चाहता हूँ मैं तुम्हारे दो नयन में बिम्ब अपने।
और उन बिम्बों के भीतर भी कई प्रतिबिम्ब अपने।
मैं अधर से ही तुम्हारे भाल पर कुछ गीत लिख दूँ।
और उन गीतों में तुमको सौ जनम का मीत लिख दूँ।
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@Anshuy8 @nehaa_001
बेरोजगारी एक भयानक अभिशाप है। इसकी पीड़ा वही समझ सकता है, जो इस दौर से गुजरा हो। लखनऊ में एक प्राइवेट कंपनी ने ऑफिस सहायक पद के लिए, 5 वैकेंसी निकली। हजार से भी ज्यादा युवा उमड़ आये। ये तस्वीर बताती है की एक अदद जॉब का संघर्ष, महाभीषण है। इन्हे आत्मसम्मान के साथ काम चाहिए।