की भाषा को इतना उलझा देती हैं कि आम आदमी को समझ ही न आए कि उसने बीमा लिया है या खुद के लिए नई मुसीबत खरीदी है।
#Note: ऊपर में 2 कंपनी का नाम इसलिए लिखा है क्योंकि इरडा के लिस्ट में ये उपर हैं, इसका कतई ये मतलब नहीं है कि बाकी कंपनिया दूध की धुली है। सभी इस नियम के आड़ में मनमानी कर रही हैं, बस तुलना इतनी है की “मेरा दाग तेरे दाग से हल्के हैं”😊
मेरी मांगें और सुझाव (IRDAI के लिए):
Section/Exclusion की मनमानी खत्म हो:
पॉलिसी में छिपे हुए उन क्लॉज को हटाया जाए जो कंपनी को डॉक्टर के निर्णय को ओवररूल (Overrule) करने की ताकत देते हैं।
'Preventive' रेगुलेशन:
चोरी होने का इंतज़ार न करें। अगर कोई कंपनी बार-बार 'OPD Basis' कहकर क्लेम रिजेक्ट कर रही है, तो उसके लाइसेंस पर कार्रवाई हो।
क्लेम अप्रूवल की समय सीमा:
भर्ती के 1 घंटे के भीतर कंपनी को स्पष्ट करना होगा कि क्लेम मिलेगा या नहीं। डिस्चार्ज के वक्त नया बहाना बनाना 'क्रिमिनल ऑफेंस' माना जाए।
सफलता की 100% गारंटी: क्लेम न मिले तो ये 'ब्रह्मास्त्र' चलाएं
अगर आपका क्लेम 'Exclusion' या 'OPD' के नाम पर रिजेक्ट हुआ है, तो यह आपकी जीत का पक्का रास्ता है:
Rebuttal Letter (विरोध पत्र):
सबसे पहले कंपनी को एक सख्त ईमेल लिखें। उसमें डॉक्टर का 'Justification' लगाएं कि अस्पताल की मशीनरी और स्टाफ के बिना इलाज संभव नहीं था।
Legal Precedents:
अपने पत्र में हाई कोर्ट के फैसलों का जिक्र करें। कंपनियों को पता चलना चाहिए कि ग्राहक अपने अधिकारों के प्रति सजग है।
बीमा लोकपाल (Ombudsman) -
सबसे बड़ा हथियार: लोकपाल कंपनियों की इन 'बनावटी' शर्तों को नहीं मानता। यहाँ 90% से ज्यादा फैसले ग्राहकों के पक्ष में होते हैं क्योंकि लोकपाल भी 'मेडिकल जरूरत' को 'कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों' से ऊपर रखता है।
सोशल मीडिया का दबाव:
Threads, X (Twitter) पर कंपनियों और IRDAI को टैग करें। जब बात पब्लिक होती है, तो कंपनियां तुरंत सेटलमेंट के लिए फोन करती हैं।
बीमा कंपनियों ने इसे व्यापार बना लिया है, जबकि यह एक सेवा है। जब तक आप चुप रहेंगे, आपकी मेहनत की कमाई लूटी जाएगी।
जागरूक बनिए, सवाल पूछिए और अपने हक के लिए लड़िए क्योंकि आपकी चुप्पी ही इन कंपनियों की ताकत है।
धन्यवाद
Bablu Kummar Singh, CFP®
भारत की 5 प्रमुख हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियाँ है , आप लोग बताए कि इसमें से सबसे घाटियां कौन सी है , जो ग्राहकों को परेशान करती है ?
1. Star Health and Allied Insurance
2. Niva Bupa Health Insurance
3. HDFC ERGO General Insurance
4. ICICI Lombard General Insurance
5. Care Health Insurance