It's Shameful that responsible and Regulatory Organisation like DGCA has fraud degree holders running the Org.
While millions of youngsters are not getting jobs inspite of having a legal degree, it seems jobs are usurped by influential persons by purchasing "fake degrees"
Read books. Read articles. Read research papers. Listen to music. Listen to podcasts. Listen to people who think differently from you. Dance to the songs you love. Go swimming. Go for a walk without carrying your phone. Go hiking. Go for coffee hopping. Buy magazines. Read old newspapers. Sit in a library. Visit a museum. Watch the sunset. Watch the sunrise. Stare at your walls. Stare at the ceiling. Stare at the stars from your terrace. Sit in a garden and observe people passing by. Watch the trees move with the wind. Listen to the birds. Listen to the rain. Sit in silence without feeling the need to fill every second with content. Write things down. Carry a notebook. Journal your thoughts. Sketch badly. Paint something. Learn an instrument. Grow a plant. Cook a meal from scratch. Call an old friend. Travel somewhere nearby. Get lost in a new neighborhood. Visit a bookstore and leave with a book you weren't planning to buy.
this is life all about.
मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं, और I.O भी कुलदीप ही हैं ।
SP महोदय से निवेदन है कि आप इस मामले में उचित कार्यवाही करें ।
कुलदीप कुमार के लिए किसी ज़िन्दगी मौत की कीमत नहीं है. 9 दिन में एक भी अभियुक्त गिरफ्तार नहीं हुआ
@bijnorpolice@Uppolice@myogiadityanath@dgpup
19 मई को ये घटना घटती है, 4 दिन बाद 23 को FIR दर्ज हुई, जबकि घटना के तत्काल बाद तहरीर देदी थी,
चौकी इंचार्ज झालू, थाना हलदौर कुलदीप कुमार मामले में बिल्कुल गंभीर नहीं दिखे ।
FIR हुए आज 5 दिन हो गए लेकिन एक भी गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर पायी है ।
कुलदीप कुमार पहले दिन से
सकौती में महाराजा सूरजमल साहब की प्रतिमा वाले आयोजन में जाट बौद्धिक रूप से कमजोर किया गया. हिन्दू ह्रदय सम्राट लिखकर चौ. छोटूराम के मूले, सिख़ और दूसरे सम्प्रदाय को मानने वाले जाटो को छिटका दिया, एक संगठन का नाम हटाने को उसे जाट से जोड़ा जो स्थानीय लोगों को अच्छा नहीं लगा.
11 राज्यों के प्रतिनिधि पहुंचेंगे यूजीसी के समर्थन में राष्ट्रीय सेमिनार में नई दिल्ली के ग़ालिब इंस्टिट्यूट. मुख्य अतिथि @AzadSamajParty के राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief मा. सांसद नगीना व @hanumanbeniwal सुप्रीमो @RLPINDIAorg मा. सांसद नागौर.
अब 24 मार्च को होगा नई दिल्ली के ग़ालिब इंस्टिट्यूट में जाट यूनिवर्सल मिशन के बैनर तले यूजीसी के समर्थन में सेमिनार. @AzadSamajParty के राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief औऱ @RLPINDIAorg के राष्ट्रीय अध्यक्ष @hanumanbeniwal होंगे मुख्य अतिथि.
"अगर कांग्रेस ढंग से काम करती तो बीजेपी आती नहीं, आने के बाद आप कहो उन्होंने ये किया-वो किया, किसानों को फुटबॉल मत बनाइए" : MSP की गारंटी पर किसान नेता वी. एम. सिंह
बीजेपी प्रवक्ता @pradip103 ने दिया जवाब!
#Tariffs#हल्ला_बोल | @anjanaomkashyap
It's Shameful that responsible and Regulatory Organisation like DGCA has fraud degree holders running the Org.
While millions of youngsters are not getting jobs inspite of having a legal degree, it seems jobs are usurped by influential persons by purchasing "fake degrees"
#शत्रु_बोध : जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर का तिलिस्म
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1994 का साल कश्मीर के लिए किसी जासूसी उपन्यास सा बीत रहा था. घाटी में आतंकी वारदात को अंजाम देने वाले लोकल संगठन JKLF और ISI के बीच दूरियां लगातार बढ़ रही थी .इसके एक धड़े ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पाकिस्तान से आने वाले आतंकियों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. इस संगठन को नाम दिया गया इख्वान.
ISI का कठपुतली संगठन लश्कर मुख्य रूप से अहले हदीस संगठन था. दूसरी तरफ हरकत-उल-मुजाहिद्दीन जोकि एक देवबंदी संगठन था. Hलोकल आतंकी संगठन हिज्ब-उल-मुजाहिदीन पर मुखबिरी का आरोप लगाकर, अपने बन्दूक की नाल की दिशा बदल दी थी. ठीक इसी समय एक पाकिस्तानी मौलाना को पुर्तगाली पासपोर्ट पर बांग्लादेश के रास्ते कश्मीर भेजा गया.
मौलाना अपने सफ़र के दौरान अयोध्या में रुका और दो साल पहले हिन्दू अतिवादियों द्वारा गिराई गई बाबरी मस्जिद के बचे-खुचे मलबे को देखता हुआ आगे बढ़ा. मौलाना को कश्मीर में सज्जाद अफगानी नाम के हरकत-उल-मुजाहिदीन के कमांडर से मिलना था. इसके बाद उसे अलग-अलग आतंकवादी धडों के बीच सामजस्य बैठाने का काम दिया गया था. मौलाना का नाम मसूद अजहर.
अगर किसान आंदोलन पार्ट 1 के समय यहां पर ही @SardarVm की बात को समझ लिया जाता तो किसान कौम का नुकसान न होता ।
लेकिन नेतागिरी के चक्कर में कुछ लोगों ने किसान को डुबो दिया, खासकर इस रिपोर्ट से आप समझ जाएंगे @_YogendraYadav की ❌ भूमिका ।
https://t.co/2WV6tQ8UkM