SI भर्ती 2021 का रि एग्जाम करवाने,RPSC का पुनर्गठन व RPSC में स्थाई चेयरमैन की नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने आज पुनः जयपुर आवास पर मुलाकात की |
मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहता हूं कि भर्ती संस्थाओं की कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने व चुनाव से पूर्व RPSC के पुनर्गठन को लेकर किए गए वादे को कब निभाओगे ?
सरकार को इन अभ्यर्थियों की मांग का शीघ्र सकारात्मक हल निकालना चाहिए |
@RajCMO
RPSC द्वारा किए जा रहें है अन्याय के ख़िलाफ़ 29 SEP को शहीद स्मारक जयपुर पर किए जा रहें धरने प्रदर्शन में सभी युवा ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में भाग ले जिससे युवाओं के साथ हो रहें खिलवाड़ को बंद करवाया जा सके ।
स्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ साथ
पेपर लेवल जानबूझकर हार्ड देकर पद रिक्त रखने की
विसंगति को दूर करवाने की माँग मजबूती से बुलंद की जा सके ।
मिलकर लड़ेंगे तो सुधार होगा वरना यूँही खिलवाड़ होता रहेगा ।
SI भर्ती 2021 के युवाओं का पाँच साल ख़राब इसी विसंगति की वजह से हो गए है ।
सिस्टम के ख़िलाफ़ लड़ने वालों की ही सिस्टम सुनता है ।
@BhajanlalBjp
EWS वर्ग की प्रमुख मांगें।🙏🏻
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को आरक्षण मिलने के बावजूद आज भी इस वर्ग के अभ्यर्थियों को अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
1. EWS प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया जाए। वर्तमान में OBC की तुलना में EWS प्रमाण-पत्र बनवाना अधिक जटिल है।
2. EWS प्रमाण-पत्र की वैधता केवल एक वर्ष होने के स्थान पर कम से कम 3 से 5 वर्ष की जाए, ताकि प्रत्येक वर्ष नया प्रमाण-पत्र बनवाने की आवश्यकता न पड़े।
3. EWS के लिए निर्धारित ₹8 लाख वार्षिक आय सीमा को वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ₹12–15 लाख तक बढ़ाया जाए।
4. EWS प्रमाण-पत्र के लिए आय सीमा के अतिरिक्त लागू अन्य शर्तों को हटाया जाए।
5.सभी परीक्षाओं में Exam Fee सभी के लिए समान होना चाहिए। किसी वर्ग के लिए ₹0 और किसी अन्य वर्ग के लिए ₹1000 शुल्क जैसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए।
6.सभी अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा Age Limit समान होनी चाहिए। प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा में सभी वर्गों के लिए एक समान आयु सीमा लागू की जाए।
7. आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को भी SC/ST ओबीसी की तरह छात्रवृत्ति Scholarship और शैक्षणिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए।
8. कक्षा, विद्यालय या कॉलेज में किसी भी छात्र का उसकी जाति, वर्ग या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर मज़ाक उड़ाने, अपमान करने या भेदभाव करने पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रभावी कानूनी प्रावधान होने चाहिए।
9. विवाहित महिलाओं के EWS प्रमाण-पत्र हेतु वर्तमान में पिता, पति, स्वयं तथा ससुराल पक्ष की आय को आधार बनाने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल एवं अव्यावहारिक है। इस व्यवस्था को सरल और व्यावहारिक बनाया जाए।
10. भूमि संबंधी पात्रता को हटाया जाए। राजस्थान जैसे रेगिस्तानी एवं बंजर क्षेत्रों में केवल भूमि के आधार पर आर्थिक स्थिति का आकलन करना उचित नहीं है।
11. EWS आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 30% किया जाए। यह मांग सभी EWS वर्गों के लिए है
12. आर्मी पब्लिक स्कूल, सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय तथा अन्य समान सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में भी EWS आरक्षण का प्रावधान किया जाए।
13. पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी निकायों में भी EWS आरक्षण प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
14. EWS अभ्यर्थियों को भी निम्न सुविधाएँ प्रदान की जाएँ।
- आवेदन शुल्क में छूट।
- भर्ती परीक्षाओं में आयु सीमा में छूट।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास (Attempts) में छूट।
- जहाँ उपयुक्त हो, वहाँ कटऑफ अथवा अर्हता अंकों में उचित रियायत।
- छात्रवृत्ति एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ।
15. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति, कोचिंग सहायता, शिक्षा एवं रोजगार संबंधी कल्याणकारी योजनाएँ प्रारंभ की जाएँ, जिससे उन्हें समान अवसर प्राप्त हो सकें।
16. EWS प्रमाण-पत्र हेतु आय की गणना Obc की तरह केवल माता-पिता की आय के आधार पर की जाए। इसमें स्वयं, भाई-बहन अथवा अन्य पारिवारिक सदस्यों की आय को शामिल न किया जाए। साथ ही, OBC की तरह कृषि से होने वाली आय तथा सरकारी नौकरी में कार्यरत माता-पिता की वेतन आय को भी आय गणना में शामिल न किया जाए।
17. EWS विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों हेतु विशेष छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण पर ब्याज अनुदान तथा निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जाए।
18. यदि किसी भर्ती या प्रवेश प्रक्रिया के दौरान EWS की आरक्षित सीटें रिक्त रह जाएँ, तो उन्हें उसी भर्ती चक्र में पात्र EWS अभ्यर्थियों से भरने का प्रयास किया जाए।
19. EWS विद्यार्थियों के लिए मेडिकल, इंजीनियरिंग, विधि (Law), प्रबंधन तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति (Fee Reimbursement) की विशेष व्यवस्था की जाए।
20. सरकारी आवास, स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास एवं स्वरोजगार ऋण योजनाओं में EWS वर्ग को प्राथमिकता एवं विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।
21. EWS वर्ग के लिए एक समर्पित शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism) स्थापित किया जाए, जिससे प्रमाण-पत्र, आरक्षण अथवा अन्य लाभों से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
22. सभी सरकारी छात्रावासों (Hostels) विद्यालयों एवं सरकारी आवास योजनाओं में EWS वर्ग के लिए पृथक आरक्षण या प्राथमिकता प्रदान की जाए।
23. केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा संचालित सभी नई कल्याणकारी योजनाओं में EWS वर्ग को भी समान अवसर एवं प्राथमिकता प्रदान की जाए।
24.EWS वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा, शोध (Research) विदेश अध्ययन तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों हेतु विशेष छात्रवृत्ति एवं वित्तीय सहायता योजनाएँ प्रारंभ की जाएँ।
अब तक यही संगठन नहीं था अब जोरदार संगठन बनेगा और इस बंदे को अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए ताकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो सके ...
नौकरी नौकरी होती है और ख़ुशी होनी भी चाहिए...मुझे लगता है यह बंदा ख़ूब जियेगा इस नौकरी को
#educationreform#reservationreform राष्ट्र के लिए.
एजुकेशन रिफॉर्म और रिजर्वेशन रिफॉर्म राष्ट्र के भविष्य से जुड़े विषय हैं। मैं सभी राष्ट्रहित में सोचने वाले नागरिकों से अनुरोध करता हूँ कि वे इस विषय पर खुली और रचनात्मक चर्चा का समर्थन करें। यह आंदोलन किसी जाति या समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग के लिए है।
मेरा मानना है कि यदि गरीब, वंचित और शोषित वर्गों को कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर विद्यालय, आवश्यक संसाधन और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, तो उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए अधिक अवसर प्राप्त होंगे। हमें ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जहाँ प्रत्येक बच्चे को समान प्रारंभिक अवसर मिलें और वह अपनी क्षमता के आधार पर आगे बढ़ सके।
आज भारत को स्वास्थ्य, विज्ञान और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में विश्व के अग्रणी देशों की श्रेणी में लाने के लिए शिक्षा में व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। एक मजबूत और समावेशी शिक्षा प्रणाली ही देश की वास्तविक शक्ति बन सकती है। हमें इस बात पर गंभीरता से विचार करना होगा कि आने वाली पीढ़ियों को कैसे बेहतर अवसर और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जाए।
यदि हम भारत को इन क्षेत्रों में नंबर वन बनाना चाहते हैं, तो शिक्षा सुधारों पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और ठोस कदम उठाना आवश्यक है। आप सभी से अनुरोध है कि इस विषय पर अपनी आवाज़ उठाएँ, सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाएँ और इसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करें।
जिन लोगो में शर्म होती है वो एक पेपर लीक पर भी इस्तीफ़ा दे देते है ..
कुछ निहायती बेशर्म होते है वो 19 पेपर लीक पर भी इस्तीफ़ा नहीं देते है
क्यों डोटासरा साहब @GovindDotasra
2018 के बाद तो आपकी सरकार बनी थी तो आप सजा दे देते आपने क्यों नहीं दी।
क्या 2018 के बाद पेपर लीक नहीं हुए? लगता है राजस्थान पुलिस SI की भर्ती भूल गये जो कोर्ट ने अभी फैसला सुनाते हुए रद्द की थी और ऐसी अनेको भर्तिया करवाई थी आपने।
माननीय अपने गिरेबान में झांको पहले फिर बात करना😡