सदन में चंडीगढ़ एयरपोर्ट की क्षमता का पूरा लाभ उठाते हुए अरब देशों के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ाने तथा सिंगापुर, इंग्लैंड और वैंकूवर के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग रखी।
साथ ही क्षेत्र के किसानों और कृषि अर्थव्यवस्था की समृद्धि के लिए कार्गो उड़ानें शुरू करने का सुझाव भी दिया गया।
चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पंजाब, हिमाचल और हरियाणा… तीनों राज्यों की सुगम पहुँच में स्थित है, इसलिए इसका विकास हर क्षेत्र में इन राज्यों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
@Rupali_Gautam19 विदाई का पल भावुक जरूर होता है पर बेटी किसी घर से छूटती नहीं, वह दो परिवारों को जोड़ती है। उसे ‘पराया धन’ नहीं, सम्मान और स्वतंत्र पहचान मिलनी चाहिए।
@news24tvchannel एक महिला नेता को बाल पकड़कर गाड़ी में डालना सिर्फ राजनीतिक दमन नहीं, बल्कि पितृसत्तात्मक सत्ता का चेहरा है। यह सिर्फ पल्लवी पटेल की नहीं, हर उस महिला की लड़ाई है जो अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने से नहीं डरती।
लखनऊ: पल्लवी पटेल की पुलिस से झड़प, बाल पकड़कर गाड़ी के अंदर डाला
◆ पल्लवी पटेल कार्यकर्ताओं के साथ आईटी चौराहे से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाल रही थीं
◆ 15 मिनट बाद हिरासत में रहीं, बाद में सड़क पर लेट गईं पल्लवी
#PallaviPatel | Pallavi Patel | Lucknow
As a woman I believe that the fight for justice begin with truth not gender. Women's safety is essential but the lives crushed by false accusations are just as important because true feminism doesn't demand blind support form justice system.
@CrimeTak#feminist#GenderEquality
ये हालत है लोकल ट्रेनों की , महिलाये अपनी जान जोखिम मे डालकर लटक कर सफर कर रही , लेकिन इन महिलाओं के लिए आज तक किसी ने आवाज नहीं उठाई ,
अगर आप चाहते हो इन रोजमर्रा के सफर करने वालो को न्याय मिले इनके लिए लोकल ट्रेनों की संख्या मे वृद्धि हो तो इस पोस्ट को ज़रूर आगे पहुंचाये ,
It's a shocking & inhuman act. A mother who gave birth, love & lifetime of care deserved dignity in her old age, not cruelty. Such actions stain humanity itself and the strictest punishment should be given to ensure justice & deter such heartless behavior.
@RanjanK7294#INDvsPAK
बुजुर्ग मां को नदी में फेंकने का आरोप बेटे की क्रूरता से इलाके में सनसनी। कैसे बेटा को जो भी सजा मिल जाए कम ही होगा जो मां-बाप पालपोस के इतना बड़ा किया वह मां-बाप का जब बुढ़ापा में सहारा नहीं बन पाया और नदी में फेंक दिया तो ऐसे बेटा का हक नहीं है इस दुनिया में जीने का।