मां-बाप के चेहरों की बढ़ती झुर्रियां एहसास दिला रही हैं कि मैं अबतक उनका अच्छा बेटा नहीं बन पाया। अब किसी से बातें करना या किसी का इंतजार करना बेहद छोटा महसूस कराता है। एक योद्धा को केवल अपने लड़ाई से मतलब होना चाहिए। किसी भी प्रकार का भटकाव उसके सर्वोपरि लक्ष्य का दुश्मन है..!!!