उत्तर प्रदेश-
DM साहब नाराज़ न होइये - बाढ़ पीड़ित पहले से ही आपदा झेल रहें हैं,उन्हें ज़ोमैटो क्या है पता भी नहीं होगा,उनकी मदद करिये,जनता मात्र मधुर वचनों से खुश हो जाती है..
सैमुअल पॉल एन अम्बेडकर नगर के कलेक्टर हैं !!
श्री मुलायम सिंह यादव जी ने तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में उत्तर प्रदेश को अपना नेतृत्व प्रदान किया।
उन्होंने देश की संसद में 07 बार प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था।
देश के रक्षा मंत्री के रूप में भी उनकी सेवाएं उल्लेखनीय रहीं।
श्री मुलायम सिंह यादव का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। साधारण परिवेश से आए मुलायम सिंह यादव जी की उपलब्धियां असाधारण थीं। ‘धरती पुत्र’ मुलायम जी जमीन से जुड़े दिग्गज नेता थे। उनका सम्मान सभी दलों के लोग करते थे। उनके परिवार-जन व समर्थकों के प्रति मेरी गहन शोक-संवेदनाएं!
PET के लाखों अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र उनके गृह जनपद से सैकड़ों किलोमीटर दूर रखा गया है।
यह निर्णय एक-एक रुपया जोड़ कर चलने वाले सामान्य परिवार के छात्रों पर डाला गया अनावश्यक बोझ है।
मेरा @UPGovt से विनम्र निवेदन है कि इन सभी छात्रों के लिए मुफ्त विशेष बसें चलाई जाएँ।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, श्री मुलायम सिंह यादव जी के अस्वस्थ होने की जानकारी मिलने पर मैंने उनके पुत्र अखिलेश यादव जी से फ़ोन पर बात करके उनका कुशल क्षेम जाना है। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वे जल्द से जल्द स्वस्थ हों।
राम गोपाल ने ठाना है सपा को गर्द में मिलाना है क्योंकि रामगोपाल जी को पता नही है कि जिस लाल कपड़े वाले को हटा रहे हैं वह लखनऊ कैसे पहुँचा है ?
किन परिस्थितियों में पहुँचा है उसको कौन सा पार्टी तनख्वाह देती है बस अखिलेश जी के लिए दीवानगी है
लेखपाल भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गैंग्स से जुड़े 15 हजार अभ्यर्थी बैठे।
किसी परीक्षा में 15 हजार ‘अयोग्य अभ्यर्थियों’ का चयन संघर्षशील प्रतियोगी छात्रों की कड़ी मेहनत और त्याग पर पानी फिरने जैसा है।
इन संदिग्धों की पहचान नहीं हुई तो छात्रों का चयन प्रक्रिया से विश्वास उठ जाएगा।
यूपी पुलिस का सरकारी मोटो "सुरक्षा आपकी,संकल्प हमारा" है, इसीलिए प्रदेश की जनता की सुरक्षा का अटल संकल्प धारण करके अमरोहा में एक व्यक्ति को थप्पड़ों से सलामी देते हुए।
मुख्यमंत्री बताये कि आम जनमानस का कोई आत्मसम्मान होता है या नही?
पुलिस को यह अधिकार किसने दिया @dgpup जवाब दे।
भारत के हिंदू धर्म स्थल लूट का अड्डा बन चुके हैं धर्म के नाम पर तिरुपति बालाजी मैं महिलाओं के साथ अभद्रता करते,यह टीटीडी के कर्मचारी पर कार्यवाही होनी चाहिए । मैं आंध्र गवर्नमेंट से निवेदन करती हूं।ओर यह VIP दर्शन के नाम पर 10500 एक आदमी से लेते है । इसे लूटना बंद करो । @INCIndia
ये सब वो लोग हैं ,जो सत्ता में रहते हुए हमेशा अहंकार के पहाड़ पर बैठे दिखे हैं . किसी से सीधे मुंह बात नहीं करते थे . मनमोहन सरकार में मंत्री रहते हुए सत्ता के नशे में चूर रहे .
जनता पर इनकी इतनी पकड़ है कि इनके नाम पर कहीं रैली हो जाए तो मैदान में सिर्फ पंडाल वाला ही दिखेगा .
अलीगढ़
➡भाजपा नेता ने मजदूरों के साथ की अभद्रता
➡मजदूरों को लात-थप्पड़ मारकर की मारपीट
➡CCTV कैमरे में कैद हुई भाजपा नेता की दबंगई
➡पूर्व जिला उपाध्यक्ष शल्यराज सिंह है भाजपा नेता
➡भाजपा नेता गाड़ी न निकल पाने से हुआ आग-बबूला
#Aligarh
@chitraaum यूपी के बॉर्डर जिले
बहराइच
श्रीवस्ती
बलरामपुर
सिद्धार्थनगर
कुशीनगर
देवरिया
बलिया
गाजीपुर
से लेकर सोनभद्र तक
50% टीचर अपनी जगह पर किसी और को रखते हैं
सैलरी का 25% में ऊपर से नीचे तक सभी अधिकारी और प्राइवेट टीचर सब मैनेज हो जाता है
बस आपको कुछ नहीँ करना अपने घर रहो
जय भीम जय भारत
हर 5 साल में शिक्षकों की भी परीक्षा होनी चाहिए. एक बार सरकारी नौकरी लग जाने पर ज़्यादातर हिस्सों में स्थिति भगवान भरोसे हो जाती है.कई जगहों पर तो सरकारी शिक्षक नौकरी लगने के बाद गाँव में अपने नाम से किसी और को पढ़ाने के लिए लगा देते हैं और पैसा खुद लेते हैं. जाँच हो तो पता चले.
कुछ सवाल
1- 2022 चुनाव हारने के बाद क्या SP में हार की समीक्षा हुई क्या
2-गद्दारों को पार्टी से बाहर किया क्या
3-बूथ लेवल पर कोई कार्य हुआ क्या
4-क्या SP कार्यकर्ता को वो सम्मान
मिलता है जो BJP कार्यकर्ता को
मिलता है
@yadavakhilesh@MPDharmendraYdv@dimpleyadav
@ARajesh_SP
जिन राज्यों में चुनाव समाप्त हो चुके है उन सभी राज्यों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जितनी ज्यादा संख्या में हो हिमाचल और गुजरात की टिकट करा लेनी चाहिए,दो रोटी कम खा लेंगे स्टेशन पर सो लेंगे,एक एक गली पकड़ कर जनता के बीच बैठ जाते है,देखते है कैसे मोदी नहीं हारता।
संघर्ष की भी सीमा होती है।
अभ्यर्थियों की मार्मिक पुकार सुनिए। नौकरी के लिए संघर्ष का एक वर्ष इनके लिए एक दशक से कम नहीं। अगर चयन प्रक्रिया में धांधली हुई तो उसे सुधार कर योग्य अभ्यर्थियों को नौकरी देने में देर क्यों? रिक्त पदों पर खर्च होते बजट, बेरोजगार युवा सड़क पर।आखिर कब तक?