बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महज 5 घंटे की पैरोल मिली।सवाल सिर्फ चिन्मय कृष्ण दास का नहीं,बल्कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता का भी है।
#ChinmoyKrishnaDas#Bangladesh
🌺“सनातन केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन को देखने की एक ऐसी दृष्टि है जिसमें प्रकृति, परिवार, समाज और आत्मा-चारों के बीच संतुलन की बात होती है।”
#sanatan#hindutva#Mañanera#gauravbhatiya
अगर कानून सुरक्षा के लिए बना है, तो उसका इस्तेमाल किसी को डराने का हथियार क्यों बनने दिया जाए? SC/ST एक्ट में अजीत भारती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सवाल और गंभीर है। न्याय ऐसा हो जिसमें न किसी को विशेषाधिकार मिले, न ही किसी के साथ अन्याय हो। @ajeetbharti#अजीतभारती
#सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित #मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के एक दिन बाद मलबा हटा तो वहां करीब 20 फीट गहरा कुआं दिखाई दिया। इससे मौके पर हलचल मच गई। इसके बाद कटर से स्लैब काटा गया तो करीब डेढ़ मीटर व्यास का कुआं दिखाई दिया, जिसकी गहराई लगभग 20 फीट है।
#saharanpur#viral
देश में जातियों के नाम पर कानून,आयोग और मंत्रालय बनाना,देश के अंदर अस्थिरता उत्पन्न करने की साजिश है।जोकि अंग्रेजी काल से चली आ रही है।
इसे निरंतर बनाए रखने वाली सरकारें भी वोटबैंक के लालच में इन संस्थाओं को मजबूत करती हैं ताकि जातिगत संघर्ष को बढ़ावा मिले।
#castpolitics#pmmodi
इसे स्मरण रखें और दीपावली में सामान वहीं से लें जिस दुकान के मालिक और कर्मचारी, आपके पैसों से कमाए लाभ से अपने परिवार के संग दीवाली मना सकें। ध्यान रहे, अपनी ही हत्या की फंडिंग न करें।
पैदा होने से पहले काफिरों के भोजन, पूजा सामग्री में थूकना, मूतना, हगना आदि ऐसे ही सीखी जाती है। संभव है हलाला करते समय ही ये सब कान में बोला जाता होगी।
@manojmuntashir ने #आदिपुरुष फ़िल्म मे घटिया स्तर का संवाद लिखकर, हिन्दू जनभावना का अपमान किया है।
ऐतिहासिक चरित्रों से खिलवाड़ करके,देवपुरुषों के लिए सड़क छाप संवाद कोई राष्ट्रभक्त लेखक कभी नहीं लिख सकता?
बॉलीवुड में पैसे के लिए धर्म से खिलवाड़,हमेशा हुआ है।
#Adipursh#bmks
@Profdilipmandal मंदिर ब्राम्हणों की बपौती नहीं है। खुद मंदिर बनवाइये और बनिए उसमें पुजारी कौन रोक रहा है?
लेकिन आप लोगों का उद्देश्य तो समाज मे जहर फैलाना है इसलिए ऐसा नहीं करेंगे??
दो नावों में पैर रखना खतरनाक होता है।
पहले तय कर लीजिए कि 22 प्रतिज्ञा मानना है? या पुजारी बनना है?
@Profdilipmandal बीमारी तो पुरानी है पर 70 साल से चल रहे इलाज से आज तक एक भी बीमार ठीक नहीं हुआ??
बल्कि इस दवाई की लालच में और आर्टिफिशियल बीमार पैदा होते जा रहे हैं।
इसलिए दवा की जाँच-पड़ताल जरूरी है कि वह कारगर है भी या नही? और जरूरत पड़ने पर उस दवा में बदलाव करना भी देशहित में होगा।
@Profdilipmandal तुम्हें श्रीकृष्ण द्वारा सुदामा के पैर धोने से दिक्कत है,तुम्हे श्री राम द्वारा शबरी के जूँठे बेर खाने से दिक्कत है।तुम्हे हर उस चीज से दिक्कत है। जिससे हिंदुओ की एक जाति का दूसरे जाति से कोई भी सार्थक सकारात्मक संबंध बनता है।क्योंकि तुम भी देश को तोड़ने वाले गैंग के ही सदस्य हो।